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लतीफशाह कुंड में डूब कर सैलानी युवक की मौत
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चकिया। क्षेत्र के लतीफशाह बीयर के कुंड में सोमवार की दोपहर में नहाते समय डूबने से एक युवक की मौत हो गई जबकि दूसरे युवक को बचा लिया गया। युवक भदोही जिले के औराई थाना के खमरिया गांव निवासी मुहम्मद सिकंदर (18) था। वह अपने अन्य दोस्तों के साथ लतीफशाह मजार पर जियारत करने आया था। सूचना मिलने पर कोतवाल राजेश यादव और रामपुर चौकी इंचार्ज गिरीश चंद्र राय ने शव को कब्जे में लिया और परिजनों को सूचित किया।
भदोही के खमरिया बाजार निवासी मोहम्मद सिकंदर सात भाइयों में पांचवें नंबर पर था। उसके पिता मोहम्मद सईद की मौत हो चुकी है। सिकंदर अपने साथियों के साथ स्कॉर्पियो से लतीफशाह मजार पर सोमवार को जियारत के लिए आया था। इसी दौरान वह अपने साथी सलीम के साथ लतीफशाह बीयर के खतरनाक कुंड में नहाने चला गया। नहाने के दौरान दोनों कुंड में डूबने लगे। यह देखकर आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंच गए। लोगों ने प्रयास कर सलीम को तो बचा लिया, लेकिन गहरे पानी में चले जाने के कारण मोहम्मद सिकंदर की मौत हो गई। इस घटना के बाद सैलानी साथी की मौत पर अन्य साथियों का रो-रो कर हाल बेहाल हो गया।
चकिया। कोतवाली के लतीफशाह बीयर के गहरे कुंड में स्नान करने के दौरान मोहम्मद सिकंदर की मौत से इस पिकनिक स्पॉट पर कुंड में डूब कर मरने वालों की संख्या में एक कडी और जुट गई है। पिछले एक दशक में इस खतरनाक गहरे कुंड में स्नान के दौरान दो दर्जन से अधिक सैलानियों की मौत हो चुकी है। रविवार को मिर्जापुर के चुनादरी में वाराणसी निवासी तीन युवकों की मौत से भी स्थानीय प्रशासन ने सबक नहीं लिया है।
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लतीफशाह पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत प्रसिद्ध स्थान है। बाबा लतीफशाह की ऐतिहासिक मजार होने के कारण वहां बाहरी सैलानियों तथा मजार पर जियारत करने वालों की भारी भीड़ होती है। पिकनिक मनाने वालों या जियारत करने वाले लतीफशाह बीयर में नहाने के लोभ का संवरण नहीं कर पाते हैं। असावधानी पूर्वक नहाते समय गहरे कुंड में जाने से हर साल लोगों की मौत होती है। नगर पंचायत की ओर से पिकनिक स्पॉट पर वाहन स्टैंड बनवाने के बाद तत्कालीन उपजिलाधिकारी प्रेमप्रकाश मीणा के आदेश पर पिकनिक स्पाट पर खतरनाक स्थलों पर सैलानियों को न जाने के स्लोगन लिखवाए गए हैं। हालांकि इसका कोई प्रभाव सैलानियों पर नहीं दिख रहा है। दुर्घटना स्थल पर मौजूद लोगों ने आरोप लगाया है कि पिकनिक स्पॉट पर सैलानियों को खतरनाक स्थलों पर जाने से रोकने के लिए प्रशासन की ओर से कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
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भदोही के खमरिया बाजार निवासी मोहम्मद सिकंदर सात भाइयों में पांचवें नंबर पर था। उसके पिता मोहम्मद सईद की मौत हो चुकी है। सिकंदर अपने साथियों के साथ स्कॉर्पियो से लतीफशाह मजार पर सोमवार को जियारत के लिए आया था। इसी दौरान वह अपने साथी सलीम के साथ लतीफशाह बीयर के खतरनाक कुंड में नहाने चला गया। नहाने के दौरान दोनों कुंड में डूबने लगे। यह देखकर आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंच गए। लोगों ने प्रयास कर सलीम को तो बचा लिया, लेकिन गहरे पानी में चले जाने के कारण मोहम्मद सिकंदर की मौत हो गई। इस घटना के बाद सैलानी साथी की मौत पर अन्य साथियों का रो-रो कर हाल बेहाल हो गया।
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चकिया। कोतवाली के लतीफशाह बीयर के गहरे कुंड में स्नान करने के दौरान मोहम्मद सिकंदर की मौत से इस पिकनिक स्पॉट पर कुंड में डूब कर मरने वालों की संख्या में एक कडी और जुट गई है। पिछले एक दशक में इस खतरनाक गहरे कुंड में स्नान के दौरान दो दर्जन से अधिक सैलानियों की मौत हो चुकी है। रविवार को मिर्जापुर के चुनादरी में वाराणसी निवासी तीन युवकों की मौत से भी स्थानीय प्रशासन ने सबक नहीं लिया है।
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लतीफशाह पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत प्रसिद्ध स्थान है। बाबा लतीफशाह की ऐतिहासिक मजार होने के कारण वहां बाहरी सैलानियों तथा मजार पर जियारत करने वालों की भारी भीड़ होती है। पिकनिक मनाने वालों या जियारत करने वाले लतीफशाह बीयर में नहाने के लोभ का संवरण नहीं कर पाते हैं। असावधानी पूर्वक नहाते समय गहरे कुंड में जाने से हर साल लोगों की मौत होती है। नगर पंचायत की ओर से पिकनिक स्पॉट पर वाहन स्टैंड बनवाने के बाद तत्कालीन उपजिलाधिकारी प्रेमप्रकाश मीणा के आदेश पर पिकनिक स्पाट पर खतरनाक स्थलों पर सैलानियों को न जाने के स्लोगन लिखवाए गए हैं। हालांकि इसका कोई प्रभाव सैलानियों पर नहीं दिख रहा है। दुर्घटना स्थल पर मौजूद लोगों ने आरोप लगाया है कि पिकनिक स्पॉट पर सैलानियों को खतरनाक स्थलों पर जाने से रोकने के लिए प्रशासन की ओर से कोई व्यवस्था नहीं की गई है।