पीडीडीयू नगर। रेलवे स्टेशन पर प्लास्टिक की खाली बोतलें अब गंदगी का कारण नहीं बनेंगी। रेलवे स्टेशनों के यात्री हाल और प्लेटफॉर्मों में प्लास्टिक बोतल क्रशिंग मशीनें लगाई जा रही हैं। अब तक 18 मशीने लग चुकी हैं। इन मशीनों से बोतलों की कटिंग करने के बाद उन्हें रिसाइकलिंग प्लांट में भेजा जाएगा।
यात्रा के दौरान पानी पीने के लिए प्लास्टिक की बोतलें सबसे ज्यादा इस्तेमाल होती हैं। स्टेशन परिसर की दुकानों पर रोज रेल नीर सहित अन्य ब्रांडों के पानी की 10 हजार से ज्यादा बोतलें बिकती हैं। पानी पीने के बाद यात्री खाली बोतलें इधर-उधर फेंक देते हैं। इससे रेलवे ट्रैक, प्लेटफार्मों, यात्री प्रतीक्षालय में कचरा फैलता है।
इस समस्या के समाधान के लिए स्टेशनों पर प्लास्टिक बोतल क्रशिंग मशीनें लगाई जा रही हैं। इन मशीनों के माध्यम से प्लास्टिक की बोतलों को स्टेशन परिसर में ही क्रश किया जा रहा है। यहां से इन्हें रिसाइकलिंग प्लांट में भेजा जाएगा। मंडल के गया जंक्शन पर 20, डेहरी-ऑन-सोन स्टेशन पर छह और सासाराम स्टेशन पर पांच क्रशिंग मशीनें लगाई जाएंगी।