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नलकूप कर्मचारियों ने दिया धरना
ब्यूरो चंदौली अमर उजाला
Updated Sat, 13 Dec 2014 01:44 AM IST
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ट्यूबवेल टेक्निकल इम्पलाइज एसोसिएशन के बैनर तले नलकूप
मिस्त्री और तकनीकी कर्मचारियों ने शुक्रवार को विकास भवन के समीप धरना
दिया।
कहा कि उनकी समस्याओं पर शासन और सिंचाई विभाग द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है। लंबित मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि नलकूप मिस्त्रियों और तकनीकी कर्मचारियों के वेतनमान के बाबत मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा वर्ष 2002 में जो आदेश जारी किया गया था,
वह आज तक प्रभावी नहीं हो सका है। यही नहीं उक्त संवर्ग के लोगों के पदोन्नति की गाइड लाइन भी अभी तक जारी नहीं की जा सकी है। कहा कि वर्तमान में नलकूप मिस्त्री संवर्ग को साइकिल भत्ता दिया गया है
जबकि इनको मुख्यालय से नलकूपों तक 30 से 40 किमी की दूरी तय करके जाना पड़ता है। जिससे समय से नलकूपों की बंदी पर प्रभावी नियंत्रण कर पाना मुश्किल हो जाता है। प्रमुख अभियंता द्वारा मोटरसाइकिल भत्ता स्वीकृत करने हेतु प्रस्ताव शासन को प्रेषित किया जा चुका है, जिसे स्वीकार किया जाना नितांत आवश्यक है।
कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन व्यवस्था को लागू करने, विभाग में आपूर्ति होने वाले सामानों की गुणवत्ता बढ़ाने आदि मुद्दों को उठाया।
कहा कि उनकी समस्याओं पर शासन और सिंचाई विभाग द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है। लंबित मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि नलकूप मिस्त्रियों और तकनीकी कर्मचारियों के वेतनमान के बाबत मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा वर्ष 2002 में जो आदेश जारी किया गया था,
वह आज तक प्रभावी नहीं हो सका है। यही नहीं उक्त संवर्ग के लोगों के पदोन्नति की गाइड लाइन भी अभी तक जारी नहीं की जा सकी है। कहा कि वर्तमान में नलकूप मिस्त्री संवर्ग को साइकिल भत्ता दिया गया है
जबकि इनको मुख्यालय से नलकूपों तक 30 से 40 किमी की दूरी तय करके जाना पड़ता है। जिससे समय से नलकूपों की बंदी पर प्रभावी नियंत्रण कर पाना मुश्किल हो जाता है। प्रमुख अभियंता द्वारा मोटरसाइकिल भत्ता स्वीकृत करने हेतु प्रस्ताव शासन को प्रेषित किया जा चुका है, जिसे स्वीकार किया जाना नितांत आवश्यक है।
कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन व्यवस्था को लागू करने, विभाग में आपूर्ति होने वाले सामानों की गुणवत्ता बढ़ाने आदि मुद्दों को उठाया।