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पंद्रह घंटे गुल रही चालीस गांवों की बिजली
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इलिया। कस्बा स्थित बिजली उपकेंद्र से जुड़े चालीस गांवों की बिजली 15 घंटे तक गुल रही। इंसुलेटर के फटने से शनिवार की रात नौ बजे गुल हुई। बिजली रविवार को दोपहर 12 बजे बहाल हुई। भीषण गर्मी में बिजली गुल होने से लोग पूरी रात परेशान रहे।
स्थानीय बिजली उपकेंद्र पर चकिया विद्युत उपकेंद्र से बिजली आपूर्ति होती है। चकिया से जंगलों के रास्ते बिजली उपकेंद्र तक पहुंचती है। जंगली पेड़ों से बंधे तार आए दिन पेड़ों से टकरा जाते हैं। इससे शॉर्ट सर्किट और इंसुलेटर फटने की घटना होने से उपकेंद्र की बिजली आपर्ति बंद हो जाती है। शनिवार की रात नौ बजे अचानक बिजली गुल हो गई तो लोगों को लगा कि तकनीकी खराबी से आपूर्ति बंद हुई होगी। देर रात तक आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो लोग बेचैन हो गए। विभाग का फोन घनघनाने लगा। लेकिन सुनवाई नहीं हुई। बिजली आपूर्ति बंद होने से इंवर्टर भी बैठ गए और पंखे आदि बंद होने से लोगों के रात की नींद खराब हो गई। क्षेत्रवासियों का कहना है कि दिन तो जैस-तैसे कट जाता है, लेकिन रात में गर्मी और ऊपर से अंधेरे व मच्छरों का आतंक के कारण हाल बेहाल हो गया। रविवार की सुबह विभाग के अधिकारियों ने गड़बड़ी दूर की और इसके बाद दोपहर 12 बजे बिजली आपूर्ति बहाल हुई। इस संबंध में विभाग के अवर अभियंता घनश्याम ने कहा कि चकिया के पास गांधीनगर जंगल में पेड़ के टकराव के कारण हाईटेंशन तार में लगे इंसुलेटर फट जाने के कारण बिजली आपूर्ति बाधित थी। मैकेनिक भेजकर मरम्मत करा दिया गया है। इसके बाद बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई।
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स्थानीय बिजली उपकेंद्र पर चकिया विद्युत उपकेंद्र से बिजली आपूर्ति होती है। चकिया से जंगलों के रास्ते बिजली उपकेंद्र तक पहुंचती है। जंगली पेड़ों से बंधे तार आए दिन पेड़ों से टकरा जाते हैं। इससे शॉर्ट सर्किट और इंसुलेटर फटने की घटना होने से उपकेंद्र की बिजली आपर्ति बंद हो जाती है। शनिवार की रात नौ बजे अचानक बिजली गुल हो गई तो लोगों को लगा कि तकनीकी खराबी से आपूर्ति बंद हुई होगी। देर रात तक आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो लोग बेचैन हो गए। विभाग का फोन घनघनाने लगा। लेकिन सुनवाई नहीं हुई। बिजली आपूर्ति बंद होने से इंवर्टर भी बैठ गए और पंखे आदि बंद होने से लोगों के रात की नींद खराब हो गई। क्षेत्रवासियों का कहना है कि दिन तो जैस-तैसे कट जाता है, लेकिन रात में गर्मी और ऊपर से अंधेरे व मच्छरों का आतंक के कारण हाल बेहाल हो गया। रविवार की सुबह विभाग के अधिकारियों ने गड़बड़ी दूर की और इसके बाद दोपहर 12 बजे बिजली आपूर्ति बहाल हुई। इस संबंध में विभाग के अवर अभियंता घनश्याम ने कहा कि चकिया के पास गांधीनगर जंगल में पेड़ के टकराव के कारण हाईटेंशन तार में लगे इंसुलेटर फट जाने के कारण बिजली आपूर्ति बाधित थी। मैकेनिक भेजकर मरम्मत करा दिया गया है। इसके बाद बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई।
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