ट्रेनों के परिचालन को पावर बूस्ट: पीडीडीयू मंडल में छह महीने में 18 किमी कॉन्टैक्ट वायर बदले, पेड़ों की छंटाई
चंदौली स्थित पीडीडीयू मंडल में ट्रेनों के सुचारु परिचालन के लिए विद्युत व्यवस्था को मजबूत किया गया है। छह महीने में 38 किलोमीटर कैटेनरी वायर बदला गया। इनमें 18 किलोमीटर पुराने कॉन्टैक्ट वायर शामिल हैं। ओवरहेड विद्युत लाइनों के आसपास 2449 पेड़ों की छंटाई भी कराई गई। इससे ट्रेनों की गति और परिचालन व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है।
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पं. दीनदयाल उपाध्याय मंडल में ट्रेनों के बढ़ते परिचालन और बदलती विद्युत मांग के अनुरूप ट्रैक्शन पावर व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। कर्षण वितरण विभाग की ओर से अप्रैल से सितंबर तक बारुण-डाल्टनगंज खंड में 38.05 किलोमीटर एल्युमिनियम कैटेनरी वायर को कॉपर कॉन्टैक्ट वायर से बदला गया। वहीं, पूरे मंडल में 18.77 किलोमीटर पुराने कॉन्टैक्ट वायर को बदला गया।
मंडल जनसंपर्क अधिकारी विश्वनाथ ने बताया की ट्रैक्शन पावर इलेक्ट्रिक ट्रेनों के परिचालन के लिए जरूरी विद्युत आपूर्ति व्यवस्था है। ओवरहेड विद्युत उपकरणों में लगे कॉन्टैक्ट वायर से लोकोमोटिव का पैंटोग्राफ संपर्क करता है। ऐसे में इसकी नियमित निगरानी और समय से अनुरक्षण ट्रेन परिचालन की सुरक्षा और सुचारुता के लिए महत्वपूर्ण है। पुराने वायर के स्थान पर नए वायर लगाने से विद्युत व्यवस्था की विश्वसनीयता बढ़ने और तकनीकी व्यवधान कम होने की उम्मीद है।
38 हजार से ज्यादा शाखाओं की छंटाई
मानसून से पहले ओवरहेड विद्युत लाइनों को पेड़ों की शाखाओं से होने वाले संभावित व्यवधान से बचाने के लिए बड़े स्तर पर छंटाई अभियान चलाया गया। मंडल में 2,449 पेड़ों और 38,057 शाखाओं की छंटाई की गई। इससे विद्युत लाइनों के सुरक्षित संचालन में मदद मिलेगी।
18 किलोमीटर साइडिंग का विद्युतीकरण
कर्षण वितरण विभाग ने विभिन्न साइडिंग लाइनों को भी विद्युत व्यवस्था से जोड़ा है। कुल 18 किलोमीटर साइडिंग का विद्युतीकरण पूरा किया गया। इसमें डीडीयू के डाउन मार्शलिंग यार्ड, डाउन डिपार्चर यार्ड, भभुआ रोड डाउन साइडिंग, पहलेजा, पुसौली और दुर्गावती अप साइडिंग के दिल्ली छोर शामिल हैं।
प्रतिदिन 700 से ज्यादा ट्रेनों का परिचालन
पीडीडीयू मंडल में प्रतिदिन औसतन 700 से ज्यादा ट्रेनों का परिचालन हो रहा है। विशेष अवसरों पर ट्रेनों की संख्या और फेरे में और वृद्धि होती है। इसके साथ ही ट्रैक्शन पावर की मांग में भी लगातार बदलाव होता रहता है। विभाग की ओर से विभिन्न ट्रैक्शन पावर क्षेत्रों में विद्युत मांग की लगातार निगरानी कर भार का समायोजन किया जा रहा है।