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संविदा चालकों के भरोसे रोडवेज सेवा
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पीडीडीयू नगर। रोडवेज बसों का संचालन संविदा चालकों के भरोसे ही चल रहा है। पर्याप्त संख्या में चालकों के न होने से बसों का संचालन अक्सर प्रभावित होता रहता है। रोडवेज के बेड़े में उपलब्ध बसों के संचालन के लिए चालकों की जरूरत है है मगर वर्तमान में संविदा पर तैनात चालक ही बसों का पहिया खींच रहे हैँ। संविदा चालक बसों को चलाने में मनमानी कर रहे हैं। इससे बसों का संचालन भी प्रभावित हो रहा है और यात्रियों को परेशानी हो रही है।
वर्तमान में राजघाट पुल से बड़े वाहनों के आवागमन पर रोक लगने से जिले में जेएनएनयूआरएम की छोटी बसें ही संचालित हो रही है। जिले में पीडीडीयू नगर और चकिया में इन बसों के संचालन के बस अड्डा बनाया गया है। चकिया से नौगढ़ और पीडीडीयू नगर के लिए बसों का संचालन होता है। पड़ाव से पीडीडीयू नगर चहनियां तक चलती हैं। इसी तरह पीडीडीयू नगर से चंदौली, सैयदराजा चहनियां, चकिया और नौगढ़ तक बसें जाती हैं। इन रूटों पर 20 से अधिक सिटी बसों का संचालन होता है।
बावजूद इन बसों को चलाने के लिए एक भी विभागीय चालक नहीं है। सभी बसों को संविदा चालक और परिचालक ही चला रहे हैं। संविदा चालक बसों को सुरक्षित तरीके से समय से गंतव्य तक पहुंचाने के बजाए सवारियों को भरने पर जोर देते हैं। ऐसे में कहीं भी बसों को रोक कर सवारियां भरने लगते हैं। यही नहीं बसों के रख रखाव पर भी ध्यान नहीं दिया जाता है।
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इससे यात्रियों को परेशानी होती है। प्लांट डिपो निवासी रिजवाना ने बताया कि संविदा चालक बसों को चलाने में मनमानी करते हैं। हनुमानपुर निवासी सतीश कुमार ने बताया कि बसों को जहां तहां खड़ा करना आदत हो गई है। कैलाशपुरी निवासी शालिनी सिंह ने बताया कि संविदा चालक यात्रियों से व्यवहार भी अच्छा से नहीं करते हैं। सिकटिया निवासी शाबाद अली ने कहा कि विभागीय शिकायतों का भी इन पर असर नहीं होता है।
कोट-
चालकों के खाली पद को भरने के लिए शासन को लिखा गया है। शासन के निर्देश के अनुसार चालकों के पद भरे जाएंगे। संविदा चालकों पर निगाह रखी जाती है। यात्रियों के शिकायत पर कार्रवाई होती है।
जगदीश कुमार
एआरएम, वाराणसी
रिपोर्ट और संपादन- कृष्ण मुरारी मिश्र
बाइट-1900
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वर्तमान में राजघाट पुल से बड़े वाहनों के आवागमन पर रोक लगने से जिले में जेएनएनयूआरएम की छोटी बसें ही संचालित हो रही है। जिले में पीडीडीयू नगर और चकिया में इन बसों के संचालन के बस अड्डा बनाया गया है। चकिया से नौगढ़ और पीडीडीयू नगर के लिए बसों का संचालन होता है। पड़ाव से पीडीडीयू नगर चहनियां तक चलती हैं। इसी तरह पीडीडीयू नगर से चंदौली, सैयदराजा चहनियां, चकिया और नौगढ़ तक बसें जाती हैं। इन रूटों पर 20 से अधिक सिटी बसों का संचालन होता है।
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बावजूद इन बसों को चलाने के लिए एक भी विभागीय चालक नहीं है। सभी बसों को संविदा चालक और परिचालक ही चला रहे हैं। संविदा चालक बसों को सुरक्षित तरीके से समय से गंतव्य तक पहुंचाने के बजाए सवारियों को भरने पर जोर देते हैं। ऐसे में कहीं भी बसों को रोक कर सवारियां भरने लगते हैं। यही नहीं बसों के रख रखाव पर भी ध्यान नहीं दिया जाता है।
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इससे यात्रियों को परेशानी होती है। प्लांट डिपो निवासी रिजवाना ने बताया कि संविदा चालक बसों को चलाने में मनमानी करते हैं। हनुमानपुर निवासी सतीश कुमार ने बताया कि बसों को जहां तहां खड़ा करना आदत हो गई है। कैलाशपुरी निवासी शालिनी सिंह ने बताया कि संविदा चालक यात्रियों से व्यवहार भी अच्छा से नहीं करते हैं। सिकटिया निवासी शाबाद अली ने कहा कि विभागीय शिकायतों का भी इन पर असर नहीं होता है।
कोट-
चालकों के खाली पद को भरने के लिए शासन को लिखा गया है। शासन के निर्देश के अनुसार चालकों के पद भरे जाएंगे। संविदा चालकों पर निगाह रखी जाती है। यात्रियों के शिकायत पर कार्रवाई होती है।
जगदीश कुमार
एआरएम, वाराणसी
रिपोर्ट और संपादन- कृष्ण मुरारी मिश्र
बाइट-1900