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सुरक्षा व्यवस्था में हैं छेद ही छेद
Updated Sat, 15 Jul 2017 01:23 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
मुगलसराय। भारत के अति व्यस्ततम रेलवे स्टेशनों में दूसरा स्थान रखने वाला और एशिया में सबसे बड़े यार्ड के रूप में मशहूर मुगलसराय रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था में छेद ही छेद हैं। अपराध को अंजाम दे अपराधी आसानी से निकल जाएगा और किसी को भनक तक नहीं लगेगी। इसके अतिरिक्त प्रशासनिक कमियों को दूर नहीं किए जाने से यहां पर किसी दिन बड़ी घटना भी हो जाए तो आश्चर्य नहीं होगा। अगर यह कहा जाए कि मात्र जीआरपी के 31 सीसीटीवी कैमरे और दस एचएचएमडी के सहारे है मुगलसराय रेलवे स्टेशन और यार्ड की सुरक्षा तो अतिशयोक्ति नहीं होगी।
यातायात की दृष्टिकोण से भारत में इटारसी के बाद दूसरा नंबर मुगलसराय का है। लेकिन सुरक्षा मानकों में यह ए प्लस श्रेणी का स्टेशन होने के बावजूद यहां पर सुरक्षा को पूरी करने वाली न्यूनतम सुविधाएं भी नहीं हैं। यात्रियों की जांच के लिए जीआरपी द्वारा वर्षों पहले प्रवेश द्वार पर रखे दो डीएफएमडी खराब हो जाने के कारण लौटा दिए गए हैं। जांच के नाम जीआरपी के पास मात्र दस एचएचएमडी (हाई हैंड मेटल डिटेक्टर) हैं जिनसे काम चलाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त निगहबानी के लिए जीआरपी के पास 31 सीसीटीवी कैमरे हैं जिनमें से पांच अभी खराब हैं। आरपीएफ के पास न तो मेटल डिटेक्टर है और न ही सीसीटीवी कैमरे जबकि मुगलसराय रेलवे स्टेशन तीन तरफ से पूरी तरह खुला है। वहीं आठ किलोमीटर लंबे यार्ड में आज तक कहीं भी बैरिकेडिंग नहीं की गई है। पूर्ववर्ती कमांडेंटों ने इसके लिए प्रयास भी किया लेकिन प्रयास विफल रहा। तीन माह पूर्व नई दिल्ली से राजेंद्र नगर टर्मिनल जा रही पटना राजधानी एक्सप्रेस में पूर्व मध्य रेलवे दानापुर मंडल के गहमर रेलवे स्टेशन के आउटर पर नौ अप्रैल की भोर में करीब सवा तीन बजे डकैती की घटना के बाद रेलवे सुरक्षा बल ने मंडल रेल प्रबंधक से सुरक्षा व्यवस्था चौकस करने के नाम पर 43 स्थानों को चिह्नित कर सीसीटीवी कैमरे लगवाने को कहा था जिसे डीआरएम ने तत्काल संस्तुति भी दे दी थी लेकिन तीन माह बीत जाने के बाद भी न तो कैमरे लगे और न ही सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई।
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जांच के नाम पर डाग स्क्वायड है आरपीएफ के पास
मुगलसराय (ब्यूरो)। आरपीएफ के पास सुरक्षा के नाम पर जांच के लिए एक मात्र डाग स्क्वायड है जो जरूरत पड़ने पर बुलाया जाता है। इसके अतिरिक्त न तो एचएचएमडी है और न ही कोई अन्य अत्याधुनिक उपकरण जिससे वे जरूरत पड़ने पर स्वतंत्र जांच कर सकें। आरपीएफ मुगलसराय पोस्ट के इंचार्ज वेंकटेश कुमार ने बताया कि रेल संपत्तियों और यात्रियों की सुरक्षा में जाने वाले एस्कोर्टिंग पार्टियों के पास सुरक्षा व्यवस्था के पर्याीप्त इंतजाम रहते हैं। जरूरत पड़ने पर जीआरपी से मदद ली जाती है।
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मुगलसराय यार्ड और रेेलवे स्टेशन पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं। सुरक्षा व्यवस्था में कहीं से कमी नहीं है। चिह्नित स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे शीघ्र ही लगवा दिए जाएंगे। - रमेश चंद्र, वरीय मंडल सुरक्षा आयुक्त, पूर्व मध्य रेलवे मुगलसराय।