परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के ड्रेस, स्कूल बैग, जूता-मोजा व स्वेटर खरीदने के लिए सरकार से 11 सौ रुपये मिले हैं। इसमें से दो सौ रुपये बच्चों के मैरून कलर के स्वेटर के लिए हैं। अभिभावक अब दुकान-दुकान घूम रहे हैं लेकिन दुकानदार इतने पैसे में स्वेटर देने से मना कर दे रहे हैं। उनका कहना है कि स्वेटर के लिए कम से कम चार से पांच सौ रुपये लेकर आना होगा।
जिले में कुल 1185 परिषदीय विद्यालय हैं। इनमें 705 प्राथमिक, 203 उच्च प्राथमिक व 277 कंपोजिट विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या करीब डेढ़ लाख है। इन विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों के बैंक खाते में बच्चों के जूते-मोजे, ड्रेस, स्वेटर व स्कूल बैग के लिए सरकार ने 11 सौ रुपये भेजे हैं। इसमें दो सौ रुपये में बच्चों के लिए स्वेटर खरीदना है। इन दिनों जिले में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। सुबह का न्यूनतम तापमान छह से सात डिग्री सेल्सियस पर पहुंच जा रहा है। अभिभावक इस कशमकश में हैं कि दो सौ रुपये में बच्चों के लिए स्वेटर किस दुकान से खरीदें। दुकानदारों का कहना है कि इतने कम दाम पर स्वेटर मिलना मुश्किल है। ऐसे में अभिभावकों के सामने अपनी जेब से धन मिलाकर स्वेटर खरीदने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है। वहीं मजदूर व गरीब तबके के अभिभावक बच्चों के लिए स्वेटर खरीद ही नहीं पा रहे हैं।