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जिला मुख्यालय पर किया प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, चंदौली
Updated Thu, 31 Dec 2015 01:55 AM IST
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प्रांतीय धनगर महासभा जिला इकाई की ओर से बुधवार को मुख्यालय स्थित धरनास्थल पर विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया गया।
इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली और समाज को तत्काल अनुसूचित जाति का दर्जा प्रदान किए जाने की मांग की। अंत में राज्यपाल व मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन तहसीलदार गुलाब चंद्र को सौंपा।
इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी धनगर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने 24 अक्टूबर 2014 को धनगर समाज के लोगों को अनुसूचित जाति का दर्जा देते हुए प्रमाण पत्र जारी करने का शासनादेश जारी कर दिया, लेकिन जिला प्रशासन के लोग अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र जारी करने में हीलाहवाली कर रहे है।
कहा कि धनगर जाति का ही उपनाम गड़ेरिया है। धनगर, पाल व गड़ेरिया एक ही जाति है।
कहा कि राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग व भारत सरकार ने भी धनगर जाति को गड़ेरिया की उपजाति मानते हुए अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र जारी करने का निर्देश दिया है, लेकिन इसके बाबजूद भी जिला प्रशासन ने समाज के लोग जाति प्रमाण पत्र जारी करने में रुचि नहीं ले रहे है।
इस अवसर पर राधेश्याम पाल, महेंद्र धनगर, जयप्रकाश पाल, विवेक पाल, होरीलाल पाल, राजेश पाल, रामाश्रय पाल, मुखराम पाल, ओमप्रकाश पाल आदि उपस्थित रहे।
संचालन शिवशंकर धनगर ने किया।
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इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली और समाज को तत्काल अनुसूचित जाति का दर्जा प्रदान किए जाने की मांग की। अंत में राज्यपाल व मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन तहसीलदार गुलाब चंद्र को सौंपा।
इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी धनगर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने 24 अक्टूबर 2014 को धनगर समाज के लोगों को अनुसूचित जाति का दर्जा देते हुए प्रमाण पत्र जारी करने का शासनादेश जारी कर दिया, लेकिन जिला प्रशासन के लोग अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र जारी करने में हीलाहवाली कर रहे है।
कहा कि धनगर जाति का ही उपनाम गड़ेरिया है। धनगर, पाल व गड़ेरिया एक ही जाति है।
कहा कि राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग व भारत सरकार ने भी धनगर जाति को गड़ेरिया की उपजाति मानते हुए अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र जारी करने का निर्देश दिया है, लेकिन इसके बाबजूद भी जिला प्रशासन ने समाज के लोग जाति प्रमाण पत्र जारी करने में रुचि नहीं ले रहे है।
इस अवसर पर राधेश्याम पाल, महेंद्र धनगर, जयप्रकाश पाल, विवेक पाल, होरीलाल पाल, राजेश पाल, रामाश्रय पाल, मुखराम पाल, ओमप्रकाश पाल आदि उपस्थित रहे।
संचालन शिवशंकर धनगर ने किया।