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बंद योजना के डंप रुपये से खींचा जाएगा नगर के विकास का खाका
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पीडीडीयू नगर। कोरोना संक्रमण काल में विकास के लिए फंड की समस्या हुई तो अब नगर पालिका पीडीडीयू नगर के बंद पड़ी योजनाओं के डंप धन को खर्च कर विकास का खाका खींचने में जुट गई है। काफी समय से नगर संगठित विकास योजना में पड़े 4.83 करोड़, 49 हजार 701 रुपयों को दूसरे मद में ट्रांसफर कराकर उससे नगर की मूलभूत सुविधाओं को साकार करेगी। इसके लिए पालिका प्रशासन, शासन प्रशासन से पत्राचार कर इसे खर्च करने की पूरी तैयारी में है। ऐसे में यदि यह धन नगर पालिका को मिल जाता है तो यह नगर के विकास के लिए संजीवनी होगा।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर पालिका के विकास के लिए नगर संगठित विकास योजना के तहत यह धनराशि मिली थी। इसी धनराशि में से लगभग पचास लाख रुपये की लागत से महात्मा गांधी शॉपिंग कॉम्पलेक्स के ऊपरी तल का निर्माण किया गया था। इसके बाद पालिका की ओर से दुकानों की नीलामी की गई। दुकानों की नीलामी से इस मद में करोड़ रुपये धन एकत्र हो गया। इसके बाद वर्ष 2012 में यह योजना बंद हो गई। वर्तमान में इस मद की 4.83 करोड़, 49 हजार 701 रुपये पड़े हुए है। कोरोना काल में जहां फंड की कमी से सड़क, नाली, खड़ंजा समेत निर्माण से जुड़े विभिन्न कार्य ठप पड़े हुए है वहीं इस मद में पड़े रुपये संजीवनी साबित होंगे। कोरोना काल में 14 वें वित्त के लगभग ढाई करोड़ रुपये से कर्मचारियों का तनख्वाह का भुगतान हो चुका है। वहीं 15 वित्त पर शासन की ओर से रोक लगाई गई है।
नगर संगठित विकास योजना में करीब पांच करोड़ की धनराशि है। नगर के विकास के लिए इस धनराशि का इस्तेमाल हो सके, इसके लिए जिलाधिकारी से लेकर शासन स्तर तक पत्रचार कर इस मद में पड़े रुपयों को दूसरे मद में ट्रांसफर कराया जाएगा। इससे नगर के अधूरी पड़े निर्माण कार्यों को पूरा कराने में गति मिलेगी। संतोष खरवार, चेयरमैन, नगर पालिका पीडीडीयू नगर।
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पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर पालिका के विकास के लिए नगर संगठित विकास योजना के तहत यह धनराशि मिली थी। इसी धनराशि में से लगभग पचास लाख रुपये की लागत से महात्मा गांधी शॉपिंग कॉम्पलेक्स के ऊपरी तल का निर्माण किया गया था। इसके बाद पालिका की ओर से दुकानों की नीलामी की गई। दुकानों की नीलामी से इस मद में करोड़ रुपये धन एकत्र हो गया। इसके बाद वर्ष 2012 में यह योजना बंद हो गई। वर्तमान में इस मद की 4.83 करोड़, 49 हजार 701 रुपये पड़े हुए है। कोरोना काल में जहां फंड की कमी से सड़क, नाली, खड़ंजा समेत निर्माण से जुड़े विभिन्न कार्य ठप पड़े हुए है वहीं इस मद में पड़े रुपये संजीवनी साबित होंगे। कोरोना काल में 14 वें वित्त के लगभग ढाई करोड़ रुपये से कर्मचारियों का तनख्वाह का भुगतान हो चुका है। वहीं 15 वित्त पर शासन की ओर से रोक लगाई गई है।
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नगर संगठित विकास योजना में करीब पांच करोड़ की धनराशि है। नगर के विकास के लिए इस धनराशि का इस्तेमाल हो सके, इसके लिए जिलाधिकारी से लेकर शासन स्तर तक पत्रचार कर इस मद में पड़े रुपयों को दूसरे मद में ट्रांसफर कराया जाएगा। इससे नगर के अधूरी पड़े निर्माण कार्यों को पूरा कराने में गति मिलेगी। संतोष खरवार, चेयरमैन, नगर पालिका पीडीडीयू नगर।
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