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शराब में मिलावट रोकने के लिए दुकानों पर लगाई जाएंगी पीओएस मशीन
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पीडीडीयू नगर। बीयर, देशी व अंग्रेजी शराब में मिलावटखोरी और ओवर रेटिंग रोकने के लिए अब इन दुकानों पर पीओएस (प्वाइंट ऑफ सेल) मशीनें लगाई जाएंगी। इससे आबकारी विभाग बीयर, देशी और विदेशी शराब की दुकानों हो होने वाली बिक्री का सही आंकड़ा जुटाने के अलावा इन दुकानों की निगरानी भी कर सकेगा। पहले बीयर की दुकानों पर योजना आरंभ की जाएगी। जिले में शीघ्र ही योजना को अमलीजामा पहनाने की तैयारी में आबकारी विभाग जुट गया है। अभी तक कोरोना संक्रमण के कारण मशीनों को लगाए जाने का कार्य अत्यंत धीमी गति से चल रहा था। अब शीघ्र ही कार्य में तेजी आएगी।
मशीन लग जाने के बाद शराब में मिलावटखोरी और प्रिंट से अधिक दाम पर दुकानदार बिक्री नहीं कर सकेंगे। इन दुकानों की मॉनीटरिंग लखनऊ में बैठे उच्चाधिकारियों की ओर से की जाएगी ताकि किसी तरह की गड़बड़ी और अनियमितता मिलने पर तत्काल संबंधित दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। पहले चरण में जिले की बीयर की दुकानों पर मशीन लगाई जाएगी। इसको लेकर आबकारी विभाग की ओर से कवायद तेज करने की प्रक्रिया पर काम किया जा रहा है। प्रदेश में कई स्थानों पर जहरीली शराब के सेवन से लोगों की हुई मौत के बाद प्रदेश सरकार ने अब तक चल रही व्यवस्था में बदलाव करने का फैसला किया है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत बीयर की दुकानों को पीओएस मशीन से लैस किया जाएगा।
पीओएस मशीन लगने के बाद दुकानदार को इससे शराब की बोतल पर लगे रैपर को स्कैन कर बेचना अनिवार्य होगा। पीओएस मशीन से रैपर के स्कैन होते ही उसकी बिक्री का पूरा ब्यौरा, दुकान का नाम व उसका सीरियल नंबर आदि विभाग के डाटा बैंक में ट्रांसफर हो जाएगा। यही नहीं इसके जरिए जिले के किसी भी कोने में स्थित दुकानों पर लखनऊ आदि स्थानों से नजर रखी जा सकेगी।
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जिले में 114 देसी, 76 अंग्रेजी, चार मॉडल शॉप के अलावा बीयर की 61 दुकानें हैं। आबकारी विभाग को वैसे तो सभी दुकानों पर पीओएस मशीनें लगानी हैं पर सबसे पहले बीयर की दुकानों को इसके लिए चयनित किया गया है। इन दुकानों पर इस वर्ष के अक्तूबर माह तक पीओएस मशीन लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
जिले में शराब बिक्री की बात की जाए प्रति दिन करीब 10 हजार लीटर देसी शराब की बिक्री होती है। इसके अलावा करीब पांच हजार लीटर अंग्रेजी शराब व तीन हजार लीटर बीयर की खपत भी रोज होती है।
मशीन से अंग्रेजी, बीयर और देशी शराब को लैस किया जाएगा। पहले चरण में अक्तूबर के अंत तक बीयर की दुकानों पर मशीन लगवाई जाएगी। इसके बाद दूसरे चरण में अंग्रेजी व तीसरे चरण में देशी शराब की दुकानों पर भी मशीन से लैस किया जाएगा। - जितेंद्र कुमार सिंह, जिला आबकारी अधिकारी।
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मशीन लग जाने के बाद शराब में मिलावटखोरी और प्रिंट से अधिक दाम पर दुकानदार बिक्री नहीं कर सकेंगे। इन दुकानों की मॉनीटरिंग लखनऊ में बैठे उच्चाधिकारियों की ओर से की जाएगी ताकि किसी तरह की गड़बड़ी और अनियमितता मिलने पर तत्काल संबंधित दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। पहले चरण में जिले की बीयर की दुकानों पर मशीन लगाई जाएगी। इसको लेकर आबकारी विभाग की ओर से कवायद तेज करने की प्रक्रिया पर काम किया जा रहा है। प्रदेश में कई स्थानों पर जहरीली शराब के सेवन से लोगों की हुई मौत के बाद प्रदेश सरकार ने अब तक चल रही व्यवस्था में बदलाव करने का फैसला किया है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत बीयर की दुकानों को पीओएस मशीन से लैस किया जाएगा।
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पीओएस मशीन लगने के बाद दुकानदार को इससे शराब की बोतल पर लगे रैपर को स्कैन कर बेचना अनिवार्य होगा। पीओएस मशीन से रैपर के स्कैन होते ही उसकी बिक्री का पूरा ब्यौरा, दुकान का नाम व उसका सीरियल नंबर आदि विभाग के डाटा बैंक में ट्रांसफर हो जाएगा। यही नहीं इसके जरिए जिले के किसी भी कोने में स्थित दुकानों पर लखनऊ आदि स्थानों से नजर रखी जा सकेगी।
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जिले में 114 देसी, 76 अंग्रेजी, चार मॉडल शॉप के अलावा बीयर की 61 दुकानें हैं। आबकारी विभाग को वैसे तो सभी दुकानों पर पीओएस मशीनें लगानी हैं पर सबसे पहले बीयर की दुकानों को इसके लिए चयनित किया गया है। इन दुकानों पर इस वर्ष के अक्तूबर माह तक पीओएस मशीन लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
जिले में शराब बिक्री की बात की जाए प्रति दिन करीब 10 हजार लीटर देसी शराब की बिक्री होती है। इसके अलावा करीब पांच हजार लीटर अंग्रेजी शराब व तीन हजार लीटर बीयर की खपत भी रोज होती है।
मशीन से अंग्रेजी, बीयर और देशी शराब को लैस किया जाएगा। पहले चरण में अक्तूबर के अंत तक बीयर की दुकानों पर मशीन लगवाई जाएगी। इसके बाद दूसरे चरण में अंग्रेजी व तीसरे चरण में देशी शराब की दुकानों पर भी मशीन से लैस किया जाएगा। - जितेंद्र कुमार सिंह, जिला आबकारी अधिकारी।