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बीस वर्षों में काफी बदला शहर, बढ़ी आबादी, सघन हुई बस्तियां
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पीडीडीयू नगर। नगर की आबादी पिछले बीस सालों में काफी बढ़ी है। 2011 के जनगणना के अनुसार नगर की आबादी एक लाख नौ हजार 650 थी जो अब तीन लाख के करीब पहुंच चुकी है। वहीं आबादी के सापेक्ष संसाधनों का टोटा है। शहर का दायरा तो जरूर बढ़ा और कुछ गांव के पास पहुंच चुका है लेकिन अभी तक यह आधिकारिक रूप से नहीं हो पाया है। पानी, सीवर, बिजली और सड़क की बुनियादी समस्याओं से लोग जूझ रहे हैं। रेस्टूरेंट, मॉल, अंग्रेजी मीडियम के स्कूल, दुकानों और व्यवसाय में काफी बढ़ोतरी हुई है। वहीं बस्तियां भी सघन हुई हैं।
नगर पालिका पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर के सरकारी आंकड़ों में शहर लगभग साढ़े चार किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। पिछले बीस वर्षो में सरकारी तौर नगर पालिका क्षेत्र का परिसीमन तो नहीं हुआ लेकिन बढ़ती हुई आबादी के कारण शहर का विस्तार हो चुका है। शहर से सटे गांवों में बड़े मकान बन चुकेे हैं। कई क्षेत्रों में दुकानें तक खुल चुकी है। रोजमर्रा की छोटी-छोटी वस्तुओं के लिए लोगों को शहर आने की आवश्यकता नहीं होती है। इसके अलावा बीस वर्षों में शहर भी काफी बदल गया है। सड़कों पर वाहनों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। हालात यह है कि दिन में नौ बजे से शाम आठ बजे तक नगर के मुख्य बाजारों में पांव रखने की जगह नहीं होती है। इसके साथ ही कपड़ों के शो रूम, मॉल, अस्पताल, रेस्टूरेंट, होटल समेत अन्य प्रकार के व्यवसाय में भी विस्तार हुआ है।
पीडीडीयू नगर। बढ़ती हुई आबादी और आवश्यकता से शहरीकरण को बढ़ावा मिला लेकिन अभी कई बुनियादी सुविधाओं की कमी है। नगर व आसपास के क्षेत्रों में अच्छी सड़कों की कमी है। कई क्षेत्रों में पानी निकासी की बेहतर व्यवस्था नहीं होने से जलभराव से लोगों को जूझना पड़ता है। आबादी के साथ ही अतिक्रमण भी नगर के लिए प्रमुख समस्या बन चुका है। सड़क चौड़ीकरण या फिर किसी ओवर ब्रिज के अभाव में शहर में नगर स्थित जीटी रोड पर जाम की स्थिति बनी रहती है।
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पीडीडीयू नगर। पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर क्षेत्र की आबादी में भी काफी वृद्धि हुई है। वर्ष 2011 में हुई जनगणना के अनुुसार नगर क्षेत्र की आबाद एक लाख नौ हजार 650 थी। वर्तमान में शहर की आबादी लगभग तीन लाख हो चुकी है।
पीडीडीयू नगर। नगर से सटे कई ग्रामीण क्षेत्रों को नगर पालिका में शामिल किये जाने के लिए वर्ष 1995 में नगर पालिका बोर्ड से प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया था। नगर पालिका चेयरमैन संतोष खरवार ने बताया कि वर्ष 1995 में सभासद रहने के दौरान बोर्ड की ओर से अमोघपुर, कुड़कला, हरिशंकरपुर, आशिंक आलमपुर गांव को नगर पालिका में शामिल किये जाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। संवाद
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नगर पालिका पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर के सरकारी आंकड़ों में शहर लगभग साढ़े चार किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। पिछले बीस वर्षो में सरकारी तौर नगर पालिका क्षेत्र का परिसीमन तो नहीं हुआ लेकिन बढ़ती हुई आबादी के कारण शहर का विस्तार हो चुका है। शहर से सटे गांवों में बड़े मकान बन चुकेे हैं। कई क्षेत्रों में दुकानें तक खुल चुकी है। रोजमर्रा की छोटी-छोटी वस्तुओं के लिए लोगों को शहर आने की आवश्यकता नहीं होती है। इसके अलावा बीस वर्षों में शहर भी काफी बदल गया है। सड़कों पर वाहनों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। हालात यह है कि दिन में नौ बजे से शाम आठ बजे तक नगर के मुख्य बाजारों में पांव रखने की जगह नहीं होती है। इसके साथ ही कपड़ों के शो रूम, मॉल, अस्पताल, रेस्टूरेंट, होटल समेत अन्य प्रकार के व्यवसाय में भी विस्तार हुआ है।
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पीडीडीयू नगर। बढ़ती हुई आबादी और आवश्यकता से शहरीकरण को बढ़ावा मिला लेकिन अभी कई बुनियादी सुविधाओं की कमी है। नगर व आसपास के क्षेत्रों में अच्छी सड़कों की कमी है। कई क्षेत्रों में पानी निकासी की बेहतर व्यवस्था नहीं होने से जलभराव से लोगों को जूझना पड़ता है। आबादी के साथ ही अतिक्रमण भी नगर के लिए प्रमुख समस्या बन चुका है। सड़क चौड़ीकरण या फिर किसी ओवर ब्रिज के अभाव में शहर में नगर स्थित जीटी रोड पर जाम की स्थिति बनी रहती है।
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पीडीडीयू नगर। पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर क्षेत्र की आबादी में भी काफी वृद्धि हुई है। वर्ष 2011 में हुई जनगणना के अनुुसार नगर क्षेत्र की आबाद एक लाख नौ हजार 650 थी। वर्तमान में शहर की आबादी लगभग तीन लाख हो चुकी है।
पीडीडीयू नगर। नगर से सटे कई ग्रामीण क्षेत्रों को नगर पालिका में शामिल किये जाने के लिए वर्ष 1995 में नगर पालिका बोर्ड से प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया था। नगर पालिका चेयरमैन संतोष खरवार ने बताया कि वर्ष 1995 में सभासद रहने के दौरान बोर्ड की ओर से अमोघपुर, कुड़कला, हरिशंकरपुर, आशिंक आलमपुर गांव को नगर पालिका में शामिल किये जाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। संवाद