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ईंट भट्ठों पर सवा दो करोड़ बकाया
Updated Sat, 30 Sep 2017 12:43 AM IST
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चंदौली। जनपद में संचालित 212 ईंट भट्ठों पर सवा दो करोड़ रुपये का राजस्व बकाया है। इसमें से 186 भट्ठा संचालकों ने वित्तीय वर्ष 2016-17 का राजस्व अभी तक जमा नहीं किया गया। जबकि शासन की ओर से राजस्व जमा करने के लिए पंद्रह अक्टूबर तक का समय निर्धारित किया है। ऐसे में राजस्व विभाग ने बकाएदारों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। अपर जिलाधिकारी बच्चालाल का कहना है कि बकाएदारों को राजस्व जमा करने के लिए दस दिन का समय दिया गया है। इसके बाद विशेष अभियान चलाकर वसूली की कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन के लिए ईंट भट्ठा संचालकों से बकाया राजस्व वसूलना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। संचालकों का सहयोग नहीं मिलने से राजस्व विभाग के सामने लक्ष्य पूर्ति करने की चुनौती खड़ी हो गई है। जनपद के 212 ईंट भट्ठों पर सवा दो करोड़ रुपये का राजस्व बकाया है। अपर जिलाधिकारी बच्चालाल ने बताया कि ईंट भट्ठों के लिए नियम है कि अग्रिम राजस्व जमा करने के बाद ही मिट्टी के खनन का कार्य कर सकते हैं। लेकिन जनपद के भट्ठा मालिकों ने राजस्व जमा किए बगैर न सिर्फ ईंटों की पथाई कर ली बल्कि बकाया जमा करने में भी आनाकानी कर रहे हैं। कहा कि शासन ने ऐसे बकाएदारों से सख्ती के साथ वसूली करने का फरमान जारी किया है लेकिन उसके पहले सभी को मोहलत भी दी गई है ताकि प्रशासन का सहयोग करते हुए खुद बकाया राजस्व जमा कर दें। बताया कि दस दिनों के बाद राजस्व वसूली के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। कहा कि जिन लोगों ने राजस्व जमा कर दिया है वह अपनी रसीद दिखाकर किसी भी प्रकार की कार्यवाही से बच सकते हैं।
जिला प्रशासन के लिए ईंट भट्ठा संचालकों से बकाया राजस्व वसूलना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। संचालकों का सहयोग नहीं मिलने से राजस्व विभाग के सामने लक्ष्य पूर्ति करने की चुनौती खड़ी हो गई है। जनपद के 212 ईंट भट्ठों पर सवा दो करोड़ रुपये का राजस्व बकाया है। अपर जिलाधिकारी बच्चालाल ने बताया कि ईंट भट्ठों के लिए नियम है कि अग्रिम राजस्व जमा करने के बाद ही मिट्टी के खनन का कार्य कर सकते हैं। लेकिन जनपद के भट्ठा मालिकों ने राजस्व जमा किए बगैर न सिर्फ ईंटों की पथाई कर ली बल्कि बकाया जमा करने में भी आनाकानी कर रहे हैं। कहा कि शासन ने ऐसे बकाएदारों से सख्ती के साथ वसूली करने का फरमान जारी किया है लेकिन उसके पहले सभी को मोहलत भी दी गई है ताकि प्रशासन का सहयोग करते हुए खुद बकाया राजस्व जमा कर दें। बताया कि दस दिनों के बाद राजस्व वसूली के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। कहा कि जिन लोगों ने राजस्व जमा कर दिया है वह अपनी रसीद दिखाकर किसी भी प्रकार की कार्यवाही से बच सकते हैं।
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