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Chandauli News: बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़, पांच साल में 65 स्कूली वाहनों के परमिट रद्द

Sun, 12 Jul 2026 01:09 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 12 Jul 2026 01:09 AM IST
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Compromising children's safety: Permits of 65 school vehicles cancelled in five years.
पचफेड़वा के समीप हाईवे पर वाहनों की जांच करते एआरटीओ डॉ.सर्वेश गौतम। स्रोत:-जागरूक पाठक
स्कूली वाहनों से रोजाना हजारों बच्चों की आवाजाही होती है, लेकिन उनकी सुरक्षा को लेकर कई स्कूल प्रबंधन अब भी गंभीर नहीं हैं। परिवहन विभाग की सख्ती और अभियान के बावजूद स्कूली वाहनों में अनियमितताएं सामने आ रही हैं। बीते पांच वर्षों में जिले में 65 स्कूली वाहनों के परमिट रद्द किए जा चुके हैं, जबकि 155 वाहनों के परमिट निलंबित किए गए हैं। इसके बावजूद नियमों की अनदेखी जारी है।
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परिवहन विभाग एक जुलाई से मिशन सेफ फ्यूचर अभियान चला रहा है। अभियान के दौरान अनियमितता मिलने पर अब तक 15 से अधिक स्कूली वाहन सीज किए जा चुके हैं। इनमें फिटनेस, दस्तावेज, सुरक्षा मानकों और तकनीकी खामियों से जुड़े गंभीर उल्लंघन मिले हैं।
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जिले में कुल 794 स्कूली वाहन पंजीकृत हैं। अभियान शुरू होने के बाद स्कूल प्रबंधन की ओर से वाहनों को फिटनेस जांच के लिए एआरटीओ कार्यालय भेजा जा रहा है। जांच के दौरान करीब 15 वाहन नंबर प्लेट, बैक लाइट, शीशे और अन्य सुरक्षा संबंधी कमियां मिलने पर फिटनेस में फेल कर दिए गए। विभाग ने सभी वाहन संचालकों को कमियां दूर कर दोबारा फिटनेस कराने का निर्देश दिया है।
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अधिकारियों का कहना है कि फिटनेस, परमिट और सुरक्षा मानकों का पालन बच्चों की सुरक्षा के लिए अनिवार्य है। बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार फिटनेस फेल होने के बाद संबंधित वाहन स्वामियों को नोटिस भेजा जाता है, लेकिन नियमित निगरानी के अभाव में कई वाहन दोबारा सड़कों पर दौड़ते रहते हैं। दुर्घटना होने के बाद जांच में ऐसे मामलों का खुलासा होता है और फिर विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई करनी पड़ती है।
जिले में पिछले दो वर्षों के दौरान हुई कई दुर्घटनाओं से भी स्कूली वाहनों की बदहाल स्थिति उजागर हुई है। कहीं पुरानी बस की स्टेयरिंग फेल हुई तो कहीं कमानी टूटने से बस पलट गई। इन घटनाओं में कई बच्चे घायल हुए और वाहन सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हुए।
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केस स्टडी-1
कमानी टूटने से खेत में पलटी स्कूल बस, पांच बच्चे घायल
फरवरी 2026 में कंदवा थाना क्षेत्र के खुरहट गांव के पास एक स्कूल बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खेत में पलट गई। हादसे में बस में सवार पांच बच्चे घायल हो गए। जांच में सामने आया कि बस की कमानी टूटने के कारण चालक नियंत्रण खो बैठा था।
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केस स्टडी-2
15 साल पुरानी बस बनी हादसे की वजह, फिटनेस भी थी समाप्त
जुलाई 2024 में चकिया थाना क्षेत्र के गोगहरा गांव के पास एक स्कूल बस की स्टेयरिंग खराब होने से बस पलट गई। हादसे में पांच विद्यार्थियों समेत आठ लोग घायल हुए। जांच में पता चला कि बस 15 वर्ष पुरानी थी और उसकी फिटनेस की अवधि भी समाप्त हो चुकी थी। बस में उस समय 40 से अधिक बच्चे सवार थे।
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केस स्टडी-3
अनियंत्रित होकर पलटी बस, चार छात्राएं हुईं घायल
अगस्त 2024 में बबुरी थाना क्षेत्र के गंगेहरा गांव के पास एक स्कूल बस अनियंत्रित होकर पलट गई। दुर्घटना में बस में सवार चार छात्राएं घायल हो गईं। घटना के बाद वाहन की तकनीकी स्थिति और सुरक्षा मानकों की जांच कराई गई।
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नियमित निगरानी नहीं होने से बढ़ रहा खतरा
पीडीडीयू नगर। परिवहन विभाग फिटनेस फेल होने पर नोटिस जारी कर औपचारिकताएं तो पूरी करता है, लेकिन इसके बाद वाहनों की नियमित निगरानी नहीं हो पाती। ऐसे में कई वाहन कमियां दूर किए बिना ही बच्चों को लेकर सड़कों पर दौड़ते रहते हैं। दुर्घटना होने पर ही उनकी वास्तविक स्थिति सामने आती है। संवाद

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अभिभावकों की भी बढ़ी चिंता
पीडीडीयू नगर। लगातार हो रही दुर्घटनाओं और कार्रवाई के बावजूद कई स्कूलों में पुराने व तकनीकी रूप से कमजोर वाहन संचालित होने से अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि स्कूलों को हर सत्र से पहले सभी वाहनों की फिटनेस रिपोर्ट सार्वजनिक करनी चाहिए और परिवहन विभाग को भी नियमित जांच करनी चाहिए। संवाद

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प्रमुख बिंदु
- पांच साल में 65 स्कूली वाहनों के परमिट रद्द
- 155 वाहनों के परमिट किए गए निलंबित
- मिशन सेफ फ्यूचर अभियान में 15 से अधिक वाहन सीज
- 794 स्कूली वाहन जिले में पंजीकृत
- फिटनेस जांच में 15 वाहन पाए गए फेल
दो वर्षों में हुए कई हादसों में दर्जनभर से अधिक बच्चे हो चुके हैं घायल
फिटनेस फेल वाहनों के दोबारा सड़क पर उतरने पर उठ रहे सवाल


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कोट
नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूली वाहनों को सड़क पर चलने इजाजत नहीं है। इस बार बिना फिटनेट के स्कूली वाहन सड़क पर चलते मिलने पर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में सभी विद्यालयों को अवगत करा दिया गया है। स्कूली वाहनों की जांच लगातार जारी रहेगी। - डॉ. सर्वेश गौतम, एआरटीओ्र, चंदौली
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