चंदौली में भ्रष्टाचार: सड़क के बाद अब पोखरा हो गया गायब, ग्रामीणों ने सीएम योगी से लगाई खोजने की गुहार, पोर्टल पर की शिकायत
चंदौली के संजय पांडेय ने सीएम पोर्टल पर शिकायत की है कि कागज पर लाखों रुपये की खर्च और सैकड़ों मजदूरों द्वारा जिस अराजी नंबर पर एक वर्ष पूर्व पोखरे की खोदाई की गई थी आज वह पोखरा मौके पर है ही नहीं। उन्होंने गुम हुए पोखरे को खोजने के लिए गुहार लगाई है।
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चंदौली में भ्रष्टाचार की जड़े इतनी गहरी हो चुकी हैं कि कभी सड़क तो कभी पोखरा ही गायब हो जा रहा है। नौगढ़ में आठ महीने पहले गांव की एक सड़क ही गायब हो गई थी। अब सकलडीहा विकासखंड के धरहरा गांव का एक पोखरा ही गायब होने की सूचना है।
धरहरा गांव के निवासी संजय पांडेय ने सीएम पोर्टल पर शिकायत की है कि कागज पर लाखों रुपये की खर्च और सैकड़ों मजदूरों द्वारा जिस अराजी नंबर पर एक वर्ष पूर्व पोखरे की खोदाई की गई थी आज वह पोखरा मौके पर है ही नहीं। उन्होंने गुम हुए पोखरे को खोजने के लिए गुहार लगाई है।
सकलडीहा विकासखंड के धरहरा गांव के निवासी संजय पांडेय ने मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल पर गांव में एक वर्ष पूर्व ही खोदे गए पोखरा की गायब होने की शिकायत की है। संजय पांडेय ने लिखा है कि मनरेगा के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2021-22 में लाखों रुपये खर्च करके अराजी नंबर 139 में पास पोखरे की खोदाई की गई थी। लेकिन यह तालाब कहां गया पता नहीं चल रहा है।
क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चा व्याप्त
पिछले एक सप्ताह से गांव के लिए उसे खोज रहे हैं पर पोखरा मिल ही नहीं रहा है। संजय ने मुख्यमंत्री से अनुरोध करते हुए लिखा है कि कृपया गुम हुए पोखरे को ढूंढकर अराजी नंबर 139 में स्थापित करने की कृपा करें। पोखरा गुम होने की खबर को लेकर के विकास विभाग में हड़कंप मच गया है।
क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चा व्याप्त है लोगों ने कहा कि पहली बार इतिहास में ऐसा हुआ है कि जिस पोखरे की खोदाई कुछ दिन पहले हुई हो वह पोखरा ही आराजी समेत गुम हो गया है। बीडीओ सकलडीहा अरूण कुमार पांडेय ने कहा कि सकलडीहा के धरहरा गांव में पोखरे का कोई मामला अभी संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा है तो इसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।