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बाढ़ और बारिश ने छीन ली गरीबों की थाली से सब्जी
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पीडीडीयू नगर। पिछले दिनों हुई बरसात और नदियों में उफान के कारण आई बाढ़ का असर सबसे ज्यादा सब्जियों की खेती पर पड़ा है। बाढ़ व बारिश के कारण लगभग एक पखवारे पूर्व से बढ़ने वाले सब्जियों के भाव इन दिनों आसमान छू रहे हैं। आलम यह है कि घर से सब्जी खरीदने निकले लोग भाव सुनकर कुछ सब्जियां लेकर वापस लौट जा रहे हैं। गरीबों के लिए तो सब्जी खरीदना सपना बनकर रह गया है। मंगलवार को प्याज व सब्जियों के मूल्य में आई मामूली गिरावट के बाद भी ये लोगों की पहुंच के बाहर रहीं।
अचानक सब्जियों के भाव आसमान छूने से लोगों की समझ में नहीं आ रहा है कि वे थाली में इसकी भरपाई कैसे करें। अधिकांश लोग चना, राजमा, सोयाबीन व दालों से काम चला रहे हैं। सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि आगामी लगभग एक माह तक स्थिति ऐसी ही बनी रहने की संभावना है। बाढ़ के कारण गंगा सहित अन्य नदियों के तटवर्ती इलाकों में की गई सब्जी की खेती बर्बाद हो गई है। वहीं अन्य जिलों व प्रदेशों से आने वाली सब्जियों की मात्रा भी काफी कम है।
कीमतों में 100 प्रतिशत से अधिक आया उछाल
एक माह के अंतराल में सब्जियों की कीमतों में सौ प्रतिशत तक का उछाल आया है। कुछ के भाव तो सुनने के बाद लोगों को यकीन ही नहीं हो रहा कि वे सब्जी खरीद रहे हैं या और कुछ। मंगलवार को परवल व सेम का भाव सौ रुपये प्रति किलो रहा। वहीं बोड़ा 90 रुपये प्रति किलो की दर पर बिका। कुछ दिन पूर्व परवल 50 व सेम 45 रुपये प्रति किलो पर था। वहीं बोड़ा भी 60 रुपये प्रति किलो था। इसके अलावा टमाटर, भिंडी, नेनुआ, लौकी, करेला, तरोई व खीरा 40 रुपये प्रति किलो पर रहा। गोभी का फूल आकार के अनुसार 25 से 40 रुपये प्रति, मूली व ग्वालिन 70 रुपये किलो बिका। वहीं प्याज के कीमत में पांच रुपये की कमी देखी गई। कई दिनों से 50 रुपये किलो पर बना रहा प्याज 45 रुपये किलो पर पहुंचा। इसके अलावा धनिया 250 व अदरक 100 रुपये किलो रहा। सब्जी विक्रेता अशोक जायसवाल ने बताया कि नासिक से आमद बढ़ने के कारण प्याज की कीमत कम हुई है।
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अचानक सब्जियों के भाव आसमान छूने से लोगों की समझ में नहीं आ रहा है कि वे थाली में इसकी भरपाई कैसे करें। अधिकांश लोग चना, राजमा, सोयाबीन व दालों से काम चला रहे हैं। सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि आगामी लगभग एक माह तक स्थिति ऐसी ही बनी रहने की संभावना है। बाढ़ के कारण गंगा सहित अन्य नदियों के तटवर्ती इलाकों में की गई सब्जी की खेती बर्बाद हो गई है। वहीं अन्य जिलों व प्रदेशों से आने वाली सब्जियों की मात्रा भी काफी कम है।
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कीमतों में 100 प्रतिशत से अधिक आया उछाल
एक माह के अंतराल में सब्जियों की कीमतों में सौ प्रतिशत तक का उछाल आया है। कुछ के भाव तो सुनने के बाद लोगों को यकीन ही नहीं हो रहा कि वे सब्जी खरीद रहे हैं या और कुछ। मंगलवार को परवल व सेम का भाव सौ रुपये प्रति किलो रहा। वहीं बोड़ा 90 रुपये प्रति किलो की दर पर बिका। कुछ दिन पूर्व परवल 50 व सेम 45 रुपये प्रति किलो पर था। वहीं बोड़ा भी 60 रुपये प्रति किलो था। इसके अलावा टमाटर, भिंडी, नेनुआ, लौकी, करेला, तरोई व खीरा 40 रुपये प्रति किलो पर रहा। गोभी का फूल आकार के अनुसार 25 से 40 रुपये प्रति, मूली व ग्वालिन 70 रुपये किलो बिका। वहीं प्याज के कीमत में पांच रुपये की कमी देखी गई। कई दिनों से 50 रुपये किलो पर बना रहा प्याज 45 रुपये किलो पर पहुंचा। इसके अलावा धनिया 250 व अदरक 100 रुपये किलो रहा। सब्जी विक्रेता अशोक जायसवाल ने बताया कि नासिक से आमद बढ़ने के कारण प्याज की कीमत कम हुई है।
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