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रोजगार की संभावनाओं को बढ़ाने पर हुआ मंथन
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पड़ाव। कौशल विकास कार्यक्रम को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बुधवार क्षेत्र स्थित एक होटल में चंदौली, वाराणसी और सोनभ्रद जिले के अधिकारियों के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान भारत सकार के कौशल विकास उद्यमिता के सचिव डा. केपी कृष्णन ने जिले में कौशल विकास कार्यक्रम को प्रभावी बनाने के लिए आवश्यकता अनुुसार क्षमताओं का विकास कर रोजगार के अवसर बढ़ाने पर तीनों जिलों के जिलाधिकारियों के साथ मंथन किया।
कार्यशाला में डा. केपी कृष्णन ने कहा कि जिलों में आर्थिक स्थितियों को अध्ययन करने की आवश्यकता है। इसके लिए डिस्ट्रिक्ट एक्शन प्लान बनाएं और इसी के अनुरूप प्रत्येक जनपद कौशल प्रशिक्षण कराएं । कहा कि ऐसा करने से इससे स्थानीय स्तर पर लोग रोजगार परक होंगे व उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। उन्होंने जिलाधिकारियों को सलाह दी कि इसमें विभिन्न ट्रेडों को शामिल किया जाए। कार्यशाला में जनपदों में स्थानीय स्तर पर कौशल विकास के प्रशिक्षण के लिए आवश्यक ट्रेड का चुनाव कर प्रशिक्षण कराए जाने, युवाओं एवं महिलाओं को स्थानीय स्तर पर नियोजित कराने व अवसर प्रदान करने में आ रही समस्याएं व उसके समाधान पर चर्चा की गई। इस दौरान रिटेल सेक्टर, मंदिरों के माला, फूल, वेस्ट मैनेजमेंट, प्रसाद , पर्यटन क्षेत्र समेत कृषि की नई तकनीकों को कौशल विकास से प्रशिक्षित किए जाने पर भी जोर दिया गया। इस दौरान अपर सचिव, कौशल विकास भारत सरकार जूथिका पाटेणकर, मिशन निदेशक कौशल विकास, सेवायोजन कुणाल सिल्कू, जिलाधिकारी चंदौली नवनीत सिंह चहल, जिलाधिकारी वाराणसी कौशल राज शर्मा, जिलाधिकारी सोनभद्र, मुख्य विकास अधकिारी चंदौली डा. एके श्रीवास्तव समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
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कार्यशाला में डा. केपी कृष्णन ने कहा कि जिलों में आर्थिक स्थितियों को अध्ययन करने की आवश्यकता है। इसके लिए डिस्ट्रिक्ट एक्शन प्लान बनाएं और इसी के अनुरूप प्रत्येक जनपद कौशल प्रशिक्षण कराएं । कहा कि ऐसा करने से इससे स्थानीय स्तर पर लोग रोजगार परक होंगे व उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। उन्होंने जिलाधिकारियों को सलाह दी कि इसमें विभिन्न ट्रेडों को शामिल किया जाए। कार्यशाला में जनपदों में स्थानीय स्तर पर कौशल विकास के प्रशिक्षण के लिए आवश्यक ट्रेड का चुनाव कर प्रशिक्षण कराए जाने, युवाओं एवं महिलाओं को स्थानीय स्तर पर नियोजित कराने व अवसर प्रदान करने में आ रही समस्याएं व उसके समाधान पर चर्चा की गई। इस दौरान रिटेल सेक्टर, मंदिरों के माला, फूल, वेस्ट मैनेजमेंट, प्रसाद , पर्यटन क्षेत्र समेत कृषि की नई तकनीकों को कौशल विकास से प्रशिक्षित किए जाने पर भी जोर दिया गया। इस दौरान अपर सचिव, कौशल विकास भारत सरकार जूथिका पाटेणकर, मिशन निदेशक कौशल विकास, सेवायोजन कुणाल सिल्कू, जिलाधिकारी चंदौली नवनीत सिंह चहल, जिलाधिकारी वाराणसी कौशल राज शर्मा, जिलाधिकारी सोनभद्र, मुख्य विकास अधकिारी चंदौली डा. एके श्रीवास्तव समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
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