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पंचायती राज विभाग में 49 लाख का गड़बड़ झाला
Updated Sat, 16 Jun 2018 01:04 AM IST
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चंदौली। जनपद के पंचायती राज विभाग में 49 लाख का गड़बड़ झाला सामने आया है। डीएम और सीडीओ के अनुमोदन के बगैर तत्कालीन डीपीआरओ द्वारा ब्लाकों में कैलेंडर और होर्डिंग लगाने के लिए 49 लाख रुपये का भुगतान करने के लिए पत्र जारी करने का मामला प्रकाश में आया है। इसका खुलासा उस समय हुआ आपूर्तिकर्ता ने भुुगतान की गुहार लगाई। मामले संज्ञान में आने के बाद शुक्रवार को सीडीओ ने डीपीआरओ उमाशंकर मिश्र को इस मामले की जांच करने का निर्देश दिया है। साथ ही इसमें लिप्त संबंधित कर्मियों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
स्वच्छ भारत मिशन के ब्लाक मुख्यालयों पर जागरूकता के लिए कैलेंडर और होर्डिंग लगाने के लिए एक साल पहले पंचायती राज विभाग को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। तत्कालीन डीपीआरओ अनिल सिंह ने बुलंदशहर की निजी आपूर्तिकर्ता कंपनी को 49 लाख रुपये में कैलेंडर और होर्डिंग आपूर्ति का ठेका दिया था। तत्कालीन डीपीआरओ ने डीएम और सीडीओ के बिना अनुमोदन के ही प्रस्ताव तैयार कर कंपनी को कार्य करने के लिए पत्र जारी कर दिया। इसी बीच अनिल सिंह का तबादला हो गया। विभाग की ओर से धनराशि का भुगतान न होने पर आपूर्तिकर्ता ने उच्चाधिकारियों से मिलकर गुहार लगाई। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद अपूर्तिकर्ता ने अदालत की शरण ली है। बताया जा रहा है कि इस मामले में पीएमओ ने भी जिला प्रशासन से पूरी रिपोर्ट तलब की है। सीडीओ डा. अभय कुमार श्रीवास्तव ने शुक्रवार को डीपीआरओ उमाशंकर मिश्रा पत्रावली के साथ आफिस तलब किया। उन्होंने तत्काल नोट सीट तैयार करने और पूरे मामले की जांच करने का निर्देश दिया। सीडीओ डा. एके श्रीवास्तव ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। अनियमितता में शामिल सम्बंधित-अधिकारियों कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होगी।
स्वच्छ भारत मिशन के ब्लाक मुख्यालयों पर जागरूकता के लिए कैलेंडर और होर्डिंग लगाने के लिए एक साल पहले पंचायती राज विभाग को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। तत्कालीन डीपीआरओ अनिल सिंह ने बुलंदशहर की निजी आपूर्तिकर्ता कंपनी को 49 लाख रुपये में कैलेंडर और होर्डिंग आपूर्ति का ठेका दिया था। तत्कालीन डीपीआरओ ने डीएम और सीडीओ के बिना अनुमोदन के ही प्रस्ताव तैयार कर कंपनी को कार्य करने के लिए पत्र जारी कर दिया। इसी बीच अनिल सिंह का तबादला हो गया। विभाग की ओर से धनराशि का भुगतान न होने पर आपूर्तिकर्ता ने उच्चाधिकारियों से मिलकर गुहार लगाई। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद अपूर्तिकर्ता ने अदालत की शरण ली है। बताया जा रहा है कि इस मामले में पीएमओ ने भी जिला प्रशासन से पूरी रिपोर्ट तलब की है। सीडीओ डा. अभय कुमार श्रीवास्तव ने शुक्रवार को डीपीआरओ उमाशंकर मिश्रा पत्रावली के साथ आफिस तलब किया। उन्होंने तत्काल नोट सीट तैयार करने और पूरे मामले की जांच करने का निर्देश दिया। सीडीओ डा. एके श्रीवास्तव ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। अनियमितता में शामिल सम्बंधित-अधिकारियों कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होगी।
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