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बोगी का गेट पोल से भिड़ा
चंदौली ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Tue, 04 Apr 2017 01:43 AM IST
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पोल की हो रही मरम्मत।
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कानपुर से बेगूसराय जा रही मालगाड़ी के बोगी का दरवाजा खुला होने की वजह से प्लेटफार्म संख्या एक के पश्चिमी छोर के समीप पोल और ओएचई क्षतिग्रस्त हो गया। इससे प्लेटफार्म संख्या एक पर छह घंटे तक ट्रेनों को आवागमन बाधित रहा। ट्रेनों को दूसरे प्लेटफार्म से गुजारा गया। अधिकारियों की देख रेख में छह घंटे तक प्रयास कर तार को ठीक गया गया। इसके बाद ट्रेनों का परिचालन सामान्य हुआ।
गेहूं लेकर मालगाड़ी कानपुर से बेगुसराय जा रही थी। मालगाड़ी के बोगियों के दरवाजा लाक नहीं था, बल्कि उसे तार से बांधा गया था। दोपहर 12 बजकर 10 मिनट पर मालगाड़ी एक नंबर प्लेटफार्म पर पहुंच रही थी। इसी बीच लाइन शहीद बाबा की मजार के समीप एक बोगी का लाक खुल गया और उसमें लदी गेहूं की बोरियां नीचे गिरने लगी।
यही नहीं गेहूं के दबाव से दरवाजा एक तरफ निकल आया और दरवाजे के टक्कर से पोल संख्या 127 तीस प्रतिशत टेढ़ा हो गया वहीं ओएचई वायर टूट कर मालगाड़ी पर गिर गया। इससे मौके पर अफरा तफरी मच गई। मालगाड़ी के गार्ड ने कूद कर जान बचाई। इस बीच मालगाड़ी के डिब्बे खोलने की सूचना चारो तरफ फैल गई।
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इससे रेलवेे सुरक्षा बल के जवान भी परेशान हो गए वहीं अधिकारियों के हाथ पैर भी फूल गए। दुर्घटना सूचना के प्रसारण के टीआरडी के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंच गए। छह घंटे की मशक्कत के बाद तार को जोड़ कर ट्रेनों का परिचालन ठीक किया। इस दौरान छह घंटे तक एक नंबर प्लेटफार्म पर आने वाले ट्रेनों को दूसरे प्लेटफार्म से गुजारा गया। वहीं इस बाबत रेलवे सुरक्षा बल के मुगलसराय पोस्ट प्रभारी व्यंकटेश कुमार ने बताया कि चोरी की घटना नहीं हुई। बल्कि मैकेनिकल विभाग द्वारा बोगी को लाक नहीं किया गया था और तारों से दरवाजे को बांधा गया था। इससे दबाव की वजह से लाक खुल गया।
वहीं स्टेशन प्रबंधक नरेन्द्र कुमार ने बताया कि इससे ट्रेनों का परिचालन बाधित नहीं हुआ। मंडल रेल प्रबंधक किशोर कुमार ने बताया कि मामले की जांच करायी जाएगी।
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गेहूं लेकर मालगाड़ी कानपुर से बेगुसराय जा रही थी। मालगाड़ी के बोगियों के दरवाजा लाक नहीं था, बल्कि उसे तार से बांधा गया था। दोपहर 12 बजकर 10 मिनट पर मालगाड़ी एक नंबर प्लेटफार्म पर पहुंच रही थी। इसी बीच लाइन शहीद बाबा की मजार के समीप एक बोगी का लाक खुल गया और उसमें लदी गेहूं की बोरियां नीचे गिरने लगी।
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यही नहीं गेहूं के दबाव से दरवाजा एक तरफ निकल आया और दरवाजे के टक्कर से पोल संख्या 127 तीस प्रतिशत टेढ़ा हो गया वहीं ओएचई वायर टूट कर मालगाड़ी पर गिर गया। इससे मौके पर अफरा तफरी मच गई। मालगाड़ी के गार्ड ने कूद कर जान बचाई। इस बीच मालगाड़ी के डिब्बे खोलने की सूचना चारो तरफ फैल गई।
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इससे रेलवेे सुरक्षा बल के जवान भी परेशान हो गए वहीं अधिकारियों के हाथ पैर भी फूल गए। दुर्घटना सूचना के प्रसारण के टीआरडी के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंच गए। छह घंटे की मशक्कत के बाद तार को जोड़ कर ट्रेनों का परिचालन ठीक किया। इस दौरान छह घंटे तक एक नंबर प्लेटफार्म पर आने वाले ट्रेनों को दूसरे प्लेटफार्म से गुजारा गया। वहीं इस बाबत रेलवे सुरक्षा बल के मुगलसराय पोस्ट प्रभारी व्यंकटेश कुमार ने बताया कि चोरी की घटना नहीं हुई। बल्कि मैकेनिकल विभाग द्वारा बोगी को लाक नहीं किया गया था और तारों से दरवाजे को बांधा गया था। इससे दबाव की वजह से लाक खुल गया।
वहीं स्टेशन प्रबंधक नरेन्द्र कुमार ने बताया कि इससे ट्रेनों का परिचालन बाधित नहीं हुआ। मंडल रेल प्रबंधक किशोर कुमार ने बताया कि मामले की जांच करायी जाएगी।