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चार माह से वेतन न मिलने से शिक्षा मित्र हुए परेशान
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कंदवा। जिले में सर्वशिक्षा अभियान के तहत प्राथमिक शिक्षा में कार्यरत 1227 शिक्षामित्र चार माह से मानदेय ना मिलने से तंगहाली का जीवन व्यतीत करने को विवश हैं। इसके चलते शिक्षामित्रों का रक्षा बंधन का त्योहार भी फीका रहा।
जिले में सर्वशिक्षा अभियान के तहत 1227 शिक्षामित्र परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण कार्य कर रहे हैं। इन्हें प्रति माह 10 हजार रुपये मानदेय दिया जाता है। लेकिन उन्हें मार्च 2018 और वर्ष 2020 में अप्रैल, मई और जुलाई का मानदेय आज तक नहीं मिल सका है। शिक्षामित्र संगठन के जिला महामंत्री राजेश सिंह का कहना है कि शिक्षामित्रों को चार माह का मानदेय नहीं मिल रहा है। समस्या को लेकर जनप्रतिनिधियों से लेकर अधिकारियों तक से मिल चुके हैं,लेकिन अधिकारी आश्वासन देकर टरका दे रहे हैं।इसके चलते शिक्षामित्रों का रक्षाबंधन का त्योहार भी फीका रहा। ब्लाक संरक्षक सुरेंद्र कुमार गुप्ता का कहना है कि शिक्षा मित्रों के प्रति सरकार का रवैया अच्छा नहीं है। पहले उनकी नौकरी छीनी गई और अब समय से मानदेय नहीं दिया जा रहा है। जिला उपाध्यक्ष अजीत तिवारी का कहना है कि चार माह से बिना मानदेय के कार्य कर रहे हैं। इससे उनके सामने दो वक्त की रोटी के इंतजाम करने का भी संकट है। बरहनी ब्लाक महामंत्री संगीता सिंह का कहना है कि काम को लेकर अपेक्षाएं बढ़ती जा रही हैं, लेकिन उसके बदले मानदेय समय से नहीं दिया जा रहा है। मानदेय समय से न मिलने के कारण जहां घर चलाना मुश्किल हो गया है, वहीं रक्षा बंधन का त्योहार भी फीका हो गया।
यूनियन बैंक चंदौली शाखा के कोरोना की चपेट में आने की वजह से सील हो गया था। जिसके चलते मानदेय आने में देर हो रहा है। शिक्षामित्रों को जल्द ही मानदेय मिल जाएगा। राकेश सिंह, बीईओ, बरहनी
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जिले में सर्वशिक्षा अभियान के तहत 1227 शिक्षामित्र परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण कार्य कर रहे हैं। इन्हें प्रति माह 10 हजार रुपये मानदेय दिया जाता है। लेकिन उन्हें मार्च 2018 और वर्ष 2020 में अप्रैल, मई और जुलाई का मानदेय आज तक नहीं मिल सका है। शिक्षामित्र संगठन के जिला महामंत्री राजेश सिंह का कहना है कि शिक्षामित्रों को चार माह का मानदेय नहीं मिल रहा है। समस्या को लेकर जनप्रतिनिधियों से लेकर अधिकारियों तक से मिल चुके हैं,लेकिन अधिकारी आश्वासन देकर टरका दे रहे हैं।इसके चलते शिक्षामित्रों का रक्षाबंधन का त्योहार भी फीका रहा। ब्लाक संरक्षक सुरेंद्र कुमार गुप्ता का कहना है कि शिक्षा मित्रों के प्रति सरकार का रवैया अच्छा नहीं है। पहले उनकी नौकरी छीनी गई और अब समय से मानदेय नहीं दिया जा रहा है। जिला उपाध्यक्ष अजीत तिवारी का कहना है कि चार माह से बिना मानदेय के कार्य कर रहे हैं। इससे उनके सामने दो वक्त की रोटी के इंतजाम करने का भी संकट है। बरहनी ब्लाक महामंत्री संगीता सिंह का कहना है कि काम को लेकर अपेक्षाएं बढ़ती जा रही हैं, लेकिन उसके बदले मानदेय समय से नहीं दिया जा रहा है। मानदेय समय से न मिलने के कारण जहां घर चलाना मुश्किल हो गया है, वहीं रक्षा बंधन का त्योहार भी फीका हो गया।
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यूनियन बैंक चंदौली शाखा के कोरोना की चपेट में आने की वजह से सील हो गया था। जिसके चलते मानदेय आने में देर हो रहा है। शिक्षामित्रों को जल्द ही मानदेय मिल जाएगा। राकेश सिंह, बीईओ, बरहनी
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