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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chandauli News ›   Allegations of extending benefits of the Chief Minister's Housing Scheme to ineligible persons; probe demanded.

Chandauli News: अपात्रों को मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ देने का आरोप, जांच की मांग

Fri, 12 Jun 2026 01:45 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 12 Jun 2026 01:45 AM IST
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Allegations of extending benefits of the Chief Minister's Housing Scheme to ineligible persons; probe demanded.
नियामताबाद के बुधवार गांव में तालाब की जमीन पर बनाया जा रहा मुख्यमंत्री आवास। संवाद
विकास खंड नियामताबाद की ग्राम पंचायत बुधवार में मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत चार कथित अपात्र लाभार्थियों को आवास स्वीकृत किए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीण अशोक कुमार सिंह ने खंड विकास अधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और जिलाधिकारी चंदौली को शिकायत पत्र देकर मामले की जांच कराने तथा कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता के अनुसार ग्राम पंचायत निवासी लौटई पुत्र हीरा को वर्ष 2026 में मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ दिया गया है। आरोप है कि उनका आवास आराजी संख्या 333 स्थित तालाब की भूमि पर बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि तालाब की भूमि सुरक्षित श्रेणी में आती है और उस पर निर्माण कराना नियमों के विपरीत है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2015-20 के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में भी लौटई का नाम शामिल था, लेकिन तालाब की भूमि पर निर्माण प्रस्तावित होने के कारण तत्कालीन खंड विकास अधिकारी ने आवास स्वीकृति निरस्त कर दी थी। इसके अलावा गीता पत्नी नाथूलाल, संजू पत्नी कमलेश और राजकुमारी पत्नी दिलीप को भी मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ दिए जाने पर सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इन लाभार्थियों के परिवारों को पहले ही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास मिल चुका है और उनका निर्माण भी पूरा हो चुका है। ऐसे में दोबारा आवास योजना का लाभ दिया जाना नियमों के विरुद्ध है। अशोक कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि इस संबंध में पूर्व में भी शिकायत की गई थी, लेकिन अब तक कोई जांच या कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई तथा अपात्र लाभार्थियों के आवास निरस्त करने की मांग की है। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी साद अहमद ने बताया कि मामले की जांच के लिए एडीओ आईएसबी और एडीओ कृषि को नामित किया गया है। जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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