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अतिक्रमण हटाने गई टीम का विरोध, घंटों बवाल

Thu, 11 Oct 2018 12:57 AM IST
Updated Thu, 11 Oct 2018 12:57 AM IST
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अतिक्रमण हटाने गई टीम का विरोध, घंटों बवाल
तोड़ -फोड़

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नियामताबाद। विकास खंड के हमीदपुर गांव में बुधवार की शाम बंजर जमीन से अतिक्रमण हटाने पहुंचे तहसील प्रशासन को ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। नाराज ग्रामीण चारपाई पर लेटकर चकिया-रामनगर मार्ग जाम कर दिया। इससे करीब ढाई घंटे तक आवागमन बाधित रहा। ग्रामीणों का आरोप था कि तसहील प्रशासन बिना कोई नोटिस दिए ही उनके आवास को गिरा दिया। ग्रामीणों ने चेताया कि बिना पैमाइश किए और नोटिस भेजे अधिकारी कार्रवाई करते हैं तो सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेंगे।
तहसील प्रशासन का कहना है कि हमीदपुर गांव में आराजी नंबर 114-1 में 243 एअर जमीन बंजर है। इसे खाली कराने के लिए एसडीएम के नेतृत्व में तसहील प्रशासन दोपहर बाद करीब एक बजे गांव पहुंचा। वहां अधिकारियों के पहुंचते ही ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। बाद में ग्रामीण लामबंद हो गए और प्रशासन के इस कार्रवाई का विरोध करने लगे। तकरीबन दो घंटे तक जमीन को लेकर काफी बहस और किचकिच हुई। इसके बाद प्रशासन ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए रिहायशी मकान को छोड़कर बाहर बनी बाउंड्री को जेसीबी से ढहाने लगा। ग्रामीणों का आरोप है कि इस बीच वे अपने मकान और जमीन का कागज दिखाते रहे लेकिन उनके मकान को ढहा दिया गया। जेसीबी से ग्राम प्रधान विनोद भारती का भी दो कमरा तोड़ दिया गया। वहीं आक्रोशित भीड़ ने ग्राम प्रधान का सीमेंट की चादर भी सड़क पर पटककर तोड़ दी। ग्राम प्रधान ने ग्रामीणों पर अपशब्द कहने का आरोप लगाया। इसके बाद रज्जू यादव का परिवार चकिया-रामनगर मार्ग पर चारपाई बिछाकर लेट गए। इससे करीब ढाई घंटे यानी साढ़े चार बजेे से लेकर शाम सात बजे तक मार्ग पर जाम कर दिया। इससे आवागमन बाधित हो गया। इस बीच तेज नारायण उर्फ बुल्लू जबरन भीड़ में कार लेकर तेज गति से घुसने लगा। इस पर नाराज लोगों ने उसकी गाड़ी का शीशे को तोड़ दिया। इधर बवाल की सूचना के बाद मौके पर पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस और तहसील प्रशासन ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किए लेकिन वे मानने को तैयार नहीं थे। उनका आरोप था कि बिना नोटिस दिए प्रशासन उन्हें बेघर कर रहा है। ग्रामीणों का आरोप यह भी था कि लेखपाल जमीन को बंजर से आबादी करने के लिए चार लाख रुपये मांग कर रहा है। जब तक उनकी जमीन की पैमाइश और मुआवजा नहीं मिलेगा वे घर छोड़कर नहीं जाएंगे। ग्रामीणों का कहना था कि यदि प्रशासन उनकी जमीन पर जबरिया कब्जा करता है तो उन्हें पीएम आवास मुहैया कराए। ग्रामीणों का गुस्सा देखकर सीओ सदर प्रदीप सिंह चंदेल, तहसीलदार लालता प्रसाद और सपा नेता बाबूलाल यादव के काफी समझाने और गुरुवार को जमीन की पैमाइश कराने के आश्वासन के बाद ग्रामीण माने। तब जाकर बवाल खत्म हुआ और जाम छूटा। तब जाकर अधिकारियों ने राहत की सांस ली। वहीं बाबूलाल का कहना था कि बंजर की जमीन पर लोग वर्षों से काबिज है। ऐसे लोगों को चिह्नित कर आबादी दर्ज की जाए। चेताया कि ग्रामीणों के साथ अन्याय हुआ तो सड़क पर उतरेंगे।
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कोट...
हमीदपुर में सरकारी जमीन पर लोगों ने कब्जा किया है। वहां पहले भी कब्जा हटाया जा चुका है। इसके बाद भी दोबारा कब्जा कर लिया गया। बुधवार को कब्जा हटाने गई टीम के साथ ग्रामीणों ने दुर्व्यवहार किया। जेसीबी से सिर्फ बाउंड्री हटाई गई है। गुरुवार को नोटिस देकर सरकारी जमीन पर काबिज लोगों को हटाने की कार्रवाई की जाएगी। आनंदवर्धन, एसडीएम, पीडीडीयू नगर।
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