{"_id":"5d98ea4d8ebc3e93d1009e66","slug":"chandauli-news-chandauli-news-vns487465136","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुर्गा पूजा पंडालों में माता के दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दुर्गा पूजा पंडालों में माता के दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
न मंत्रं नो यन्त्रं तदपि च न जाने स्तुति महो, न चाह्वानं ध्यानं तदपि च न जाने स्तुतिकथा:।
न जाने मुद्रास्ते तदपि च न जाने विलपनं, परं जाने मास्त्वदुनसरणं क्लेश हरणं॥
भक्तों के पूजा में या देवी सर्वभुतेषु शंक्ति01.दुर्गा पूजा पंडालों में माता के दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु
आकर्षक झालरों और लाइटों से सजे भव्य बने पंडाल
मां की मूरत को निहार कर निहाल हुए भक्त, देर रात तक उमड़ी भीड़
अमर उजाला ब्यूूूरो
सचित्र-
पीडीडीयू नगर। महासप्तमी से तीन दिवसीय दुर्गा पूजा एवं मेले की शुरूआत शनिवार से हो गई। पहले दिन दुर्गा पूजा पंडालों में दर्शन पूजन के लिए दर्शनार्थियों का रेला उमड़ा। शाम होते ही सज धज कर दर्शनार्थी पंडालों में पहुंचे और दर्शन पूजन किया। दुर्गा पूजा पंडाल माता के जयकारे से गुंजायमान रहा। कपड़ों से बनी भव्य इमारत और प्रसिद्ध मंदिरों के रूप में बने पंडालों की अद्भुत छटा देखकर लोग आनंदित हो उठे और वहीं मां की मूरत निहाल कर भक्त निहाल हुए। दर्शन पूजन के बाद भक्तों ने मेले का खूब लुत्फ उठाया।
भव्य पंडालों में शुक्रवार की रात जगतजननी माता दुर्गा, वैभव की देवी माता लक्ष्मी, ज्ञानदायिनी माता सरस्वती, प्रथम पूज्य भगवान गणेश, कुमार कार्तिकेय की मूर्तियों को स्थापित किया गया। शनिवार की सुबह पुरोहितों को बुलाकर विधि-विधान से माता का आह्वान किया गया और विधि विधान से पूजा अर्चना की गई। इसके बाद माता के दर्शन पूजन के लिए मूर्तियों के पट खोल दिए गए। हालांकि बारिश की वजह से अभी भी पंडालों के आस पास कीचड़ की स्थिति बनी हुई है और इससे पूजा समितियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दर्शनार्थियों को भी दिक्कत हुई लेकिन भक्ति के आदे अव्यवस्थाएं गौण रही। नगर के आरपीएफ कालोनी स्थित काली मंदिर, इंडियन इंस्टीट्यूट मैदान, राम मंदिर, गया कालोनी, मानस नगर, सेंट्रल कालोनी, अमोघपुर, लोको कालोनी, बिछुआ मंदिर, सिकटिया, डीजल कालोनी, गल्ला मंडी, लाठ नंबर एक, लाठ नंबर दो, परमार कटरा, जायसवाल भवन, नई सट्टी, अफीम कोठी रोड, चंदासी मंडी, पड़ाव में बने भव्य पंडालों में शाम होते ही दर्शनार्थियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ तो पूरी रात यह सिलसिला जारी रहा। कहीं बड़े बड़े कटआउट से तो कहीं कपड़े, बांस बल्लियों के सहारे भव्य इमारत और मंदिरों के स्वरूप में पंडाल बनाए गए हैं। इसे देख कर श्रद्धालु आश्चर्यचकित रहे। इंडियन इंस्टीट्यूट, मानसनगर, गया कालोनी, लाठ नंबर एक और दो में भव्य मेला लगा। चंदासी और पड़ाव में भी मेले में लोगों ने झूले, चरखी, डिस्को झूला आदि का आनंद उठाया। दर्शनार्थियों ने चाट, पकौड़े, गोलगप्पा, चाऊमिन, मंचूरियन, दक्षिण भारतीय व्यंजन आदि का आनंद लिया। खिलौने, गुब्बाड़े आदि की भी खूब खरीददारी हुई। इस दौरान यहां सुरक्षा के इंतजाम रहे।
पीडीडीयू नगर। महासप्तमी के मौके पर आदि शक्ति के सातवें रूप महाकाली की पूजा अर्चना विधि विधान से की गई। भक्तों ने देवी मंदिरों पर पहुंच कर माता कालरात्रि की पूजा अर्चना कर अभिष्ट की कामना की। शनिवार को विशेष कर काली मंदिरों पर भक्तों की भीड़ उमड़ी। भक्तों ने माता की पूजा अर्चना कर माता के जयकारे लगाए।
विज्ञापन
नगर के जीटी रोड स्थित प्राचीन मां काली मंदिर, रविनगर, नई बस्ती, कैलाशपुरी, कैथापुर, शाहकुटी, परशुरामपुर, अमोघपुर, गल्ला मंडी, एलबीएस कटरा स्थित संकट हरण दरबार, सहित विभिन्न देवी मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की कतार लगी। इसी तरह रेलवे के आरपीएफ कालोनी, गया कालोनी, प्लांट डिपो कालोनी, लोको कालोनी, यूरोपियन कालोनी, डीजल कालोनी सहित विभिन्न कालोनियों में स्थित देवी मंदिरों पर सुबह से ही पहुंचे भक्तों ने माता के जयकारे लगाए। विशेष कर महिला व्रतियों ने माता को फूल, फल, चुनरी, इत्र से माता का शृंगार किया वहीं धूप, दीप नवैद्य अर्पित की और भव्य आरती उतारी। घरों में भी स्थापित कलश में माता के सातवें स्वरूप की पूजा अर्चना की गई। इसके बाद दुर्गा सप्तशति, दुर्गा चालीसा, विंध्यवासिनी चालीसा आदि का पाठ किया गया।
विज्ञापन
न जाने मुद्रास्ते तदपि च न जाने विलपनं, परं जाने मास्त्वदुनसरणं क्लेश हरणं॥
भक्तों के पूजा में या देवी सर्वभुतेषु शंक्ति01.दुर्गा पूजा पंडालों में माता के दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु
आकर्षक झालरों और लाइटों से सजे भव्य बने पंडाल
मां की मूरत को निहार कर निहाल हुए भक्त, देर रात तक उमड़ी भीड़
अमर उजाला ब्यूूूरो
सचित्र-
पीडीडीयू नगर। महासप्तमी से तीन दिवसीय दुर्गा पूजा एवं मेले की शुरूआत शनिवार से हो गई। पहले दिन दुर्गा पूजा पंडालों में दर्शन पूजन के लिए दर्शनार्थियों का रेला उमड़ा। शाम होते ही सज धज कर दर्शनार्थी पंडालों में पहुंचे और दर्शन पूजन किया। दुर्गा पूजा पंडाल माता के जयकारे से गुंजायमान रहा। कपड़ों से बनी भव्य इमारत और प्रसिद्ध मंदिरों के रूप में बने पंडालों की अद्भुत छटा देखकर लोग आनंदित हो उठे और वहीं मां की मूरत निहाल कर भक्त निहाल हुए। दर्शन पूजन के बाद भक्तों ने मेले का खूब लुत्फ उठाया।
भव्य पंडालों में शुक्रवार की रात जगतजननी माता दुर्गा, वैभव की देवी माता लक्ष्मी, ज्ञानदायिनी माता सरस्वती, प्रथम पूज्य भगवान गणेश, कुमार कार्तिकेय की मूर्तियों को स्थापित किया गया। शनिवार की सुबह पुरोहितों को बुलाकर विधि-विधान से माता का आह्वान किया गया और विधि विधान से पूजा अर्चना की गई। इसके बाद माता के दर्शन पूजन के लिए मूर्तियों के पट खोल दिए गए। हालांकि बारिश की वजह से अभी भी पंडालों के आस पास कीचड़ की स्थिति बनी हुई है और इससे पूजा समितियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दर्शनार्थियों को भी दिक्कत हुई लेकिन भक्ति के आदे अव्यवस्थाएं गौण रही। नगर के आरपीएफ कालोनी स्थित काली मंदिर, इंडियन इंस्टीट्यूट मैदान, राम मंदिर, गया कालोनी, मानस नगर, सेंट्रल कालोनी, अमोघपुर, लोको कालोनी, बिछुआ मंदिर, सिकटिया, डीजल कालोनी, गल्ला मंडी, लाठ नंबर एक, लाठ नंबर दो, परमार कटरा, जायसवाल भवन, नई सट्टी, अफीम कोठी रोड, चंदासी मंडी, पड़ाव में बने भव्य पंडालों में शाम होते ही दर्शनार्थियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ तो पूरी रात यह सिलसिला जारी रहा। कहीं बड़े बड़े कटआउट से तो कहीं कपड़े, बांस बल्लियों के सहारे भव्य इमारत और मंदिरों के स्वरूप में पंडाल बनाए गए हैं। इसे देख कर श्रद्धालु आश्चर्यचकित रहे। इंडियन इंस्टीट्यूट, मानसनगर, गया कालोनी, लाठ नंबर एक और दो में भव्य मेला लगा। चंदासी और पड़ाव में भी मेले में लोगों ने झूले, चरखी, डिस्को झूला आदि का आनंद उठाया। दर्शनार्थियों ने चाट, पकौड़े, गोलगप्पा, चाऊमिन, मंचूरियन, दक्षिण भारतीय व्यंजन आदि का आनंद लिया। खिलौने, गुब्बाड़े आदि की भी खूब खरीददारी हुई। इस दौरान यहां सुरक्षा के इंतजाम रहे।
विज्ञापन
पीडीडीयू नगर। महासप्तमी के मौके पर आदि शक्ति के सातवें रूप महाकाली की पूजा अर्चना विधि विधान से की गई। भक्तों ने देवी मंदिरों पर पहुंच कर माता कालरात्रि की पूजा अर्चना कर अभिष्ट की कामना की। शनिवार को विशेष कर काली मंदिरों पर भक्तों की भीड़ उमड़ी। भक्तों ने माता की पूजा अर्चना कर माता के जयकारे लगाए।
विज्ञापन
नगर के जीटी रोड स्थित प्राचीन मां काली मंदिर, रविनगर, नई बस्ती, कैलाशपुरी, कैथापुर, शाहकुटी, परशुरामपुर, अमोघपुर, गल्ला मंडी, एलबीएस कटरा स्थित संकट हरण दरबार, सहित विभिन्न देवी मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की कतार लगी। इसी तरह रेलवे के आरपीएफ कालोनी, गया कालोनी, प्लांट डिपो कालोनी, लोको कालोनी, यूरोपियन कालोनी, डीजल कालोनी सहित विभिन्न कालोनियों में स्थित देवी मंदिरों पर सुबह से ही पहुंचे भक्तों ने माता के जयकारे लगाए। विशेष कर महिला व्रतियों ने माता को फूल, फल, चुनरी, इत्र से माता का शृंगार किया वहीं धूप, दीप नवैद्य अर्पित की और भव्य आरती उतारी। घरों में भी स्थापित कलश में माता के सातवें स्वरूप की पूजा अर्चना की गई। इसके बाद दुर्गा सप्तशति, दुर्गा चालीसा, विंध्यवासिनी चालीसा आदि का पाठ किया गया।