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शिक्षा मित्रों ने बुद्घि शुद्घि यज्ञ कर जताया विरोध
Updated Tue, 22 May 2018 01:01 AM IST
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चंदौली। शिक्षक बनने की जद्दोजहद में लगे शिक्षा मित्र एक बार फिर सरकार के खिलाफ मुखर होने लगे हैं। आदर्श समायोजित शिक्षक शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले शिक्षामित्रों ने सोमवार को विकास भवन के समीप धरना स्थल पर बुद्घि-शुद्घि यज्ञ कर अपना विरोध जताया। अध्यादेश लाकर पुन: शिक्षक पद पर बहाली की मांग की। अंत में कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासनिक अधिकारी को अपना मांग पत्र सौंपा।
शिक्षा मित्रों ने कहा कि सरकार शिक्षामित्रों के हित में ठोस कदम उठाए ताकि प्रदेश के एक लाख 70 हजार शिक्षा मित्रों का भविष्य सुरक्षित हो सके। कहा कि शिक्षा मित्र प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं। इसके योगदान को देखते हुए ही इन्हें सहायक अध्यापक पद पर समायोजित किया गया था। लेकिन वर्तमान में जो उपेक्षा हो रही है वह सही नहीं है। कहा कि बिहार और हरियाणा राज्यों की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी समान कार्य समान वेतन लागू होना चाहिए। कहा कि बुद्घि-शुद्घि यज्ञ इसीलिए किया गया है ताकि भगवान प्रदेश सरकार को सद्बुद्धि दें और शिक्षामित्रों के हितों की रक्षा हो सके। कहा कि यदि सरकार ने मांगों पर गंभीरता पूर्वक विचार नहीं किया जो शिक्षामित्रों एक बार फिर आंदोलन केे राह पर अग्रसर हो जाएंगे। इस अवसर पर विजय श्याम तिवारी, श्यामसुंदर सिंह, उमेश दूबे, सफल सिंह, संतोष सिंह, चंद्रशेखर राय, जाहिद, शंकर आदि रहे।
शिक्षा मित्रों ने कहा कि सरकार शिक्षामित्रों के हित में ठोस कदम उठाए ताकि प्रदेश के एक लाख 70 हजार शिक्षा मित्रों का भविष्य सुरक्षित हो सके। कहा कि शिक्षा मित्र प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं। इसके योगदान को देखते हुए ही इन्हें सहायक अध्यापक पद पर समायोजित किया गया था। लेकिन वर्तमान में जो उपेक्षा हो रही है वह सही नहीं है। कहा कि बिहार और हरियाणा राज्यों की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी समान कार्य समान वेतन लागू होना चाहिए। कहा कि बुद्घि-शुद्घि यज्ञ इसीलिए किया गया है ताकि भगवान प्रदेश सरकार को सद्बुद्धि दें और शिक्षामित्रों के हितों की रक्षा हो सके। कहा कि यदि सरकार ने मांगों पर गंभीरता पूर्वक विचार नहीं किया जो शिक्षामित्रों एक बार फिर आंदोलन केे राह पर अग्रसर हो जाएंगे। इस अवसर पर विजय श्याम तिवारी, श्यामसुंदर सिंह, उमेश दूबे, सफल सिंह, संतोष सिंह, चंद्रशेखर राय, जाहिद, शंकर आदि रहे।
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