चंदौली। जनपद के किसानों के लिए फार्मर रजिस्ट्री कराना अब अनिवार्य कर दिया गया है। कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की आगामी किस्त का लाभ लेने के लिए किसानों को 30 जनवरी तक फार्मर रजिस्ट्री कराना जरूरी होगा। तय तिथि तक पंजीकरण नहीं कराने वाले किसान इन योजनाओं के लाभ से वंचित रह सकते हैं। उप निदेशक कृषि भीमसेन ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से किसानों का डिजिटल डाटा तैयार किया जा रहा है, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से सीधे पात्र किसानों तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने किसानों से अपील की कि अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते अपनी फार्मर रजिस्ट्री अवश्य करा लें। उन्होंने बताया कि वर्तमान में फार्मर रजिस्ट्री का कार्य कृषि विभाग, राजस्व विभाग के कर्मचारियों और जन सेवा केंद्रों (सीएससी) के माध्यम से किया जा रहा है। इसके अलावा किसान स्वयं भी ऑनलाइन पोर्टल http://upfr.agristack.gov.in या ‘Farmer Registry UP’ मोबाइल ऐप के जरिए पंजीकरण कर सकते हैं। जो किसान ऑनलाइन पंजीकरण करने में असमर्थ हैं, वे नजदीकी जन सुविधा केंद्र पर निर्धारित शुल्क देकर भी यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। फार्मर रजिस्ट्री के लिए किसानों को अपने सभी भूखंडों की खतौनी, मूल आधार कार्ड और आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से साथ रखना होगा। पंजीकरण के दौरान मोबाइल नंबर पर ओटीपी प्राप्त होता है, जिसकी पुष्टि के बाद ही रजिस्ट्री पूरी होती है। कृषि विभाग ने किसानों को सतर्क करते हुए कहा है कि वे अपने मोबाइल पर आने वाला ओटीपी केवल कृषि, राजस्व, पंचायती विभाग या अधिकृत कॉमन सर्विस सेंटर के कर्मियों के साथ ही साझा करें। किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी साझा करने पर साइबर ठगी का खतरा हो सकता है, जिससे किसान आर्थिक नुकसान का शिकार हो सकते हैं।