{"_id":"676d5363f2cfcf62d10d8831","slug":"chandauli-s-tomato-will-become-the-identity-of-the-farmer-crop-flourishing-in-kakrait-70-thousand-profit-exp-2024-12-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"चंदौली का टमाटर बनेगा किसान की पहचान : ककरैत में लहलहा रही फसल, प्रति एकड़ 70 हजार मुनाफे की उम्मीद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंदौली का टमाटर बनेगा किसान की पहचान : ककरैत में लहलहा रही फसल, प्रति एकड़ 70 हजार मुनाफे की उम्मीद
Thu, 26 Dec 2024 06:30 PM IST
नितीश कुमार पांडेय
अमर उजाला नेटवर्क, चंदौली
अमर उजाला नेटवर्क, चंदौली
Published by: नितीश कुमार पांडेय
Updated Thu, 26 Dec 2024 06:30 PM IST
सार
धान का कटोरा कहा जाने वाला चंदौली जनपद अब टमाटर की खेती में नया कीर्तिमान गढ़ने को तैयार दिखाई दे रहा है। ककरैत में टमाटर की फसल लहलहा रही है जिससे बड़े मुनाफे की उम्मीद है।
विज्ञापन
टमाटर की फसल
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
कर्मनाशा नदी के किनारे ककरैत गांव के खेतों में इन दिनों टमाटर की खेती लहलहा रही है। टमाटर की टहनियों व पत्तियों से जहां खेत हरे-भरे दिख रहे हैं वहीं फूल के साथ फल भी आने लगे हैं। फसल देख किसान काफी प्रफुल्लित हैं। किसानों का कहना है कि मौसम ने साथ दिया तो खेती से काफी अच्छा मुनाफा होगा।
विज्ञापन
कर्मनाशा नदी के तटवर्ती इलाके में किसान बड़े पैमाने पर सब्जी की खेती करते हैं। इससे किसानों की जीविका चलने के साथ टमाटर की बिक्री से उनकी आर्थिक स्थिति भी बेहतर होती है। सीजन में यहां का टमाटर यूपी सहित बिहार और झारखंड आदि प्रांत में जाता है।
विज्ञापन
किसान शिवलगन, मोहर, जग्गन, अंगद आदि ने बताया कि बंटाई पर खेत लेकर टमाटर की अगैती खेती की गई है। चालू सीजन में फसल अच्छी दिख रही है। एक एकड़ खेत में जोताई, बोआई, निराई, दवाई व सिंचाई में 20 से 22 हजार रुपये खर्च हुए हैं।
विज्ञापन
सब कुछ ठीक रहा तो 60 से 70 हजार रुपया मुनाफा मिलने की उम्मीद है। टमाटर के बाद खेत में गर्मी की सब्जी नेनुआ, करेला, भिंडी, तरबूज व खरबूज की खेती की जाएगी।