{"_id":"631a3357c1c6ac5e593c5c4a","slug":"cdpo-denies-child-being-malnourished-chandauli-news-vns6731236137","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीडीपीओ ने बच्चे के कुपोषित होने से किया इंकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीडीपीओ ने बच्चे के कुपोषित होने से किया इंकार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चकिया । विकास खंड के डोडापुर गांव में बुधवार को मिले कथित कुपोषित बच्चे की स्वास्थ्य की जांच के बाद चिकित्सकों ने बच्चों को स्वस्थ करार दिया है। परीक्षण के बाद साढ़े तीन वर्ष के ऋषभ को सीडीपीओ राकेश बहादुर ने स्वस्थ बताया ।
डोडापुर गांव में राहुल खरवार और चंदा खरवार के साढ़े तीन वर्षीय पुत्र को वजन के मानकों के आधार पर ग्रामीणों ने कुपोषित बताया था । बृहस्पतिवार को बाल विकास परियोजना अधिकारी राकेश बहादुर, सुपरवाइजर पार्वती देवी, आंगनबाड़ी कार्यकत्री माया देवी, आरपीएसके की टीम में सम्मिलित डॉक्टर एसएन सिंह, डॉक्टर वंदना सिंह गांव में पहुंचे और बच्चे के स्वास्थ्य का परीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में बच्चे के स्वस्थ पाए जाने पर उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। जहां डॉक्टरों के पैनल ने उसका परीक्षण कर उसे स्वस्थ घोषित किया।
वहीं सीडीपीओ ने बताया कि साढे़ तीन वर्ष के बालक का वजन 10 किलोग्राम है। इससे कम वजन होने पर ही बच्चा कुपोषित की श्रेणी में आता है। इसलिए बच्चा कुपोषण की श्रेणी में वजन के आधार पर भी नहीं आता है। उन्होंने बच्चे को विटामिन, कीड़ी की दवा, कैल्शियम की गोलियां और टानिक अस्पताल द्वारा दिए जाने की बात बताई ।
विज्ञापन
विज्ञापन
डोडापुर गांव में राहुल खरवार और चंदा खरवार के साढ़े तीन वर्षीय पुत्र को वजन के मानकों के आधार पर ग्रामीणों ने कुपोषित बताया था । बृहस्पतिवार को बाल विकास परियोजना अधिकारी राकेश बहादुर, सुपरवाइजर पार्वती देवी, आंगनबाड़ी कार्यकत्री माया देवी, आरपीएसके की टीम में सम्मिलित डॉक्टर एसएन सिंह, डॉक्टर वंदना सिंह गांव में पहुंचे और बच्चे के स्वास्थ्य का परीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में बच्चे के स्वस्थ पाए जाने पर उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। जहां डॉक्टरों के पैनल ने उसका परीक्षण कर उसे स्वस्थ घोषित किया।
विज्ञापन
वहीं सीडीपीओ ने बताया कि साढे़ तीन वर्ष के बालक का वजन 10 किलोग्राम है। इससे कम वजन होने पर ही बच्चा कुपोषित की श्रेणी में आता है। इसलिए बच्चा कुपोषण की श्रेणी में वजन के आधार पर भी नहीं आता है। उन्होंने बच्चे को विटामिन, कीड़ी की दवा, कैल्शियम की गोलियां और टानिक अस्पताल द्वारा दिए जाने की बात बताई ।
विज्ञापन