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ईद-उल-अजहा आज, सुबह 6:30 से 8:15 बजे तक अदा होगी नमाज
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बकरीद के पूर्व संध्या पीडीडीयू नगर में सेवई की खरीदारी करते लोग। संवाद
पीडीडीयू नगर। जिले में कुर्बानी पर्व ईद-उल-अजहा (बकरीद) बृहस्पतिवार को अकीदत के साथ मनाई जाएगी। इसकी तैयारी पूरी हो चुकी है। बृहस्पतिवार की सुबह जामा मस्जिद सहित अन्य मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज अदा की जाएगी। इसके पहले बाजार में सामान की खरीदारी के लिए लोग जुटे रहे।
त्योहार की पूर्व संध्या पर नगर के जामा मस्जिद, अलीनगर स्थित जामा मस्जिद, शाहकुटी ईदगाह, इस्लामपुर ईदगाह, कसाब महाल स्थित मीनारा मस्जिद, इस्लामपुर स्थित मस्जिद, दुलहीपुर स्थित मस्जिद में नमाज की तैयारियां पूरी कर ली गई। लोगों ने हैसियत के मुताबिक कुर्बानी के लिए जानवरों का इंतजाम किया।
जीटी रोड स्थित जामा मस्जिद, अलीनगर जामा मस्जिद के समीप सेंवई, खजूर सहित अन्य वस्तुओं की दुकानें सजी रही। यहां खरीदारों की भीड़ रही। वहीं मुस्लिम समाज की ओर से नमाज पढ़ने के लिए समय तय किया गया है।बाजारों में सेवई, मसाले, कपड़े, इत्र, टोपी तथा कुर्बानी के लिए बकरों की खरीदारी जोरों पर रही। मदरसों एवं मुस्लिम धर्मगुरुओं ने भी लोगों से शांति, सौहार्द और स्वच्छता के साथ त्योहार मनाने की अपील की है।
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उन्होंने कहा कि बकरीद त्याग, भाईचारे और इंसानियत का संदेश देने वाला पर्व है, इसलिए सभी लोग प्रेम और सद्भाव के साथ इसे मनाएं।
अलीनगर जामा मस्जिद के इमाम शम्स आलम ने कहा कि ईद-उल-अजहा हमें अपने अंदर की बुराइयों को कुर्बान करने की सीख देता है। हमें अपने धमंड, लालच, आपसी दुश्मनी को कुर्बान करना चाहिए। यह पर्व सिर्फ जानवर को कुर्बान करना नहीं बल्कि स्वयं को अल्लाह के मार्ग पर चलना सच्ची कुर्बानी है।
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त्योहार की पूर्व संध्या पर नगर के जामा मस्जिद, अलीनगर स्थित जामा मस्जिद, शाहकुटी ईदगाह, इस्लामपुर ईदगाह, कसाब महाल स्थित मीनारा मस्जिद, इस्लामपुर स्थित मस्जिद, दुलहीपुर स्थित मस्जिद में नमाज की तैयारियां पूरी कर ली गई। लोगों ने हैसियत के मुताबिक कुर्बानी के लिए जानवरों का इंतजाम किया।
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जीटी रोड स्थित जामा मस्जिद, अलीनगर जामा मस्जिद के समीप सेंवई, खजूर सहित अन्य वस्तुओं की दुकानें सजी रही। यहां खरीदारों की भीड़ रही। वहीं मुस्लिम समाज की ओर से नमाज पढ़ने के लिए समय तय किया गया है।बाजारों में सेवई, मसाले, कपड़े, इत्र, टोपी तथा कुर्बानी के लिए बकरों की खरीदारी जोरों पर रही। मदरसों एवं मुस्लिम धर्मगुरुओं ने भी लोगों से शांति, सौहार्द और स्वच्छता के साथ त्योहार मनाने की अपील की है।
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उन्होंने कहा कि बकरीद त्याग, भाईचारे और इंसानियत का संदेश देने वाला पर्व है, इसलिए सभी लोग प्रेम और सद्भाव के साथ इसे मनाएं।
अलीनगर जामा मस्जिद के इमाम शम्स आलम ने कहा कि ईद-उल-अजहा हमें अपने अंदर की बुराइयों को कुर्बान करने की सीख देता है। हमें अपने धमंड, लालच, आपसी दुश्मनी को कुर्बान करना चाहिए। यह पर्व सिर्फ जानवर को कुर्बान करना नहीं बल्कि स्वयं को अल्लाह के मार्ग पर चलना सच्ची कुर्बानी है।