डाला छठ में है लोक निर्मित कर्मकांड

Chandauli Updated Mon, 19 Nov 2012 12:00 PM IST
चकिया। भगवान सूर्य की ऊर्जा को आत्मसात कर जीवन को उन्नत बनाने की मंशा के तहत लोक निर्मित जन आस्था के महापर्व डाला छठ के विधि विधान भी लोक द्वारा गढ़े गए हैं। किसी मंत्र या कर्मकांड का मोहताज न रहने वाले उक्त महापूर्व में जन तथा पारिवारिक आस्था का अद्भुत समन्वय दिखाई देता है। इससे महापर्व की महत्ता पूरे भारत को अपने आगोश में समेटने को तत्पर है।
भगवान सूर्य की ऊर्जा को आत्मसात कर परिवार तथा व्यक्तिगत जीवन को सुख समृद्धि से भरने के उद्देश्य से महापर्व के सारे विधि विधान लोक द्वारा रचित हैं। इसमें न तो किसी मंत्र न कर्मकांड का दर्शन होता हैं, बल्कि भोजपुरी समाज के सूर्य तथा जीवन के विविध आयामों को लेकर गढ़े गए गीत ही इसके कर्मकांड की धूरी बन चुके हैं। बिहार के ग्रामीण क्षेत्र के औरंगाबाद जिले के सूर्य मंदिर से उठकर समूचे बिहार, पश्चिम बंगाल, पूर्वी उत्तर प्रदेश के साथ ही दिल्ली, मुंबई जैसे महानगरों को भी जन आस्था के महापर्व ने अपने प्रभाव से प्रभावित किया है। छठ महापर्व के चार दिनों के कठिन तथा श्रमसाध्य व्रत में परिवार की महिलाओं के साथ ही घर के पुरुषों की पर्व के प्रति श्रद्धा तथा तन्मयता देखते ही बनती है। छठ गीतों के भगवान भास्कर को समर्पित बोलों में संस्कृति के साथ ही सभ्यता का सागोपांग दर्शन होता है, जिससे इस महापर्व के प्रति जन जुड़ाव स्पष्ट झलकता है। ग्रामीण घरों के सूप, दौरी के साथ ही ग्रामीण खाद्य पदार्थों से निर्मित प्रसाद तथा ईख के गांठ से ही महापर्व की ग्रामीण विशिष्टता सामने आती है तथा अर्घ्य में सूर्य के प्रति आस्था तथा समर्पण के दर्शन होते हैं, जो आत्मियता से सराबोर लगता है। अर्घ्य के दौरान सूर्य की रश्मियों में छिपी शक्ति और ऊर्जा को शरीर में समाहित करने के लिए सूर्य नमस्कार, सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा भारतीय संस्कृति का हिस्सा रही है। लगभग 20 वर्षोें पूर्व चकिया क्षेत्र में बिहार से आई बहुओं ने इस लोक महापर्व की नींव रखी थी जो आज विशाल महल का रूप ले चुकी है तथा नक्सल प्रभावित क्षेत्र के तालाब, पोखरे, नदियां, नहरें सभी इस महापर्व की दिव्य आभा से आलोकित हो रही है। क्षेत्र के प्रसिद्ध समाजशास्त्री डा. विनय कुमार का कहना है कि जन द्वारा निर्मित पर्वों को जन ही मान्यता देता है। इसलिए महापर्व लगातार उत्कर्ष के शिखर की ओर अग्रसर है।

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