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श्रीराम ने पांव के स्पर्श से अहिल्या का किया उद्धार
Updated Sun, 14 Oct 2018 12:52 AM IST
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चहनिया। झोरी गाव में चल रही रामलीला में शुक्रवार को अहिल्या तारण व ताड़का वध का मंचन किया गया। कलाकारों का अभिनय देखकर दर्शक भावभिवोर हो गए। प्रभु श्रीराम के चरण का स्पर्श होते शीला रूपी अहिल्या का उद्धार हो गया।
वनगमन के दौरान जंगल में घूमते-घूमते दोनों भाई राम और लक्ष्मण एक सुंदर शिला के पास पहुंचे। अद्भुत शिला को देख श्रीराम ने गुरू विश्वामित्र से पूछा कि यह कैसी शिला है। तब गुरु ने कहा कि इनका अपने पैरों से छूकर उद्धार करो। गुरु के आदेश पर श्रीराम ने अपने पैरो से छूकर गौतम ऋषि की पत्नी अहिल्या का उद्धार किया। इसके बाद ताड़का वध का मंचन हुआ। जंगल में ऋषि मुनियों को परेशान कर रही ताड़का नामक राक्षसी वहां पहुंची और वह ऋषि-मुनियों को मारकर खाने लगी। जिस पर श्रीराम ने उसका वध कर दिया। मंचन में राम की भूमिका ऋषभ, लक्षमण की वैभव व विश्वामित्र की ब्रिगेडियर ने निभाई। अन्य कलाकारों में इंद्र विकास, चंद्रमा, उत्सव शामिल रहे।
वनगमन के दौरान जंगल में घूमते-घूमते दोनों भाई राम और लक्ष्मण एक सुंदर शिला के पास पहुंचे। अद्भुत शिला को देख श्रीराम ने गुरू विश्वामित्र से पूछा कि यह कैसी शिला है। तब गुरु ने कहा कि इनका अपने पैरों से छूकर उद्धार करो। गुरु के आदेश पर श्रीराम ने अपने पैरो से छूकर गौतम ऋषि की पत्नी अहिल्या का उद्धार किया। इसके बाद ताड़का वध का मंचन हुआ। जंगल में ऋषि मुनियों को परेशान कर रही ताड़का नामक राक्षसी वहां पहुंची और वह ऋषि-मुनियों को मारकर खाने लगी। जिस पर श्रीराम ने उसका वध कर दिया। मंचन में राम की भूमिका ऋषभ, लक्षमण की वैभव व विश्वामित्र की ब्रिगेडियर ने निभाई। अन्य कलाकारों में इंद्र विकास, चंद्रमा, उत्सव शामिल रहे।
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