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Chandauli News: कार्तिक एकादशी पर श्रद्धालुओं ने लगाई गंगा में डुबकी
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पीडीडीयू नगर। कार्तिक एकादशी व प्रदोष व्रत के पावन अवसर के बाबत बलुआ तट पर रविवार की अल सुबह भी दूर-दराज से भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई। साथ ही शालिग्राम व मां तुलसी का विवाह संपन्न कराया गया।
वहीं घाट पर मेले जैसा दृश्य रहा। जहां ज्यादा जगह खिलौने का अन्य वस्तुओं की दुकानें सजीं थीं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार कार्तिक एकादशी को तुलसी और शालीग्राम विवाह करने की परंपरा है। जब भगवान विष्णु चार माह की योग निद्रा से जागते हैं और चुतर्मासा समाप्त होता है हालांकि इस वर्ष तुलसी और शालीग्राम विवाह की तिथि को लेकर कुछ असमंजस की स्थिति रही कुछ लोग रविवार को तो कुछ लोग सोमवार को तुलसी शालिग्राम विवाह मना रहे हैं। भीड़ को देखते हुए बलुआ थाना अध्यक्ष अतुल कुमार मय फोर्स घाट पर मौजूद रहे। एक महत्वपूर्ण हिंदू त्योहार है, जो भगवान विष्णु चार महीने की ब्रह्मांडीय नींद जागते हैं।
कार्तिक मास में गंगा में स्नान दान को बेहद खास महत्व है। इन्हीं परंपराओं का निर्वहन करते हुए बलुआ स्थित पश्चिम वाहिनीं मां भागीरथी गंगा तट पर भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई।
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वहीं घाट पर मेले जैसा दृश्य रहा। जहां ज्यादा जगह खिलौने का अन्य वस्तुओं की दुकानें सजीं थीं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार कार्तिक एकादशी को तुलसी और शालीग्राम विवाह करने की परंपरा है। जब भगवान विष्णु चार माह की योग निद्रा से जागते हैं और चुतर्मासा समाप्त होता है हालांकि इस वर्ष तुलसी और शालीग्राम विवाह की तिथि को लेकर कुछ असमंजस की स्थिति रही कुछ लोग रविवार को तो कुछ लोग सोमवार को तुलसी शालिग्राम विवाह मना रहे हैं। भीड़ को देखते हुए बलुआ थाना अध्यक्ष अतुल कुमार मय फोर्स घाट पर मौजूद रहे। एक महत्वपूर्ण हिंदू त्योहार है, जो भगवान विष्णु चार महीने की ब्रह्मांडीय नींद जागते हैं।
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कार्तिक मास में गंगा में स्नान दान को बेहद खास महत्व है। इन्हीं परंपराओं का निर्वहन करते हुए बलुआ स्थित पश्चिम वाहिनीं मां भागीरथी गंगा तट पर भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई।
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