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कई दिनों से कर रहे थे रेकी, पुलिस थी अनजान
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चंदौली रईया निवासी चिकित्सक डॉ. अमरेश्वर मौर्य के अपहरण के पीछे फिरौती वसूली का मामला उजागर हो चुका है। घटना को अंजाम देने वाले चारों आरोपी गैर जनपदों के निवासी थे। अपहरण से पहले उन्होंने कई दिनों तक चिकित्सक की गतिविधियों पर नजर रखी और रेकी करते रहे। बावजूद इसके स्थानीय पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। इस पूरे घटना क्रम में पुलिस की सूचना इकाई कमजोर दिखी।
बलुआ थाना के फुलपुर के समीप से रईया निवासी हेम्योपैथिक चिकित्सक डा. अमरेश्वर मौर्य का 31 मई की शाम कार सवार बदमाशों ने अपहरण कर लिया। दो जून को पुलिस ने चिकित्सक को सकुशल बरामद करने के साथ घटना में शामिल चार आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान पुलिस ने चारों के पास से फिरौती की 40.50 लाख रुपये भी बरामद की। अब सवाल यह है कि चिकित्सक का अपहरण करने वाले चारों आरोपी गाजीपुर, वाराणसी, सोनभद्र तथा मिर्जापुर जिले के निवासी है। जिन्हें बलुआ थानाक्षेत्र में घटना को अंजाम देने से पहले काफी दिनों तक भौगोलिक जानकारी की होगी। आरोप यह भी है कि इनकी मदद तथा मास्टर माइंड के रुप में हुदहुदीपुर के आकाश सिंह का भी नाम उजागर हुआ है। कई दिनों तक चले इस घटनाक्रम की पटकथा को लिखने वालों की भनक स्थानीय पुलिस को नहीं मिली। इसे सूचना तंत्र की विफलता मानी जा रही है। पुलिस के पास गोपनीय इनपुट एकत्र करने के लिए एलआईयू, एसआईयू की यूनिट भी सक्रिय रहती है। इतने बड़े घटनाक्रम से पहले किसी भी विभाग के पास कोई सूचना उपलब्ध नहीं हुई। एसपी अमित कुमार ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद स्थानीय लोगों की सलिप्तता उजागर हुई है। उनकी गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की गई है। सूचना तंत्र को विकसित करने के लिए कारगर कदम उठाया जाएगा।
रिपोर्ट- रविकांत सिंह
संपादन- कृष्ण मुरारी मिश्र
बाइट-1600
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बलुआ थाना के फुलपुर के समीप से रईया निवासी हेम्योपैथिक चिकित्सक डा. अमरेश्वर मौर्य का 31 मई की शाम कार सवार बदमाशों ने अपहरण कर लिया। दो जून को पुलिस ने चिकित्सक को सकुशल बरामद करने के साथ घटना में शामिल चार आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान पुलिस ने चारों के पास से फिरौती की 40.50 लाख रुपये भी बरामद की। अब सवाल यह है कि चिकित्सक का अपहरण करने वाले चारों आरोपी गाजीपुर, वाराणसी, सोनभद्र तथा मिर्जापुर जिले के निवासी है। जिन्हें बलुआ थानाक्षेत्र में घटना को अंजाम देने से पहले काफी दिनों तक भौगोलिक जानकारी की होगी। आरोप यह भी है कि इनकी मदद तथा मास्टर माइंड के रुप में हुदहुदीपुर के आकाश सिंह का भी नाम उजागर हुआ है। कई दिनों तक चले इस घटनाक्रम की पटकथा को लिखने वालों की भनक स्थानीय पुलिस को नहीं मिली। इसे सूचना तंत्र की विफलता मानी जा रही है। पुलिस के पास गोपनीय इनपुट एकत्र करने के लिए एलआईयू, एसआईयू की यूनिट भी सक्रिय रहती है। इतने बड़े घटनाक्रम से पहले किसी भी विभाग के पास कोई सूचना उपलब्ध नहीं हुई। एसपी अमित कुमार ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद स्थानीय लोगों की सलिप्तता उजागर हुई है। उनकी गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की गई है। सूचना तंत्र को विकसित करने के लिए कारगर कदम उठाया जाएगा।
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रिपोर्ट- रविकांत सिंह
संपादन- कृष्ण मुरारी मिश्र
बाइट-1600