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जेट्रोफा खाने से तेरह बच्चे बीमार
ब्यूरो अमर उजाला चंदौली
Updated Wed, 11 Feb 2015 01:27 AM IST
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चकरघट्टा थाना क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय सेमर साधोपुर के 13 बच्चे मंगलवार की दोपहर जेट्रोफा का फल खाने से बीमार हो गए।
हालत बिगड़ने पर उनको सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौगढ़ लाया गया।
जहां चिकित्सक ने बिना प्राथमिक उपचार किए ही उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिवार वालों ने इसकी जानकारी डीएम को दी। डीएम के हस्तक्षेप पर बच्चों को अस्पताल में भर्ती किया गया। जहां उनकी हालत में सुधार हो रहा है।
बताया जाता है कि चकरघट्टा थाना क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय सेमर साधोपुर में अध्ययन रत बच्चे स्कूल से छुट्टी होने के बाद दोपहर घर जा रहे थे। रास्ते में लगे जेट्रोफा फल को बच्चों ने तोड़कर खा लिया ।
इसके बाद फल खाने वाले 13 बच्चों की हालत बिगड़ गई। जिनमें अंजू (06), अंजली (10), अमित (05), पूजा (04), कजिका (06), माधुरी (07), चंद्रमा (05), रिंकी (08), प्रिंस (05), सुनीता (04), सुमन (05), सोनी (04) शामिल रहीं। परिवार वालों को जैसे ही यह सूचना मिली, पूरे गांव में हड़कंप मच गया।
अभिभावक व गांव वाले भागकर मौके पर पहुंचे। 108 नंबर एंबुलेंस से देर शाम सभी बच्चों को पीएचसी नौगढ़ लाया गया। गांव वालों का आरोप है कि उस वक्त अस्पताल में कोई चिकित्सक नहीं मिला। काफी देर बाद डा.अगरार अहमद आए। पर उन्होंने बच्चों को देखे ही जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
यह देखते ही क्षुब्ध परिवारवालों ने हंगामा शुरू कर दिया। डेवरी गांव के बीडीसी कल्लू प्रसाद जायसवाल ने मोबाइल फोन से इसकी जानकारी जिलाधिकारी नरेंद्र कुमार सिंह को दी।
जिनके निर्देश पर चिकित्सक ने बच्चों को अस्पताल में भर्ती किया गया। ग्रामीण सूचना देने के बाद भी पांच घंटे देर से एबुंलेस के पहुंचने से काफी नाराज रहे। उधर डा. अगरार अहमद का कहना है कि बच्चों का अस्पताल में इलाज चल रहा था। पर कुछ लोगों ने इसे राजनीतिक रूप देने की कोशिश की। बच्चों को कहीं रेफर नहीं किया गया था।
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हालत बिगड़ने पर उनको सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौगढ़ लाया गया।
जहां चिकित्सक ने बिना प्राथमिक उपचार किए ही उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिवार वालों ने इसकी जानकारी डीएम को दी। डीएम के हस्तक्षेप पर बच्चों को अस्पताल में भर्ती किया गया। जहां उनकी हालत में सुधार हो रहा है।
बताया जाता है कि चकरघट्टा थाना क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय सेमर साधोपुर में अध्ययन रत बच्चे स्कूल से छुट्टी होने के बाद दोपहर घर जा रहे थे। रास्ते में लगे जेट्रोफा फल को बच्चों ने तोड़कर खा लिया ।
इसके बाद फल खाने वाले 13 बच्चों की हालत बिगड़ गई। जिनमें अंजू (06), अंजली (10), अमित (05), पूजा (04), कजिका (06), माधुरी (07), चंद्रमा (05), रिंकी (08), प्रिंस (05), सुनीता (04), सुमन (05), सोनी (04) शामिल रहीं। परिवार वालों को जैसे ही यह सूचना मिली, पूरे गांव में हड़कंप मच गया।
अभिभावक व गांव वाले भागकर मौके पर पहुंचे। 108 नंबर एंबुलेंस से देर शाम सभी बच्चों को पीएचसी नौगढ़ लाया गया। गांव वालों का आरोप है कि उस वक्त अस्पताल में कोई चिकित्सक नहीं मिला। काफी देर बाद डा.अगरार अहमद आए। पर उन्होंने बच्चों को देखे ही जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
यह देखते ही क्षुब्ध परिवारवालों ने हंगामा शुरू कर दिया। डेवरी गांव के बीडीसी कल्लू प्रसाद जायसवाल ने मोबाइल फोन से इसकी जानकारी जिलाधिकारी नरेंद्र कुमार सिंह को दी।
जिनके निर्देश पर चिकित्सक ने बच्चों को अस्पताल में भर्ती किया गया। ग्रामीण सूचना देने के बाद भी पांच घंटे देर से एबुंलेस के पहुंचने से काफी नाराज रहे। उधर डा. अगरार अहमद का कहना है कि बच्चों का अस्पताल में इलाज चल रहा था। पर कुछ लोगों ने इसे राजनीतिक रूप देने की कोशिश की। बच्चों को कहीं रेफर नहीं किया गया था।