{"_id":"5a3818874f1c1b0d698c2df9","slug":"11513625735-chandauli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सोने की गुल्ली दिखाकर बीस हजार रुपये की ठगी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
सोने की गुल्ली दिखाकर बीस हजार रुपये की ठगी
Updated Tue, 19 Dec 2017 01:17 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
इलिया। क्षेत्र के इसरगोड़वा गांव में दो ठगों ने सोमवार को दोपहर में विजयी चौहान को सोने का गुल्ली दिखाकर 20 हजार रुपये की ठगी कर ली। क्षेत्र में पहली बार हुई इस तरह की ठगी की घटना चर्चा का विषय बना हुआ।
विजयी चौहान सोमवार को सैदूपुर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा से पत्नी विमला देवी के नाम से उसके एकाउंट में आए आवास का पैसा निकाल कर घर जा रहा थे। वह सरैया गांव के पास पहुंचा ही था कि दो युवक सड़क पर सोने का गुल्ली सड़क पर फेंक कर उसे आपस में बांटने की बात करने लगे। विजयी को देखकर उसे भी साथ मिला लिया और सड़क पर पड़े सोने की गुल्ली को बांटने की बात करने लगे। युवकों ने कहा कि तीन लोगों के बीच दो गुल्ली बांटने के लिए इसे काटना पड़ेगा। इस पर एक ठग ने कहा कि हम एक सोने की गुल्ली तुम्हें दे देंगे। इसके लिए तुम्हें बीस हजार रुपये देना होगा। बाद विजयी आवास के लिए निकाले गए बीस हजार रुपये देने के लिए तैयार हो गए। रुपये मिलते ही , दोनों वहां से निकल गए। उसके बाद सोने का गुल्ली लेकर वह एक सराफा की दूकान पर पहुंच कर दिखाया तो दुकानदार ने उसे पीतल का गुल्ली बताकर वापस लौटा दिया। पीतल की गुल्ली की बात सुनने पर विजयी के होश उड़ गए। और वह अपने को ठगा महसूस करते हुए रोने चिल्लाने लगा। बाद में लोगों को समझाने बुझाने के बाद वह बैरंग वापस घर लौट गया।
विजयी चौहान सोमवार को सैदूपुर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा से पत्नी विमला देवी के नाम से उसके एकाउंट में आए आवास का पैसा निकाल कर घर जा रहा थे। वह सरैया गांव के पास पहुंचा ही था कि दो युवक सड़क पर सोने का गुल्ली सड़क पर फेंक कर उसे आपस में बांटने की बात करने लगे। विजयी को देखकर उसे भी साथ मिला लिया और सड़क पर पड़े सोने की गुल्ली को बांटने की बात करने लगे। युवकों ने कहा कि तीन लोगों के बीच दो गुल्ली बांटने के लिए इसे काटना पड़ेगा। इस पर एक ठग ने कहा कि हम एक सोने की गुल्ली तुम्हें दे देंगे। इसके लिए तुम्हें बीस हजार रुपये देना होगा। बाद विजयी आवास के लिए निकाले गए बीस हजार रुपये देने के लिए तैयार हो गए। रुपये मिलते ही , दोनों वहां से निकल गए। उसके बाद सोने का गुल्ली लेकर वह एक सराफा की दूकान पर पहुंच कर दिखाया तो दुकानदार ने उसे पीतल का गुल्ली बताकर वापस लौटा दिया। पीतल की गुल्ली की बात सुनने पर विजयी के होश उड़ गए। और वह अपने को ठगा महसूस करते हुए रोने चिल्लाने लगा। बाद में लोगों को समझाने बुझाने के बाद वह बैरंग वापस घर लौट गया।
विज्ञापन