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डाक टिकटों की कालाबाजारी
चंदौली ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Tue, 23 Aug 2016 01:38 AM IST
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मुख्यालय स्थित डाकघर के बाहर सफाई कर्मी के फार्म को जमा करने के लिए लगी युवाओं की भीड.
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प्रदेश में सफाई कर्मी पद समेत विभिन्न बैंकों और केंद्रीय सरकार के विभिन्न विभागों में निकली भर्तियों पर आवेदन करने के लिए डाक टिकटों की आवश्यकता होती है। लेकिन जिले में टिकट के लिए अत्यधिक मारामारी मची रहती है। डाकघरों में डाक टिकट लेना आसान नहीं है। वहीं अधिक कीमत पर दुकानों पर आसानी से उपलब्ध हैं।
विभिन्न सरकारी भर्तियों में आवेदन डाक से ही भेजना पड़ता है। यही नहीं आवेदन पत्रों के साथ निश्चित मूल्य का डाक टिकट लगाना जरूरी है। ऐसे में सभी पदों पर आवेदन करने के लिए लोग डाक टिकट के लिए डाक खाना पहुंच रहे हैं। डाक घरों में डाक टिकटों के इतनी लंबी कतार लग रही है कि बीस से तीस रुपये का डाक टिकट लेने के लिए तीन से चार घंटे लाइन में लगना पड़ रहा है। डाकघर में टिकट लेने पहुंचे युवाओं का कहना है कि यहां डाक टिकट देने में जान बूझ कर देरी की जा ही है। यही नहीं अक्सर ही अक्सर ही डाक टिकट खत्म होने की बात कह कर चलता कर दिया जा रहा है। वहीं आरोप लगाया कि दलालों को अंदर बुलाकर बड़े पैमाने पर डाक टिकट दिया जा रहा है। यही कारण है कि चाय पान की दुकानों पर भी अधिक दाम पर आसानी से डाक टिकट उपलब्ध हो रहे हैं। यही हालत स्पीड पोस्ट, रजिस्ट्री करने के दौरान हो रही है। लंबी कतार होने से पोस्टआफिसों में पुलिस की ड्यूटी लगानी पड़ रही है। मुगलसराय पोस्टआफिस के आंकड़ों की मानें तो यहां से प्रतिदिन 70 हजार डाक टिकटों की बिक्री हो रही है।
प्रभारी डाकपाल राजेन्द्र कुमार ने बताया कि यहां डाक टिकटों की कमी नहीं है। डाकघर में 60 हजार रुपये के डाक टिकट रखना है, लेकिन विशेष आग्रह पर तीन लाख रुपये का डाक टिकट मंगाकर रखा गया है। अतिरिक्त कर्मचारी लगाकर भी डाक टिकट बेचा जा रहा है।
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विभिन्न सरकारी भर्तियों में आवेदन डाक से ही भेजना पड़ता है। यही नहीं आवेदन पत्रों के साथ निश्चित मूल्य का डाक टिकट लगाना जरूरी है। ऐसे में सभी पदों पर आवेदन करने के लिए लोग डाक टिकट के लिए डाक खाना पहुंच रहे हैं। डाक घरों में डाक टिकटों के इतनी लंबी कतार लग रही है कि बीस से तीस रुपये का डाक टिकट लेने के लिए तीन से चार घंटे लाइन में लगना पड़ रहा है। डाकघर में टिकट लेने पहुंचे युवाओं का कहना है कि यहां डाक टिकट देने में जान बूझ कर देरी की जा ही है। यही नहीं अक्सर ही अक्सर ही डाक टिकट खत्म होने की बात कह कर चलता कर दिया जा रहा है। वहीं आरोप लगाया कि दलालों को अंदर बुलाकर बड़े पैमाने पर डाक टिकट दिया जा रहा है। यही कारण है कि चाय पान की दुकानों पर भी अधिक दाम पर आसानी से डाक टिकट उपलब्ध हो रहे हैं। यही हालत स्पीड पोस्ट, रजिस्ट्री करने के दौरान हो रही है। लंबी कतार होने से पोस्टआफिसों में पुलिस की ड्यूटी लगानी पड़ रही है। मुगलसराय पोस्टआफिस के आंकड़ों की मानें तो यहां से प्रतिदिन 70 हजार डाक टिकटों की बिक्री हो रही है।
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प्रभारी डाकपाल राजेन्द्र कुमार ने बताया कि यहां डाक टिकटों की कमी नहीं है। डाकघर में 60 हजार रुपये के डाक टिकट रखना है, लेकिन विशेष आग्रह पर तीन लाख रुपये का डाक टिकट मंगाकर रखा गया है। अतिरिक्त कर्मचारी लगाकर भी डाक टिकट बेचा जा रहा है।
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