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तीन सचिव और पांच प्रधानों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज

Sat, 12 Aug 2017 01:12 AM IST
Updated Sat, 12 Aug 2017 01:12 AM IST
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तीन सचिव और पांच प्रधानों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज

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चंदौली। धानापुर और चहनियां विकास खंड के पांच ग्राम पंचायतों में शौचालय निर्माण में हुए 56 लाख 40 हजार रुपये गबन के मामले में शुक्रवार को तीन ग्राम सचिवों और पांच प्रधानों के विरुद्ध संबंधित थानों में प्राथमिकी दर्ज करा दी गई। डीपीआरओ ने बताया कि घोटाले में संलिप्त रही कार्यदायी संस्था के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी के स्तर से शासन को पत्र प्रेषित किया जाएगा। इस प्रकरण की जांच के लिए एडीओ पंचायतों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
गंगा एक्शन प्लान और स्वच्छ भारत मिशन के तहत धानापुर और चहनियां ब्लाक के पांच ग्राम पंचायतों में शौचालय निर्माण में 56 लाख 40 हजार रुपये के गबन का मामला सामने आने पर पंचायती राज विभाग में हड़कंप मच गया। मामला पुष्ट होने के बाद डीपीआरओ ने रामपुर दीया, हिंगुतरगढ़, जमालपुर, कैली और रौना गांवों के ग्राम पंचायत सचिवों त्रिलोकी सिंह, रुस्तम अली और अरविंद कुमार को निलंबित कर दिया। शुक्रवार को इसी मामले में तीनों सचिवों के अलावा संबंधित ग्राम प्रधानों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज करा दी गई। डीपीआरओ ने बताया कि तीन सचिव और पांच ग्राम प्रधानों के विरुद्घ धारा 409 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। वहीं लखनऊ की जिस संस्था से मिली भगत कर सचिवों और प्रधानों ने गबन किया था उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी स्तर से शासन को पत्र प्रेषित किया जाएगा।
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चंदौली (ब्यूरो)। शौचालयों के निर्माण में हुए घोटाले में पंचायती राज विभाग के एक डीपीसी(जिला कार्यक्रम समन्वयक) की भूमिका भी सामने आ रही है। फिलहाल कार्रवाई के डर से डीपीसी बगैर सूचना के कार्यालय से गायब हो गया है। बताया जाता है कि लखनऊ की जिस संस्था को शौचालय निर्माण के लिए अग्रिम भुगतान किया गया था उसमें डीपीसी का भी बहुत बड़ा हाथ था। सूत्रों की मानें तो जनपद में नियुक्त एक उच्चाधिकारी का डीपीसी को संरक्षण प्राप्त था। दोनों ने मिलकर संस्था को अनुचित लाभ प्रदान किया था। सूत्र यह भी बताते हैं कि शौचालय निर्माण में हुआ घोटाला लाखों में नहीं बल्कि करोड़ों रुपये का है। जिला पंचायत राज अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि कार्यालय का डीपीसी भी जांच के घेरे में है। प्रकरण सामने आने के बाद से वह कार्यालय नहीं आ रहा है। बताया कि शौचालय निर्माण से पूर्व ग्राम पंचायतों को जारी किए गए 88 लाख 24 हजार रुपये वापस मंगा लिए गए हैं। कई अन्य ग्राम पंचायतों से भी रुपये वापस मंगाए जा रहे हैं।
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