{"_id":"6a948eb6b71bbdd3b006705c","slug":"163-crore-cow-shelter-does-not-have-a-single-cow-chandauli-news-c-189-1-svns1011-153795-2026-08-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandauli News: 1.63 करोड़ की गोशाला में एक भी गाय नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandauli News: 1.63 करोड़ की गोशाला में एक भी गाय नहीं
विज्ञापन
धानापुर में शोपीस पड़ा गौशाला। संवाद
धानापुर। स्थानीय कस्बा के सिंहावल क्षेत्र में एक करोड़ 63 लाख रुपये से एक साल पहले बनी जिले की सबसे बड़ी गोशाला में एक भी गाय नहीं पहुंची है। परिसर में व्याप्त अव्यवस्थाओं और निर्माण के क्षतिग्रस्त होने से गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
करीब पांच बीघे में बने गौशाला परिसर में भूसा गोदाम और पशुओं के चारा खाने की व्यवस्था की गई है लेकिन पर्याप्त बाउंड्रीवाल नहीं होने के कारण परिसर में कुत्तों के अलावा अन्य आवारा और जंगली जानवर घूमते रहते हैं।
गौशाला को तार से घेरा गया है लेकिन कई स्थानों पर तार क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। ऐसे में पशुओं को यहां रखने पर उनकी सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है। बारिश के बाद परिसर में जल निकासी की समस्या भी सामने आई है। जगह-जगह पानी जमा होने से कीचड़ की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीण मोहन यादव, निरहू यादव, सोहन और सर्जन ने निर्माण कार्य में अनियमितता का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण में कम गुणवत्ता वाली ईंटों का इस्तेमाल किया गया है जिससे कई स्थानों पर भवन क्षतिग्रस्त होने लगा है।
विज्ञापन
व्यवस्थाओं का दिख रहा अभाव : ग्राम प्रधान रामजी कुशवाहा ने बताया कि करीब एक वर्ष पहले गौशाला का निर्माण पूरा हो गया था, लेकिन पशुओं को रखने के लिए जरूरी व्यवस्थाएं अभी तक पूरी नहीं हो सकी हैं। बाउंड्रीवाल समेत अन्य व्यवस्थाएं दुरुस्त होने के बाद ही पशुओं को सुरक्षित रखा जा सकेगा। स्थानीय लोगों ने गौशाला की स्थिति की जांच कराने, जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराने और मजबूत बाउंड्रीवाल बनवाने की मांग की है। संवाद
विज्ञापन
करीब पांच बीघे में बने गौशाला परिसर में भूसा गोदाम और पशुओं के चारा खाने की व्यवस्था की गई है लेकिन पर्याप्त बाउंड्रीवाल नहीं होने के कारण परिसर में कुत्तों के अलावा अन्य आवारा और जंगली जानवर घूमते रहते हैं।
विज्ञापन
गौशाला को तार से घेरा गया है लेकिन कई स्थानों पर तार क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। ऐसे में पशुओं को यहां रखने पर उनकी सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है। बारिश के बाद परिसर में जल निकासी की समस्या भी सामने आई है। जगह-जगह पानी जमा होने से कीचड़ की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीण मोहन यादव, निरहू यादव, सोहन और सर्जन ने निर्माण कार्य में अनियमितता का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण में कम गुणवत्ता वाली ईंटों का इस्तेमाल किया गया है जिससे कई स्थानों पर भवन क्षतिग्रस्त होने लगा है।
विज्ञापन
व्यवस्थाओं का दिख रहा अभाव : ग्राम प्रधान रामजी कुशवाहा ने बताया कि करीब एक वर्ष पहले गौशाला का निर्माण पूरा हो गया था, लेकिन पशुओं को रखने के लिए जरूरी व्यवस्थाएं अभी तक पूरी नहीं हो सकी हैं। बाउंड्रीवाल समेत अन्य व्यवस्थाएं दुरुस्त होने के बाद ही पशुओं को सुरक्षित रखा जा सकेगा। स्थानीय लोगों ने गौशाला की स्थिति की जांच कराने, जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराने और मजबूत बाउंड्रीवाल बनवाने की मांग की है। संवाद