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आठ सीएम पहुंचे एक साथ, चंदौली में बना इतिहास
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पीडीडीयू नगर/पड़ाव। देश के आठ राज्यों के मुख्यमंत्री और चार उपमुख्यमंत्री मंगलवार को पड़ाव स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्थल पहुंचे। यह चंदौली के लिए इतिहास बन गया। मुख्यमंत्रियों ने पंडित जी का आशीर्वाद लेने के साथ एक घंटे तक पैदल घूमकर स्मृति स्थल के कोने-कोने की सुंदरता को निहारा। पं. दीनदयाल उपाध्याय का जीवन दर्शन और विचारधारा को काफी करीब से जानकर सभी मंत्रमुग्ध दिखे। बताया कि यहां आकर दिव्य अनुभूति हुई है जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।
विश्वनाथ कॉरिडोर के लोकार्पण के लिए वाराणसी आए 12 राज्यों के मुख्यमंत्रियों में से आठ मुख्यमंत्री शाम 5:10 बजे पड़ाव स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्थल पर पहुंचे। स्मृति स्थल के द्वार पर स्वागत के बाद वे पैदल ही उपवन में बनी पं. दीनदयाल उपाध्याय की 63 फीट ऊंची प्रतिमा के पास गए। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र भाई पटेल, मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह, अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रेमा खांडू, गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा और त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लव कुमार देव के साथ बिहार के उपमुख्यमंत्री तारकेश्वर प्रसाद और रेणू देवी ने पंडित जी को पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद उसकी परिक्रमा करते हुए स्मृति स्थल में इंटरप्रिटेशन वॉल पर कलाकृतियों के माध्यम से उकेरे गए पंडित जी के विचारों और सिद्धांतों को जाना। एकात्म मानववाद के सिद्धांतों को आत्मसात कर विश्वभर में फैलाने का संकल्प भी लिया। इस दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सभी मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों को पं. दीनदयाल उपाध्याय के जीवन और दर्शन के बारे में विस्तृत रूप से बताया। इस मौके पर विधायक सुशील सिंह, विधायक साधना सिंह, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महिला मोर्चा दर्शना सिंह, अनिल कुमार गुप्ता गुड्डू ,चंदौली जिला अध्यक्ष अभिमन्यु सिंह, वाराणसी जिला अध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा,प्रशांत श्रीवास्तव ,राणा सिंह, शिवम शाह ,रमेश जायसवाल मौजूद रहे।
पड़ाव। पं. दीनदयाल उपाध्याय के जीवन के बारे में जेपी नड्डा मुख्यमंत्रियों को बता रहे थे। उन्होंने बताया कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय 10 फरवरी 1968 को सियालदह एक्सप्रेस से लखनऊ से पटना जा रहे थे। 11 फरवरी की सुबह मुगलसराय स्टेशन के खंभा नंबर 1276 पर पं. दीनदयाल उपाध्याय का शव पड़ा मिला था। आज तक यह पता नहीं चल पाया कि उनकी मृत्यु कैसे हुई थी। उनकी अंतिम सांस आज भी सस्पेंस बनी हुई है। उनको जनसंघ का राष्ट्रीय अध्यक्ष बने मात्र एक महीने ही हुए थे। यह बताते हुए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का गला भर आया और वे काफी भावुक हो गए। मुख्यमंत्री भी कुछ देर तक शांत रहे।
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पड़ाव। पं. दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्थल के मुख्य द्वार पर काफी दिनों से एलईडी टीवी लगाने की कवायद की जा रही थी। मुख्यमंत्रियों के आने की सूचना के बाद सोमवार को एलईडी टीवी लगा दी गई और सोमवार की शाम से यह चालू भी हो गई। इस पर काशी विश्वनाथ धाम के साथ सरकार के विकास कार्यों को दिखाया जा रहा था। मंगलवार को जब मुख्यमंत्री स्मृति स्थल पर पहुंचे उससे पहले ही टीवी खराब हो गई। आनन-फानन में मोबाइल वाहन की टीवी मंगाकर स्थल के बाहर लगाया गया।
पीडीडीयू नगर। पं. दीनदयाल उपाध्याय का शव मुगलसराय में मिला था। पंडित जी के जीवन के आखिरी पड़ाव की स्मृति में पड़ाव पर यह स्मृति स्थल बनाने की परिकल्पना भाजपा सरकार ने किया। पांच अगस्त-2018 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पंडित दीनदयाल स्मृति स्थल की घोषणा करते हुए भाजपा गृहमंत्री अमित शाह के हाथों शिलान्यास करवाया था। पड़ाव चौराहे पर गन्ना विकास संस्थान की करीब 3.67 हेक्टेयर जमीन में पं. दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्थल बनाया गया। जयपुर की कंपनी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 63 फीट ऊंची अष्टधातु की प्रतिमा बनाई। पीएम मोदी ने 16 फरवरी 2020 को इसका लोकार्पण किया था। इस स्मारक में प्रतिमा के साथ संग्रहालय, प्रदर्शनी, कुंड का निर्माण किया गया है। दीवारों पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जीवन सिद्धांत और आदर्श वाक्य को उकेरा गया है।
पड़ाव। पं. दीनदयालय उपाध्याय स्मृति स्थल पर आए आठ राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियो को नाश्ते में चंदौली के मशहूर ब्लॅक राइस की खीद परोसी गई। खाने के साथ-साथ पास खड़े अधिकारियों ने इसके गुणों से भी उन्हें अवगत कराया। बताया कि चंदौली के किसानों ने काफी पड़े पैमाने पर ब्लैक राइस की खेती कर जिले को विश्व में पहचान दिलाई है। मुख्यमंत्री और उनकी पत्नियों ने बड़े चाव से खीर को चखा और बताया कि इसका स्वाद काफी अनूठा है। इसके साथ नाश्ते में अतिथियों को दही कबाब, जूस, टी, कॉफी, पेस्टी, स्प्रींग रोल, कॉकलेट दिया गया।संवाद
पीडीडीयू नगर। गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत की पत्नी और गोवा में भाजपा के महिला मोर्चा की प्रदेेश प्रभारी सुलोचना प्रमोद सावंत ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वजह से एक साथ 12 मुख्यमंत्रियों और उनके परिवार को एक साथ मिलने का मौका मिला है। वाराणसी में लोकार्पण के बाद शाम में हुई गंगा आरती के दौरान अलौकिक अनुभूति हुई। पं.दीनदयाल उपाध्याय का दर्शन कर मन में एक अनूठी उर्जा का संचार हुआ है। संवाद
पड़ाव।पं. दीनदयालय उपाध्याय स्मृति स्थल पर दोपहर दो बजे मुख्यमंत्रियों को आना था। इसलिए दोपहर 12 बजे के बाद पुलिस ने बैरिकेंडिंग लगाकर वाहनों को रोक दिया। मुख्यमंत्री शाम पांच बजे पहुंचे। एक घंटे रूकने के बाद जब वे शाम छह बजे वापस लौटे तो उनके जाते ही जैसे ट्रैफिक खुली। पूरे चौराहे पर घंटों तक भीषण जाम लगा रहा। संवाद
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विश्वनाथ कॉरिडोर के लोकार्पण के लिए वाराणसी आए 12 राज्यों के मुख्यमंत्रियों में से आठ मुख्यमंत्री शाम 5:10 बजे पड़ाव स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्थल पर पहुंचे। स्मृति स्थल के द्वार पर स्वागत के बाद वे पैदल ही उपवन में बनी पं. दीनदयाल उपाध्याय की 63 फीट ऊंची प्रतिमा के पास गए। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र भाई पटेल, मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह, अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रेमा खांडू, गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा और त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लव कुमार देव के साथ बिहार के उपमुख्यमंत्री तारकेश्वर प्रसाद और रेणू देवी ने पंडित जी को पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद उसकी परिक्रमा करते हुए स्मृति स्थल में इंटरप्रिटेशन वॉल पर कलाकृतियों के माध्यम से उकेरे गए पंडित जी के विचारों और सिद्धांतों को जाना। एकात्म मानववाद के सिद्धांतों को आत्मसात कर विश्वभर में फैलाने का संकल्प भी लिया। इस दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सभी मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों को पं. दीनदयाल उपाध्याय के जीवन और दर्शन के बारे में विस्तृत रूप से बताया। इस मौके पर विधायक सुशील सिंह, विधायक साधना सिंह, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महिला मोर्चा दर्शना सिंह, अनिल कुमार गुप्ता गुड्डू ,चंदौली जिला अध्यक्ष अभिमन्यु सिंह, वाराणसी जिला अध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा,प्रशांत श्रीवास्तव ,राणा सिंह, शिवम शाह ,रमेश जायसवाल मौजूद रहे।
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पड़ाव। पं. दीनदयाल उपाध्याय के जीवन के बारे में जेपी नड्डा मुख्यमंत्रियों को बता रहे थे। उन्होंने बताया कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय 10 फरवरी 1968 को सियालदह एक्सप्रेस से लखनऊ से पटना जा रहे थे। 11 फरवरी की सुबह मुगलसराय स्टेशन के खंभा नंबर 1276 पर पं. दीनदयाल उपाध्याय का शव पड़ा मिला था। आज तक यह पता नहीं चल पाया कि उनकी मृत्यु कैसे हुई थी। उनकी अंतिम सांस आज भी सस्पेंस बनी हुई है। उनको जनसंघ का राष्ट्रीय अध्यक्ष बने मात्र एक महीने ही हुए थे। यह बताते हुए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का गला भर आया और वे काफी भावुक हो गए। मुख्यमंत्री भी कुछ देर तक शांत रहे।
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पीडीडीयू नगर। पं. दीनदयाल उपाध्याय का शव मुगलसराय में मिला था। पंडित जी के जीवन के आखिरी पड़ाव की स्मृति में पड़ाव पर यह स्मृति स्थल बनाने की परिकल्पना भाजपा सरकार ने किया। पांच अगस्त-2018 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पंडित दीनदयाल स्मृति स्थल की घोषणा करते हुए भाजपा गृहमंत्री अमित शाह के हाथों शिलान्यास करवाया था। पड़ाव चौराहे पर गन्ना विकास संस्थान की करीब 3.67 हेक्टेयर जमीन में पं. दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्थल बनाया गया। जयपुर की कंपनी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 63 फीट ऊंची अष्टधातु की प्रतिमा बनाई। पीएम मोदी ने 16 फरवरी 2020 को इसका लोकार्पण किया था। इस स्मारक में प्रतिमा के साथ संग्रहालय, प्रदर्शनी, कुंड का निर्माण किया गया है। दीवारों पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जीवन सिद्धांत और आदर्श वाक्य को उकेरा गया है।
पड़ाव। पं. दीनदयालय उपाध्याय स्मृति स्थल पर आए आठ राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियो को नाश्ते में चंदौली के मशहूर ब्लॅक राइस की खीद परोसी गई। खाने के साथ-साथ पास खड़े अधिकारियों ने इसके गुणों से भी उन्हें अवगत कराया। बताया कि चंदौली के किसानों ने काफी पड़े पैमाने पर ब्लैक राइस की खेती कर जिले को विश्व में पहचान दिलाई है। मुख्यमंत्री और उनकी पत्नियों ने बड़े चाव से खीर को चखा और बताया कि इसका स्वाद काफी अनूठा है। इसके साथ नाश्ते में अतिथियों को दही कबाब, जूस, टी, कॉफी, पेस्टी, स्प्रींग रोल, कॉकलेट दिया गया।संवाद
पीडीडीयू नगर। गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत की पत्नी और गोवा में भाजपा के महिला मोर्चा की प्रदेेश प्रभारी सुलोचना प्रमोद सावंत ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वजह से एक साथ 12 मुख्यमंत्रियों और उनके परिवार को एक साथ मिलने का मौका मिला है। वाराणसी में लोकार्पण के बाद शाम में हुई गंगा आरती के दौरान अलौकिक अनुभूति हुई। पं.दीनदयाल उपाध्याय का दर्शन कर मन में एक अनूठी उर्जा का संचार हुआ है। संवाद
पड़ाव।पं. दीनदयालय उपाध्याय स्मृति स्थल पर दोपहर दो बजे मुख्यमंत्रियों को आना था। इसलिए दोपहर 12 बजे के बाद पुलिस ने बैरिकेंडिंग लगाकर वाहनों को रोक दिया। मुख्यमंत्री शाम पांच बजे पहुंचे। एक घंटे रूकने के बाद जब वे शाम छह बजे वापस लौटे तो उनके जाते ही जैसे ट्रैफिक खुली। पूरे चौराहे पर घंटों तक भीषण जाम लगा रहा। संवाद