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बाहर से आ रहे लोगों को क्वारंटीन करने की हो रही व्यवस्था
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पीडीडीयू नगर। जिले के विभिन्न गांवों में देश के दूसरे शहरों से लोगों व प्रवासी मजदूरों के आने का सिलसिला जारी है। इन लोगों व मजदूरों के पहुंचने से ग्रामीणों ने सतर्कता बढ़ा दी है। ग्रामीण बाहर से आने वाले लोगों को स्कूलों में क्वारंटीन करने के अलावा ग्राम प्रधानों व समाजसेवियों की सहायता से गांव की गलियों व अन्य स्थानों को सैनिटाइज भी करा रहे हैं।
शहाबगंज संवाददाता के अनुसार, क्षेत्र के गांवों में सैकड़ों की संख्या में प्रतिदिन प्रवासी श्रमिक अपने घरों को लौट रहे हैं। वहीं कुछ गांवों में कोरोना संक्रमितों के मिलने के बाद संभावित खतरे को देखते हुए ग्रामीणों ने सतर्कता बढ़ा दी है। सुविधा सम्पन्न लोग तो होम क्वारंटीन हो जा रहे हैं, लेकिन सबसे बड़ी समस्या मजदूर वर्ग के सामने आ रही है। मजदूरों के इसी समस्या को देखते हुए विकासखंड के कई गांव के प्रधानों ने मजदूरों को क्वारंटीन करने के लिए विद्यालयों व पंचायत भवनों में उनके रहने की व्यवस्था शुरू कर दी है। बसाढ़ी गांव के प्रधान ने चार मजदूरों को पंचायत भवन में क्वारंटीन कराया तो खरौझा गांव की प्रधान अमृता श्रीवास्तव ने अन्य प्रदेशों से आए 38 श्रमिकों को विद्यालय में क्वारंटीन करने की व्यवस्था की है। वहीं भोड़सर गांव की प्रधान आशा मौर्या ने बाहर से आए मजदूरों को विद्यालय में रहने की व्यवस्था करने के साथ पूरे गांव को सैनिटाइज कराया। साथ ही गांव की महिलाओं से बताया कि वायरस से बचाव का एक मात्र उपाय साफ-सफाई व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना है। गांव को सैनिटाइज करने में पप्पू, गनेश, संदीप, सोनू रस्तोगी, बृजेश यादव, अखिलेश,महेंद्र, रामसहारे ने सहयोग प्रदान किया। शिकारगंज संवाददाता के अनुसार, विश्वव्यापी कोरोना महामारी से बचाव के लिए क्षेत्र के नेवाजगंज के ग्राम प्रधान जनार्दन सिंह ने गांव को सैनिटाइज कराया। कहा कि ग्रामवासी लॉकडाउन के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। साथ ही बाहर से आने वाले लोगों की तत्काल जानकारी ग्राम प्रधान व जिला प्रशासन को दें जिससे उनकी जांच करा कर उन्हें भी सुरक्षित रखा जाए। इस मौके पर अरविंद सिंह, शरीफ अहमद, कमलेश पांडेय, धर्मेंद्र मोदनवाल, अंबुज मोदनवाल मौजूद रहे।
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शहाबगंज संवाददाता के अनुसार, क्षेत्र के गांवों में सैकड़ों की संख्या में प्रतिदिन प्रवासी श्रमिक अपने घरों को लौट रहे हैं। वहीं कुछ गांवों में कोरोना संक्रमितों के मिलने के बाद संभावित खतरे को देखते हुए ग्रामीणों ने सतर्कता बढ़ा दी है। सुविधा सम्पन्न लोग तो होम क्वारंटीन हो जा रहे हैं, लेकिन सबसे बड़ी समस्या मजदूर वर्ग के सामने आ रही है। मजदूरों के इसी समस्या को देखते हुए विकासखंड के कई गांव के प्रधानों ने मजदूरों को क्वारंटीन करने के लिए विद्यालयों व पंचायत भवनों में उनके रहने की व्यवस्था शुरू कर दी है। बसाढ़ी गांव के प्रधान ने चार मजदूरों को पंचायत भवन में क्वारंटीन कराया तो खरौझा गांव की प्रधान अमृता श्रीवास्तव ने अन्य प्रदेशों से आए 38 श्रमिकों को विद्यालय में क्वारंटीन करने की व्यवस्था की है। वहीं भोड़सर गांव की प्रधान आशा मौर्या ने बाहर से आए मजदूरों को विद्यालय में रहने की व्यवस्था करने के साथ पूरे गांव को सैनिटाइज कराया। साथ ही गांव की महिलाओं से बताया कि वायरस से बचाव का एक मात्र उपाय साफ-सफाई व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना है। गांव को सैनिटाइज करने में पप्पू, गनेश, संदीप, सोनू रस्तोगी, बृजेश यादव, अखिलेश,महेंद्र, रामसहारे ने सहयोग प्रदान किया। शिकारगंज संवाददाता के अनुसार, विश्वव्यापी कोरोना महामारी से बचाव के लिए क्षेत्र के नेवाजगंज के ग्राम प्रधान जनार्दन सिंह ने गांव को सैनिटाइज कराया। कहा कि ग्रामवासी लॉकडाउन के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। साथ ही बाहर से आने वाले लोगों की तत्काल जानकारी ग्राम प्रधान व जिला प्रशासन को दें जिससे उनकी जांच करा कर उन्हें भी सुरक्षित रखा जाए। इस मौके पर अरविंद सिंह, शरीफ अहमद, कमलेश पांडेय, धर्मेंद्र मोदनवाल, अंबुज मोदनवाल मौजूद रहे।
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