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एनओसी न मिलने से उपकेंद्र से नहीं जुड़ी लाइन
Updated Mon, 04 Sep 2017 01:15 AM IST
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शिकारगंज। वन विभाग की एनओसी न मिलने से चकिया विद्युत केंद्र से जागेश्वरनाथ उपकेंद्र की लाइन को जोड़ा नहीं जा सका है। इससे जागेश्वरनाथ उपकेंद्र पर आधारित सौ गांवों की बिजली आपूर्ति व्यवस्था बदहाल है। वन भूमि पर सिर्फ बीस पोल गाड़ने हैं लेकिन वन विभाग ने 25 शर्तों का पुलिंदा विभाग को थमा दिया है। इसे पूरा करना अत्यंत कठिन है। बिजली विभाग की माने तो जनप्रतिनिधियों और विभागीय उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप से ही मामला सुलझ सकता है।
वर्ष 2001 में तत्कालीन मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने जागेश्वरनाथ उपकेंद्र का निर्माण कराया था। यहां चुनार के पिरल्लीपुर 132 केवी उपकेंद्र से बिजली आपूर्ति होती है। करीब चालीस किलोमीटर दूर से बिजली आपूर्ति होने से काफी दिक्कत होती थी। पिछले दिनों बिजली विभाग ने सर्वे के बाद जागेश्वरनाथ उपकेंद्र को मात्र चार किलोमीटर दूर चकिया 132 केवी उपकेंद्र से जोड़ने का प्रस्ताव दिया था। शासन द्वारा जागेश्वरनाथ उपकेंद्र को सुदृढ़ करने के लिए फीडरों की संख्या बढ़ाने, ट्रांसफार्मर की क्षमता पांच एमवी से बढ़ाकर दस एमबी करने आदि के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत धन मुक्त कर दिया। फीडर बढ़ाने, ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने के बाद उपकेंद्र की लाइन चकिया से जोड़ने का काम भी शुरू हो गया लेकिन दो माह पहले जब काम करा रही संस्था ने वन विभाग से एनओसी मांगा तो 25 शर्तों का पुलिंदा थमा दिया गया। इससे उपकेंद्रों के जोड़ने का काम खटाई में पड़ता दिख रहा है। इस संबंध में उपखंड अधिकारी गोपाल सिंह ने बताया कि उपकेंद्र से बैरा जंगल मार्ग होते हुए सोनहूल तिराहे तक लाईन बनानी है। इसके लिए बैरा जंगल मार्ग पर पोल लगाने को विभाग द्वारा सर्वे रिपोर्ट लाईन डाईग्राम प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय को सौंप दी गई है। वन विभाग के चकिया वन रेंजर नंदलाल कुशवाहा का कहना है कि इस प्रकरण में सर्वे कराकर रिपोर्ट को प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय भेज दी गई है। भाजपा मंडल अध्यक्ष भगवान दास मौर्या ने बताया कि जनप्रतिनिधियों के माध्यम से अवरुद्ध होने वाले कार्य को पूरा कराने के लिए शासन को अवगत कराया जाएगा। क्षेत्र के संतोष जायसवाल, मुन्ना दूबे, अनिल सिंह,राजेश शर्मा आदि जनहित से जूड़े कार्यों में विभागीय अड़ंगा न डालने की मांग की है।
वर्ष 2001 में तत्कालीन मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने जागेश्वरनाथ उपकेंद्र का निर्माण कराया था। यहां चुनार के पिरल्लीपुर 132 केवी उपकेंद्र से बिजली आपूर्ति होती है। करीब चालीस किलोमीटर दूर से बिजली आपूर्ति होने से काफी दिक्कत होती थी। पिछले दिनों बिजली विभाग ने सर्वे के बाद जागेश्वरनाथ उपकेंद्र को मात्र चार किलोमीटर दूर चकिया 132 केवी उपकेंद्र से जोड़ने का प्रस्ताव दिया था। शासन द्वारा जागेश्वरनाथ उपकेंद्र को सुदृढ़ करने के लिए फीडरों की संख्या बढ़ाने, ट्रांसफार्मर की क्षमता पांच एमवी से बढ़ाकर दस एमबी करने आदि के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत धन मुक्त कर दिया। फीडर बढ़ाने, ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने के बाद उपकेंद्र की लाइन चकिया से जोड़ने का काम भी शुरू हो गया लेकिन दो माह पहले जब काम करा रही संस्था ने वन विभाग से एनओसी मांगा तो 25 शर्तों का पुलिंदा थमा दिया गया। इससे उपकेंद्रों के जोड़ने का काम खटाई में पड़ता दिख रहा है। इस संबंध में उपखंड अधिकारी गोपाल सिंह ने बताया कि उपकेंद्र से बैरा जंगल मार्ग होते हुए सोनहूल तिराहे तक लाईन बनानी है। इसके लिए बैरा जंगल मार्ग पर पोल लगाने को विभाग द्वारा सर्वे रिपोर्ट लाईन डाईग्राम प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय को सौंप दी गई है। वन विभाग के चकिया वन रेंजर नंदलाल कुशवाहा का कहना है कि इस प्रकरण में सर्वे कराकर रिपोर्ट को प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय भेज दी गई है। भाजपा मंडल अध्यक्ष भगवान दास मौर्या ने बताया कि जनप्रतिनिधियों के माध्यम से अवरुद्ध होने वाले कार्य को पूरा कराने के लिए शासन को अवगत कराया जाएगा। क्षेत्र के संतोष जायसवाल, मुन्ना दूबे, अनिल सिंह,राजेश शर्मा आदि जनहित से जूड़े कार्यों में विभागीय अड़ंगा न डालने की मांग की है।
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