संयोग: चंदौली के रामगढ़ में अघोर और गोरक्ष पीठाधीश्वर का मिलन, एकांत में की वार्ता
गोरक्ष पीठ के पीठाधीश्वर सीएम योगी आदित्यनाथ रविवार को चंदौली के रामगढ़ स्थित
अघोराचार्य की तपोस्थली बाबा कीनाराम आश्रम पहुंचे।
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आश्रम के कमरे में दोनों के बीच केवल आध्यात्म की बातें हुई जो वहां मौजूद लोगों के आश्चर्य का विषय रहा। पर्यटन विभाग की ओर से कीनाराम आश्रम में एक सामुदायिक हॉल का निर्माण कराया जाएगा। जिसमें करीब दस हजार लोग एक साथ बैठक सकेंगे। इसकी लागत करीब 20 करोड़ से अधिक की अनुमानित है।
संत कीनाराम के नाम पर होगा मेडिकल कॉलेज
वहीं सैयदराजा के बरठी कमरौर गांव के मौजा में निर्मित होने वाले राजकीय मेडिकल कॉलेज का नामकरण संत कीनाराम के नाम किए जाने के बाद उनके आस्था का अंदाजा लगाया जा सकता है। बाबा कीनाराम स्मारक स्थल के महामंत्री सूर्यनाथ सिंह ने बताया कि गोरक्ष पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ अघोर पीठ पर 2019 में भी पधार चुके हैं। जो दो संतों के लिए समागम का एक संयोग है।
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यह पीठ रहस्यों से परिपूर्व और अध्यात्म की अमानत
बताया कि बाबा कीनाराम ने कहा था कि जब मैं काशी में पुन: आऊंगा तो 11वीं गद्दी का पीठाधीश्वर के रूप में आऊंगा। मेरा खप्पर जयपुर के राजघराने और कुबड़ी सकलडीहा के ताजपुर में एक क्षत्रिय परिवार में रखा हुआ है। जो यह लेकर आएगा, यह समझ लेना वह स्वयं बाबा कीनाराम होगा और ऐसा ही हुआ।
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बाबा अघोरेश्वर भगवान अवधूत राम जी के रूप में पुन: रूप वे आए। उन्होंने अपनी ऊर्जा और शक्ति से जिस बालक को जन्म दिया। उसी बालक को आठ साल की अवस्था में 1978 में क्रीं कुंड का पीठाधीश्वर बनाया गया। जो आज बाबा सिद्धार्थ गौतम राम के नाम से जाने जाते हैं।
वहीं दूसरी तरफ गोरक्ष पीठ में महंत अवैधनाथ जी ने जिस अजय बिष्ट यानी योगी आदित्यनाथ को वहां का पीठाधीश्वर बनाया। जिस प्रकार पुरातन काल में दत्तात्रेय, गुरु गोरखनाथ, बाबा कीनाराम जी एक साथ थे। उसी प्रकार वर्तमान में सिद्धार्थ गौतम राम और योगी आदित्यनाथ हैं।