{"_id":"5b85a0ee42c79246424d6fe6","slug":"41535484142-chandauli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"निजी अस्पताल संचालक पर मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
निजी अस्पताल संचालक पर मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश
Updated Wed, 29 Aug 2018 01:56 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंदौली। मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम नवनीत सिंह चहल ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ विभिन्न योजनाओं की समीक्षा किया। इस दौरान उन्होंने संस्थागत प्रसव कम होने पर धानापुर, नियामताबाद के प्रभारी चिकित्साधिकारियों पर कड़ी नाराजगी जताई और कार्य के प्रति सचेत किया। वहीं गलत डाटा फीडिंग करने पर बीपीएम रोली श्रीवास्तव को भी फटकार लगाया। साथ ही शहाबगंज में एंबुलेंस चालक और आशा द्वारा डिलेवरी के दौरान महिला मरीज को निजी चिकित्सालय में भर्ती कराने के मामले में अस्पताल संचालक, आशा और चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए सीएमओ को निर्देश दिया।
डीएम ने अस्पताल में मरीजों को गुणवत्तायुक्त भोजन देने और जरूरी सुविधाएं देने का भी चिकित्सा प्रभारियों को निर्देशित किया। कहा कि शासन से प्रति माह स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जा रही है। लेकिन विभागीय अधिकारी और चिकित्सकों की लापरवाही के चलते योजनाएं परवान नहीं चढ़ रही हैं। उन्होंने सीएमओ से कहा कि वह प्रत्येक अस्पतालों का औचक निरीक्षण करें और वहां जरूरी सुविधाएं मुहैया कराने की व्यवस्था करें। अगली समीक्षा बैठक के दौरान योजनाओं की खराब प्रगति प्रस्तुत करने पर संबंधित अधिकारी और चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई होंगी। इस दौरान उन्होंने आयुष्मान भारत योजना की खराब प्रगति का भी जिक्र किया और बताया कि इस योजना में उनका जनपद नीचे से दूसरे पायदान है। जो स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही और कमियों का नतीजा है। इस दौरान सीएमओ डा. पीके मिश्र, डा. डीके सिंह, डा. एके सिंह, डा. जेपी गुप्ता, डा. आरबी शरण, प्रमोद पांडेय, विद्युत प्रकाश मौजूद रहे।
विज्ञापन
डीएम ने अस्पताल में मरीजों को गुणवत्तायुक्त भोजन देने और जरूरी सुविधाएं देने का भी चिकित्सा प्रभारियों को निर्देशित किया। कहा कि शासन से प्रति माह स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जा रही है। लेकिन विभागीय अधिकारी और चिकित्सकों की लापरवाही के चलते योजनाएं परवान नहीं चढ़ रही हैं। उन्होंने सीएमओ से कहा कि वह प्रत्येक अस्पतालों का औचक निरीक्षण करें और वहां जरूरी सुविधाएं मुहैया कराने की व्यवस्था करें। अगली समीक्षा बैठक के दौरान योजनाओं की खराब प्रगति प्रस्तुत करने पर संबंधित अधिकारी और चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई होंगी। इस दौरान उन्होंने आयुष्मान भारत योजना की खराब प्रगति का भी जिक्र किया और बताया कि इस योजना में उनका जनपद नीचे से दूसरे पायदान है। जो स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही और कमियों का नतीजा है। इस दौरान सीएमओ डा. पीके मिश्र, डा. डीके सिंह, डा. एके सिंह, डा. जेपी गुप्ता, डा. आरबी शरण, प्रमोद पांडेय, विद्युत प्रकाश मौजूद रहे।
विज्ञापन