{"_id":"5dd98cf48ebc3e54990b0f1e","slug":"chandauli-news-chandauli-news-vns496000318","type":"story","status":"publish","title_hn":"फाइलेरिया मुक्त देश बनाने को महाअभियान कल से","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फाइलेरिया मुक्त देश बनाने को महाअभियान कल से
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंदौली। स्वास्थ्य विभाग फाइलेरिया मुक्त देश बनाने को गंभीर है। इसके लिए जनपद में 25 नवंबर से अभियान की शुरुआत होगी। इसके स्कूल-कालेजों के साथ-साथ गांवों में जागरूकता अभियान के तहत रैली, गोष्ठी व प्रतियोगिता का आयोजन कर लोगों फाइलेरिया रोग के बाबत जानकारी देने में स्वास्थ्य विभाग जुटा है। वहीं फाइलेरिया की दवा खिलाने को स्वास्थ्य विभाग ने नई तरकीब अपनाई है। इससे जनसमुदाय को प्रत्येक स्तर से जागरुक किया जाएगा। अबकी फाइलेरिया रोकने के लिए मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर कार्यक्रम के तहत इसे चलाया जाएगा। बीते वर्षों में लोगों को अल्बेंडाजोल और डीईसी दवा दी जाती थी। इस बार एक एंटी एलर्जिक टैबलेट आइवर मेक्टिन दी जाएगी।
सर्वे के दौरान पाया गया है कि नौ से 21 फीसद व्यक्तियों में फाइलेरिया के कीटाणु माइक्रो फाइलेरिया पाए गए हैं। यह बीमारी मच्छर के काटने से होती है। इसके लक्षण 10 से 15 वर्ष बाद सामने आते हैं। सीएमओ आरके मिश्रा ने कहा मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ आरके मिश्रा ने कहा कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए विभाग की ओर से तैयारियां जोरों पर की जा रही है। जनपद में अभियान से संबंधित सभी दवाएं आवश्यकतानुसार आ चुकी है, ताकि समय से पहले सभी चिंहित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा। वहीं प्रचार-प्रसार सामाग्री भी आ चुकी है। इस अभियान को सफल बानने के लिए विभाग के कर्मचारी स्कूलों, विद्यालयों और ग्रामीण इलाकों पर जाकर जन जागरूकता और संवेदीकरण का कार्य कर रहें हैं। कहा कि पहले सभी को अधिकतम दो गोली खाने को दी जाती थीं लेकिन अब किसको कितनी खुराक देनी है, यह घर-घर जाकर दवा बांटने वाले स्वास्थ्यकर्मी तय करेंगे। इसके लिए उनको ब्लाक मुख्यालय पर प्रशिक्षित किया जा चुका है। फाइलेरिया मुक्त अभियान 25 नवंबर से 12 दिसंबर तक पूरा होगा। आशा, आंगनबाड़ी व स्वास्थ्य कार्यकर्ता को यह टैबलेट लंबाई देखकर खिलाना है। इसमें यह तय है कि खुराक 90 से 119 सेंटीमीटर तक के लोगों को एक गोली, 120 से 140 सेंटीमीटर तक के लोगों दो गोलियां, 141 से 158 सेंटीमीटर तक के लोगों को तीन गोली और 159 से अधिक सेंटीमीटर तक के लोगों को चार गोली खिलाई जाएगी।
फाइलेरिया के कई हैं लक्षण
राज्य कार्यक्रम अधिकारी डा. वीपी सिंह की माने तो जननागों में सूजन (हाइड्रोसील) को नजरंदाज न करें। फाइलेरिया ग्रस्त मरीज को बुखार आना, शरीर में खुजली होना, हाथी पांव होना, अंडकोश मे सूजन आना आदि कुछ सामान्य लक्षण होते हैं। बताया कि फाइलेरिया ग्रसित मरीज को डबल ड्रग के जरिये ठीक होने में 5 से 6 वर्ष लग जाते हैं। जबकि ट्रिपल ड्रग के जरिए दो से तीन वर्ष में ही मरीज स्वस्थ हो जाता है।
विज्ञापन
रिपोर्ट- राकेश चंद्र यादव
विज्ञापन
सर्वे के दौरान पाया गया है कि नौ से 21 फीसद व्यक्तियों में फाइलेरिया के कीटाणु माइक्रो फाइलेरिया पाए गए हैं। यह बीमारी मच्छर के काटने से होती है। इसके लक्षण 10 से 15 वर्ष बाद सामने आते हैं। सीएमओ आरके मिश्रा ने कहा मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ आरके मिश्रा ने कहा कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए विभाग की ओर से तैयारियां जोरों पर की जा रही है। जनपद में अभियान से संबंधित सभी दवाएं आवश्यकतानुसार आ चुकी है, ताकि समय से पहले सभी चिंहित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा। वहीं प्रचार-प्रसार सामाग्री भी आ चुकी है। इस अभियान को सफल बानने के लिए विभाग के कर्मचारी स्कूलों, विद्यालयों और ग्रामीण इलाकों पर जाकर जन जागरूकता और संवेदीकरण का कार्य कर रहें हैं। कहा कि पहले सभी को अधिकतम दो गोली खाने को दी जाती थीं लेकिन अब किसको कितनी खुराक देनी है, यह घर-घर जाकर दवा बांटने वाले स्वास्थ्यकर्मी तय करेंगे। इसके लिए उनको ब्लाक मुख्यालय पर प्रशिक्षित किया जा चुका है। फाइलेरिया मुक्त अभियान 25 नवंबर से 12 दिसंबर तक पूरा होगा। आशा, आंगनबाड़ी व स्वास्थ्य कार्यकर्ता को यह टैबलेट लंबाई देखकर खिलाना है। इसमें यह तय है कि खुराक 90 से 119 सेंटीमीटर तक के लोगों को एक गोली, 120 से 140 सेंटीमीटर तक के लोगों दो गोलियां, 141 से 158 सेंटीमीटर तक के लोगों को तीन गोली और 159 से अधिक सेंटीमीटर तक के लोगों को चार गोली खिलाई जाएगी।
विज्ञापन
फाइलेरिया के कई हैं लक्षण
राज्य कार्यक्रम अधिकारी डा. वीपी सिंह की माने तो जननागों में सूजन (हाइड्रोसील) को नजरंदाज न करें। फाइलेरिया ग्रस्त मरीज को बुखार आना, शरीर में खुजली होना, हाथी पांव होना, अंडकोश मे सूजन आना आदि कुछ सामान्य लक्षण होते हैं। बताया कि फाइलेरिया ग्रसित मरीज को डबल ड्रग के जरिये ठीक होने में 5 से 6 वर्ष लग जाते हैं। जबकि ट्रिपल ड्रग के जरिए दो से तीन वर्ष में ही मरीज स्वस्थ हो जाता है।
विज्ञापन
रिपोर्ट- राकेश चंद्र यादव