दुर्गा पूजा: चंदौली में 280 पंडाल, 10 संकरी गलियों में; 10 हाईटेंशन तारों के नीचे, दमकल की पहुंच बड़ी चुनौती
चंदौली जिले में 280 पूजा पंडाल स्थापित हुए। इनमें से 10 संकरी गलियों में हैं तो 10 हाईटेंशन तारों के नीचे हैं। वहीं गलियों में पहुंचने के लिए फायर ब्रिगेड के पास सिर्फ एक बुलेट फायर वाहन है।
विस्तार
चंदौली जिले में 280 स्थानों पर भव्य दुर्गा पूजा पंडालों का निर्माण किया जा रहा है। इसमें 10 पूजा पंडाल संकरी गलियों में हैं। वहीं 10 पूजा पंडाल ऐसे हैं जो हाईटेंशन तार के नीचे स्थापित किए गए हैं। ऐसे में यहां आग लगने की घटना पर स्थिति विकराल हो सकती है। गलियों में बने पूजा पंडालों तक पहुंचने के लिए अग्नि शमन विभाग के पास पर्याप्त साधन भी नहीं है। सिर्फ एक बुलेट फायर वाहन के सहारे आग बुझेगी।
शारदीय नवरात्र की शुरूआत 11 अक्तूबर से हो रही है। वहीं जिले में 280 स्थानों पर भव्य दुर्गा पूजा पंडाल बनाए जा रहे हैं। यहां 16 अक्तूबर को दुर्गा प्रतिमा स्थापित की जाएगी। नगर के इंडियन इंस्टीट्यूट कॉलोनी, मानस नगर, राम मंदिर, परमार कटरा, गल्ला मंडी, जायसवाल भवन, गुरूद्वारा, रविनगर, पटेल नगर, गया कॉलोनी, सेंट्रल कॉलोनी, लॉठ नंबर एक, लॉठ नंबर दो, बिछुआ मंदिर, डीजल कॉलोनी, अमोघपुर, चंदासी, पड़ाव सहित अन्य स्थानों पर भव्य दुर्गा पूजा पंडाल बनाए जा रहे हैं।
इसी तरह जिले के चंदौली, चकिया, धानापुर, सकलडीहा सहित जिले के सभी इलाके में पूजा पंडाल बनाए जा रहे हैं। सभी पूजा समितियां अपने पंडालों को भव्य बना रही हैं। कई स्थानों पर 30 फुट से भी ऊंचे पंडाल बनाए जा रहे हैं। यहां वर्षों से पूजा हो रहा है। इन पंडालों में सप्तमी, अष्टमी और महानवमी पर लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है।
शुक्रवार को डीएम ने शांति समिति की बैठक में पंडालों में शॉर्ट सर्किट से बचाव के लिए विद्युत तारों की जांच, मूर्ति विसर्जन स्थलों पर बैरिकेडिंग व सुरक्षा प्रबंध और रावण दहन स्थलों पर अग्नि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए गए। दूसरी तरफ जिले में 10 पंडाल ऐसे हैं जो हाईटेंशन तार के नीचे हैं। वहीं संकरी गलियों में भी पंडाल स्थापित किए गए हैं।
सुरक्षा के लिए किए जाने वाले उपाय
भारतीय मानक ब्यूरो अनुसार किसी भी दशा में पंडाल 3 मीटर से ऊंचाई का न लगाया जाए, पंडाल बनाने में सिंथेटिक सामग्री से बने कपड़े या रस्सी का प्रयोग न करें, पंडाल के चारों तरफ 4.5 मीटर खुला स्थान होना चाहिए, इससे लोग सुरक्षित बाहर निकल सके।
इसी तरह पंडाल बिजली की लाइन के नीचे किसी भी दशा में न लगाया जाए, कोई भी पंडाल रेलवे लाईन, बिजली के सब स्टेशन, चिमनी या भट्टी से कम से कम 15 मीटर दूर लगाया जाए। नियम के अनुसार बाहर निकलने का गेट 5 मीटर से कम चौड़ा न हो और अगर रास्ता मेहराब (आर्च) बनाया जाएं तो भूमि तल से ऊंचाई 5 मीटर से कम नहीं होना चाहिए, सड़क से पंडाल की दूरी 45 मीटर से अधिक किसी भी दशा में नहीं होनी चाहिए।
बाहर निकलने का रास्ता गुफा की तरह नहीं होना चाहिए। कुर्सियों किनारे जगह छोड़कर लगाई जाए और बारह कुर्सियों के बाद 1.5 मीटर की जगह छोड़ी जाए। बिजली की व्यवस्था विद्युत कार्य के लाइसेंसधारी ठेकेदारों से ही कराई जाए, तारखुले नहीं होने चाहिए। इमरजेंसी लाइट की व्यवस्था होनी चाहिए।
केस 1: चौधरी विला पूजा पंडाला में उमडती है भीड़
पीडीडीयू नगर के न्यू महाल में संकरी गली में स्थित चौधरी विला में वर्ष 1967 से दुर्गा पूजा किया जा रहा है। तीन दिनों तक इस घर में हजारेां की भीड़ होती है। हजारों की भीड़ होती है। यहां आग लगने की दशा में फायर ब्रिगेड का पहुंचना भी मुश्किल होगा।
केस 2: लाठ नंबर दो में चलायमान मूर्ति देखने को उमड़ती है भीड़
लाठ नंबर दो में हाई टेंशन तार के नीचे दुर्गा पंडाला स्थापित किया है। यहां आकर्षक पंडाल बनाने के साथ ही चलायमान दुर्गा प्रतिमा स्थापित की जा रही है। यहां पूजा पंडाल में तीन दिनों तक लाखों की भीड उमड़ती है। यहां आग से बचाव पूरी तरह पूजा कमेटियों के भरोसे है।
केस 3: अति व्यस्त गली है परमार कटरा
वेस्टर्न बाजार में स्थित जायसवाल भवन में पिछले आठ दशक से दुर्गा पूजा किया जा रहा है। यह परमार कटरा में है जो अत्यंत व्यस्त गली है। यहा भी दुर्गा पूजा मेला देखने को लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। सकरी गली होने के कारण आग लगने की दशा में यहां परेशानी होगी।
केस 4: त्रिशुल क्लब थर्माकोल से होगी सजावट
पीडीडीयू नगर के गुरुद्वारा के समीप त्रिशुल क्लब में थर्माकोल से पंडाल की सजावट की ज रही है। यह पंडाल भी हाईटेंशन तार के नीचे बन रहा है। हालांकि यहां पूजा समिति की ओर से आग से बचाव के उपाय किए गए हैं। यहां पिछले चार दशक से पंडाल स्थापित किया जा रहा है।
क्या बोले अधिकारी
नियम के अनुसार समितियां एसडीएम के यहां आवेदन करती हैं। यहां से अग्नि शमन, बिजली, पुलिस विभाग से जांच कराई जाती है। प्रस्तावित पंडालों में आग से बचाव के लिए अग्नि शमन विभाग के अधिकारी पंडालों में पहुंचकर जांच पड़ताल कर रहे हैं। अधिकारी पंडालों में पहुंच कर दुर्गा पूजा पंडालों में सुरक्षा के पूरा ख्याल रखने, मानक के अनुरूप काम करने और शासन की ओर जारी गाइड लाइन के बारे में बता रहे हैं। -अमित कुमार, प्रभारी मुख्य अग्निशमन अधिकारी, चंदौली
बोले पूजा समितियों के पदाधिकारी
पूरे प्रशासनिक अनुमति लेकर पूजा पंडाल स्थापित किया गया है। यही नहीं पूजा समिति की ओर से आग से बचाव के लिए पूरे नियम का पालन किया गया है। वहीं आग से बचाव के लिए पंडाल में बाल्टी, पानी की व्यवस्था और फायर इंस्टीट्यूसर की व्यवस्था की गई है।
- हैप्पी सिंह, अध्यक्ष त्रिशुल क्लब, गुरुद्वारा, पीडीडीयू नगर
वेस्टर्न बाजार जायसवाल भवन में पिछले छह दशक से दुर्गा पूजा किया जा रहा है। भले ही यहां सकरी गली है लेकिन बचाव के लिए तमाम उपाय किए गए हैं। वहीं यहां से निकास के लिए कई रास्ते हैं। इससे यहां दिक्कत नहीं है। वहीं भीड़ से बचाव के लिए पूजा कमेटी के सदस्य सक्रिय रहते हैं। -लल्लू जायसवाल, संरक्षक, जायसवाल भवन दुर्गा पूजा समिति, पीडीडीयू नगर
न्यू महाल स्थित चौधरी विला में छह दशक से दुर्गा पूजा किया जा रहा है। पूरे प्रशासनिक अनुमति के साथ पूजा किया जाता है। वहीं भीड़ नियंत्रित के लिए पूरा परिवार जुटा रहता है। वहीं आग से बचाव के लिए एहतियात के लिए पूरे उपाय किए जाते हैं। -रमा चौधरी, सदस्य दुर्गा पूजा समिति, चौधरी विला, पीडीडीयू नगर
लाठ नंबर दो में वर्षों से दुर्गा पूजा किया जा रहा है। यहां सुरक्षा के पूरे उपय किए जा रहे हैं। प्रशासन से अनुमति भी ली गई है।
-अजय कुमार, लाठ नंबर , पीडीडीयू नगर