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Chandauli News: बलुआ और पड़ाव के श्मशान घाट डूबे, डोमरी गांव के घरों में घुसा पानी

Tue, 17 Sep 2024 05:02 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 17 Sep 2024 05:02 AM IST
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Cremation grounds of Balua and Padav submerged, water entered houses of Domri village.
पीडीडीयू नगर। जिले में गंगा का पानी लगातार बढ़ रहा है। सोमवार को गंगा का जलस्तर बढ़कर 70.76 सेंटीमीटर पर पहुंचा जो बाढ़ के खतरे के निशान 71.26 मीटर से मात्र 50 सेंटीमीटर नीचे है। प्रति घंटे दो सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हो रही है। वहीं, बलुआ और पड़ाव के श्मशान घाट डूब गए हैं और 67 से ज्यादा गांवों में पानी पहुंच गया। डोमरी गांव के घरों में पानी घुसने लगा है। गांव के लोग सामान समेटकर सुरक्षित ठिकाना तलाशने लगे हैं।
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केंद्रीय जल आयोग के अनुसार सोमवार को शाम चार बजे तक गंगा का जलस्तर 70.76 मीटर पर पहुंच गया था, जो चेतावनी बिंदु 70.26 मीटर से 50 सेंटीमीटर ऊपर है। गंगा अब खतरे के निशान को छूने को आतुर हैं। चहनियां स्थित मां घटवारी का मंदिर और सोनबरसा के मारुका माता मंदिर पानी से घिर गया है। तटवर्ती गांव रौना, कुरहना, कैली, कांवर, महुअरिया, बिसुपुर, महुआरी खास, बलुआ, डेरवा, महुअरकला, पूरा विजयी, पूरा गनेश, चकरा, सोनबरसा, टांडाकला, टांडाखुर्द, सरौली, महमदपुर, जमालपुर, हसनपुर, भूसौला, सरैया, बड़गांवा, पुरवा, निधौरा, सैफपुर, मुकुंदपुर, कूरा आदि गांवों के लोग सामान समेटने लगे हैं। उनका कहना है कि अगर एक दिन और पानी बढ़ा तो वे कहीं ऊंचे स्थान पर चले जाएंगे। खेतों में धान की फसल पानी भरने से नष्ट हो रही है। बलुआ घाट पर श्मशान घाट के डूबने से अंत्येष्टि के लिए भटकना पड़ रहा है।
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जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे ने सोमवार को बलुआ घाट समेत बाढ़ प्रभावित गई गांवों का निरीक्षण किया। डीएम ने बताया कि कुछ गांव में बाढ़ का पानी पहुंचा है और कुछ जगहों पर फसलों का नुकसान हुआ है, जिसका सर्वे कराया जाएगा। अभी किसी बाढ़ प्रभावित को विस्थापित करने की नौबत नहीं आई। बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए बाढ़ चौकियों, सेल्टर होम और अधिकारियों को सक्रिय किया गया है। संवाद
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प्रशासन ने सकलडीहा के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चौकी के अलावा शरणालयों और नावों की व्यवस्था की है। एसडीएम अनुपम मिश्रा ने ग्राम प्रधानों, कोटेदाराें और राजस्वकर्मियों को जिम्मेदारी सौंपी है। सबसे ज्यादा चहनिया और धानापुर का क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित है। प्राथमिक विद्यालय भुपौली, नादी, टांडाकला, नरौली, अमादपुर, डबरिया और बीरासराय में बाढ़ चौकी बनाई गई है। वहीं, कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नेकनामपुर व प्राथमिक विद्यालय मारूफपुर में मॉडल बाढ़ राहत चौकी बनाई गई है। बीईओ, बीडीओ, नायब तहसीलदार, एडीओ पंचायत व पशु चिकित्साधिकारी को यहां की जिम्मेदारी सौंपी गई है। 12 अन्य अधिकारियों को बाढ़ शरणालय में लोगों को रहने और भोजन की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, बाढ़ प्रभावित 72 गांव के ग्राम प्रधानों और कोटेदारों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। बाढ़ प्रभावित गांवों का कम्युनिकेशन प्लान तैयार किया गया है। 38 गांवों में लेखपाल, ग्राम प्रधान व समाजसेवियों की मदद से निगरानी की जाएगी। एसडीएम ने बताया कि बाढ़ प्रभावित लोगों को हरसंभव मदद पहुंचाई जाएगी। राहत शिविरों में उनके ठहरने और खाने की व्यवस्था की गई है।
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