खत्म हुआ इंतजार: 28 साल बाद चंदौली के प्रवेश मार्ग पर होगा उजाला, लग रहे ‘त्रिशूल-डमरू’ वाले आकर्षक पोल
चंदौली जिले के प्रवेश मार्ग पर उजाला बिखेरने की तैयारी है। यहां ‘त्रिशूल-डमरू’ वाले आकर्षक पोल लगाए जा रहे हैं। एक महीने में इसका कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
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आखिरकार 28 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद चंदौली जिले का प्रवेश मार्ग अब अंधेरे से बाहर आने वाला है। पड़ाव से पीडीडीयू नगर तक करीब आठ किलोमीटर लंबे मार्ग पर अब एलईडी लाइटों से उजाला फैलाने की तैयारी शुरू हो चुकी है। वाराणसी की तर्ज पर यहां भी आकर्षक ‘त्रिशूल-डमरू’ डिजाइन वाले पोल लगाए जा रहे हैं। एक महीने के भीतर पूरा मार्ग रोशनी से जगमगा उठेगा।
यह वही मार्ग है, जो चंदौली जिले की पहचान और प्रमुख प्रवेश द्वार माना जाता है। इस सड़क से एशिया की सबसे बड़ी कोल मंडी-चंदासी कोल मंडी जुड़ी हुई है। रोजाना करीब 1200 ट्रक और 4000 से अधिक छोटे-बड़े वाहन इसी रास्ते से गुजरते हैं। इसके बावजूद अब तक यहां प्रकाश की कोई समुचित व्यवस्था नहीं थी।
28 वर्षों से अंधेरे में डूबा था प्रमुख मार्ग
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वाराणसी की तर्ज पर सजेंगे पोल
प्रकाश व्यवस्था के लिए लगाए जा रहे पोलों की डिज़ाइन वाराणसी जैसी होगी। इनमें भगवान शिव के प्रतीक त्रिशूल और डमरू के आकार वाले आकर्षक पोल लगाए जा रहे हैं। इन पर हाई-इंटेंसिटी एलईडी लाइटें लगाई जा रही हैं, जो पूरे मार्ग को सुनियोजित रूप से रोशन करेंगी।
क्या बोले अधिकारी
सिक्स लेन निर्माण के दौरान प्रकाश की भी व्यवस्था की गई है। इसी के तहत अभी पड़ाव और चंदासी में बिजली के पोल ओर लाइटें लगाई जा रही हैं। जल्द प्रकाश की व्यवस्था होगी।
-राजेश कुमार, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग