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बरहनी ब्लाक प्रमुख पद को लेकर राजनीति हुई तेज
Updated Sat, 15 Sep 2018 01:12 AM IST
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बरहनी ब्लाक प्रमुख पद को लेकर रस्साकशी नामांकन के साथ ही तेज हो गई है। प्रमुख बनने के लिए सदस्यों को रुपये और बाइक देने का लालच दिया जा रहा है। अब 15 सितंबर को किसका पलड़ा भारी होगा, यह देखने वाली बात होगी।
वैसे तो प्रमुख रामानंद यादव को अविश्वास प्रस्ताव लाकर हटाने के बाद से ही प्रमुखी पद के लिए जोड़ तोड़ शुरू हो गई थी। प्रमुखी के चुनाव के लिए पिछले दिनों अधिसूचना जारी की गई। इसके बाद से अंदरखाने में रणनीति तय की जाने लगी। गुरुवार को पांच लोगों ने नामांकन पत्र दाखिल कर प्रमुखी पद पर दावा जताया है। नामांकन पत्र दाखिल करने वालों में पूर्व प्रमुख रामानंद यादव के भाई बलवीर सिंह यादव भी शामिल हैं। वहीं अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले गुड्डू गुप्ता ने भी दावेदारी जताई है। इनके साथ तीन अन्य लोगों ने नामांकन दाखिल किया है। विकास खंड में कुल 91 सदस्य हैं। ऐसे में बहुमत के लिए 46 सदस्यों का समर्थन चाहिए। ऐसे में प्रत्याशी इसको हासिल करने के लिए साम, दाम, दंड और भेद अपना रहे हैं। 14 को नाम वापसी है। इसके बाद लड़ाई की तस्वीर साफ होगी। अब किसका जोर कहां तक जाता है और कौन कुर्सी पर काबिज होगा, इसका फैसला 15 सितंबर को होगा लेकिन उसके पहले सदस्यों को अपने तरफ करने की लड़ाई तेज है।
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वैसे तो प्रमुख रामानंद यादव को अविश्वास प्रस्ताव लाकर हटाने के बाद से ही प्रमुखी पद के लिए जोड़ तोड़ शुरू हो गई थी। प्रमुखी के चुनाव के लिए पिछले दिनों अधिसूचना जारी की गई। इसके बाद से अंदरखाने में रणनीति तय की जाने लगी। गुरुवार को पांच लोगों ने नामांकन पत्र दाखिल कर प्रमुखी पद पर दावा जताया है। नामांकन पत्र दाखिल करने वालों में पूर्व प्रमुख रामानंद यादव के भाई बलवीर सिंह यादव भी शामिल हैं। वहीं अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले गुड्डू गुप्ता ने भी दावेदारी जताई है। इनके साथ तीन अन्य लोगों ने नामांकन दाखिल किया है। विकास खंड में कुल 91 सदस्य हैं। ऐसे में बहुमत के लिए 46 सदस्यों का समर्थन चाहिए। ऐसे में प्रत्याशी इसको हासिल करने के लिए साम, दाम, दंड और भेद अपना रहे हैं। 14 को नाम वापसी है। इसके बाद लड़ाई की तस्वीर साफ होगी। अब किसका जोर कहां तक जाता है और कौन कुर्सी पर काबिज होगा, इसका फैसला 15 सितंबर को होगा लेकिन उसके पहले सदस्यों को अपने तरफ करने की लड़ाई तेज है।
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