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चार वर्ष पहले लगा एबीसी केबल, अब तक नहीं हुआ कनेक्शन
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पीडीडीयू नगर। वर्ष 2018 में मुख्यमंत्री के नगर आगमन की सूचना पर बिजली विभाग ने आनन-फानन में जीटी रोड पर एबीसी (एरियल बंच कंडक्टर) दौड़ा दिया। इसके बाद एमडी ऑफिस से तीन सर्किट के लाइन की अनुमति नहीं मिलने के कारण विभाग ने कार्य रोक दिया। आलम यह है कि चार वर्ष बीत जाने के बाद भी इस तार से लोगों को कनेक्शन नहीं दिया गया है। एबीसी केबल से कनेक्शन दे दिए जाने से जहां खुले तारों के मकड़जाल से छुटकारा मिल जाता वहीं बिजली चोरी पर भी काफी हद तक अंकुश लग सकता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन की सूचना पर नगर में जीटी रोड के आसपास कई विकास कार्य कराए गए थे। सड़क की दोनों पटरियों व डिवाइडर का रंग रोगन करने के साथ लाइट की व्यवस्था की गई थी। वहीं रोड के बीच में बने डिवाइडर पर लगे खंभों में बेतरतीब ढंग से लोगों के घरों व प्रतिष्ठानों में कनेक्शन दिए गए हैं।
नगर के बीचोबीच किया गया यह कार्य देखने में काफी गंदा लग रहा था। मुख्यमंत्री की नजर इन तारों पर पड़ने के बाद होने वाली कार्रवाई के डर से आनन-फानन में जीटी रोड के इन खंभों पर एबीसी केबल खींच दिया गया। विभाग ने कनेक्शन के लिए एमडी ऑफिस से तीन सर्किट के लाइन की इजाजत मांगी थी पर वीआईपी मूवमेंट को देखते हुए एक सर्किट लाइन की अनुमति ही मिल पाई थी। मुख्यमंत्री के दौरे के बाद विभाग शिथिल पड़ गया और कनेक्शन नहीं बदले गए। वर्तमान में भी पुरानी व्यवस्था से ही बिजली आपूर्ति की जा रही है। एबीसी केबल वैसे ही खंभों की शोभा बढ़ा रहे हैं। इससे खंभों के आसपास अभी भी तारों का मकड़जाल फैला हुआ है।
खुले तारों से दुर्घटना की आशंका
पीडीडीयू नगर। जीटी रोड के बीचोबीच डिवाइडर पर लगे खंभों पर खींचे गए तारों से हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। गर्मी के दिनों में अक्सर ये तार टूटकर गिरते रहते हैं। जीटी रोड पर हमेशा वाहनों व लोगों का आना-जाना लगा रहता है। कई स्थानों पर तो एक खंभे से दर्जनों कनेक्शन दिए गए हैं। इससे तारों के बोझ से भी इनके टूटने की संभावना बनी रहती है। वहीं इन तारों के ऊपर हाईटेंशन तार गुजरा है। हाईटेंशन तार के टूटकर इन तारों पर गिरने के कारण बड़ी दुर्घटना घट सकती है।
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बिजली की रुक सकती है चोरी
पीडीडीयू नगर। एबीसी (एरियल बंच कंडक्टर) तार कवर्ड होते हैं। इनसे कनेक्शन दिए जाने से जहां दुर्घटना की आशंका कम हो सकती है खुले तारों से हो रही बिजली की चोरी को भी रोका जा सकता है। लोगों का कहना है कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण कनेक्शन ओर से बरती जा रही यह उदासीनता उनकी समझ से परे हैं। मुगलसराय के विद्युत वितरण खंड - 2 के एक्सईएन प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि एबीसी तारों से कनेक्शन करने के लिए तीन सर्किट के लाइन का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। अभी तक अनुमति व धन न मिलने के कारण कार्य रुका पड़ा है। अनुमति व धन मिलने के बाद कनेक्शन करा दिए जाएंगे।
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नगर के बीचोबीच किया गया यह कार्य देखने में काफी गंदा लग रहा था। मुख्यमंत्री की नजर इन तारों पर पड़ने के बाद होने वाली कार्रवाई के डर से आनन-फानन में जीटी रोड के इन खंभों पर एबीसी केबल खींच दिया गया। विभाग ने कनेक्शन के लिए एमडी ऑफिस से तीन सर्किट के लाइन की इजाजत मांगी थी पर वीआईपी मूवमेंट को देखते हुए एक सर्किट लाइन की अनुमति ही मिल पाई थी। मुख्यमंत्री के दौरे के बाद विभाग शिथिल पड़ गया और कनेक्शन नहीं बदले गए। वर्तमान में भी पुरानी व्यवस्था से ही बिजली आपूर्ति की जा रही है। एबीसी केबल वैसे ही खंभों की शोभा बढ़ा रहे हैं। इससे खंभों के आसपास अभी भी तारों का मकड़जाल फैला हुआ है।
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खुले तारों से दुर्घटना की आशंका
पीडीडीयू नगर। जीटी रोड के बीचोबीच डिवाइडर पर लगे खंभों पर खींचे गए तारों से हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। गर्मी के दिनों में अक्सर ये तार टूटकर गिरते रहते हैं। जीटी रोड पर हमेशा वाहनों व लोगों का आना-जाना लगा रहता है। कई स्थानों पर तो एक खंभे से दर्जनों कनेक्शन दिए गए हैं। इससे तारों के बोझ से भी इनके टूटने की संभावना बनी रहती है। वहीं इन तारों के ऊपर हाईटेंशन तार गुजरा है। हाईटेंशन तार के टूटकर इन तारों पर गिरने के कारण बड़ी दुर्घटना घट सकती है।
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बिजली की रुक सकती है चोरी
पीडीडीयू नगर। एबीसी (एरियल बंच कंडक्टर) तार कवर्ड होते हैं। इनसे कनेक्शन दिए जाने से जहां दुर्घटना की आशंका कम हो सकती है खुले तारों से हो रही बिजली की चोरी को भी रोका जा सकता है। लोगों का कहना है कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण कनेक्शन ओर से बरती जा रही यह उदासीनता उनकी समझ से परे हैं। मुगलसराय के विद्युत वितरण खंड - 2 के एक्सईएन प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि एबीसी तारों से कनेक्शन करने के लिए तीन सर्किट के लाइन का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। अभी तक अनुमति व धन न मिलने के कारण कार्य रुका पड़ा है। अनुमति व धन मिलने के बाद कनेक्शन करा दिए जाएंगे।