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तुलसी-शालिग्राम विवाह में हुई तिलक व शादी की रस्म
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चहनिया। विकासखंड के विशुपुर गांव में रविवार को संत लक्ष्मी प्रपन्न जीयर स्वामी के सान्निध्य में तुलसी शालिग्राम विवाह का भव्य आयोजन किया गया। इसमें गाजे-बाजे व हाथी-घोड़े के साथ ग्रामीण भगवान शालिग्राम की बारात लेकर मां तुलसी के द्वार पहुंचे। इसके बाद तिलकोत्सव और बाद में शादी की रस्में संपन्न हुईं।
शालिग्राम-तुलसी विवाह का अद्भुत दृश्य देखते ही बन रहा था। काशी से पहुंचे विद्वान आचार्यों के मंत्रोच्चार से पूरा क्षेत्र भक्तिमय बना रहा। गाजे-बाजे के साथ मांगलिक गीत गाए जा रहे थे। सुबह से शाम तक प्रसाद वितरण का कार्यक्रम चलता रहा। इस दौरान संत जीयर स्वामी ने कई श्रद्धालुओं को दीक्षा भी दी। स्वामी जी ने कहा कि बड़े भाग्य से तुलसी-शालिग्राम भगवान के शादी समारोह में शामिल होने का सौभाग्य प्राप्त होता है। भगवान के विवाहोत्सव में हिस्सा लेने से मनुष्य पुण्य का भागी बनता है। उसके कई जन्मों के पाप कट जाते हैं। कहा कि गृहस्थ आश्रम में पति-पत्नी को विषम परिस्थितियों में भी मर्यादा का पालन करते रहना चाहिए। इसके अलावा धर्म के मार्ग का अनुसरण करते हुए घर माता-पिता व घर के बड़े- बुजुर्गों की सेवा करनी चाहिए। कहा कि घर में लक्ष्मी-नारायण के साथ तुलसी-शालिग्राम की पूजा होनी चाहिए। जिस घर में तुलसी-शालिग्राम की पूजा होती है उस घर में लक्ष्मी का वास होता है। कार्यक्रम में आसपास के कई गांवों के ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ी रही।
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शालिग्राम-तुलसी विवाह का अद्भुत दृश्य देखते ही बन रहा था। काशी से पहुंचे विद्वान आचार्यों के मंत्रोच्चार से पूरा क्षेत्र भक्तिमय बना रहा। गाजे-बाजे के साथ मांगलिक गीत गाए जा रहे थे। सुबह से शाम तक प्रसाद वितरण का कार्यक्रम चलता रहा। इस दौरान संत जीयर स्वामी ने कई श्रद्धालुओं को दीक्षा भी दी। स्वामी जी ने कहा कि बड़े भाग्य से तुलसी-शालिग्राम भगवान के शादी समारोह में शामिल होने का सौभाग्य प्राप्त होता है। भगवान के विवाहोत्सव में हिस्सा लेने से मनुष्य पुण्य का भागी बनता है। उसके कई जन्मों के पाप कट जाते हैं। कहा कि गृहस्थ आश्रम में पति-पत्नी को विषम परिस्थितियों में भी मर्यादा का पालन करते रहना चाहिए। इसके अलावा धर्म के मार्ग का अनुसरण करते हुए घर माता-पिता व घर के बड़े- बुजुर्गों की सेवा करनी चाहिए। कहा कि घर में लक्ष्मी-नारायण के साथ तुलसी-शालिग्राम की पूजा होनी चाहिए। जिस घर में तुलसी-शालिग्राम की पूजा होती है उस घर में लक्ष्मी का वास होता है। कार्यक्रम में आसपास के कई गांवों के ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ी रही।
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