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Chandauli News: एक महीने में 800 लोगों को कुत्तों ने काटा, 67 साल में एक भी नहीं पकड़ा गया

Sun, 25 Jan 2026 02:45 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 25 Jan 2026 02:45 AM IST
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800 people were bitten by dogs in a month, but not a single one was caught in 67 years.
पीडीडीयू राजकीय महिला चिकित्सालय में एंटी रैबिज का इंजेक्शन लगाते स्वास्थ्यकर्मी। संवाद
पीडीडयू नगर। नगर में एक महीने में आवारा कुत्तों ने 800 से ज्यादा लोगों को काटकर घायल कर दिया। हर रोज 25-30 लोगों पर कुत्ते हमला कर रहे हैं। वहीं, नगर पालिका प्रशासन ने 67 साल में एक को भी कुत्ते को नहीं पकड़ा। पालिका के पास ना तो कुत्तों को पकड़कर शेल्टर होम में रखने की व्यवस्था है और न बंध्याकरण के इंतजाम हैं।
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नगर की सड़कों पर आवारा कुत्ते आए दिन लोगों को हमला कर रहे हैं। सबसे ज्यादा समस्या रात में बाइक से गुजरने वालों को होती है। रात में कुत्ते कई बार हमलावर हो जाते हैं। प्रतिदिन 25 से 30 लोग राजकीय महिला अस्पताल एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं।
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यहां हर महीने 800 के ज्यादा लोगों को एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाया जा रहा है। इसके बाद भी नगर पालिका प्रशासन कुत्तों को पकड़ने और उनकी नसबंदी का कोई इंतजाम कोई इंतजाम नहीं कर रहा। वर्ष 1958 में नगर पालिका की स्थापना हुई थी। तब से अब तक नगर पालिका प्रशासन ने एक भी कुत्ते को नहीं पकड़ा।
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नगर पालिका क्षेत्र के 25 वार्डों में लगभग डेढ़ लाख आबादी रहती है। प्रत्येक वार्ड में कुत्तों की भरमार है। नगर में कुत्तों की संख्या लगभग ढाई हजार से ज्यादा हो चुकी है।
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केस-1
- पीडीडीयू नगर के सर्कस रोड के रहने वाले अवधेश नारायण (50) रात में घर जा रहे थे। रास्ते में उन्हें एक कुत्ते ने दौड़ाकर काट लिया। आसपास के लोगों ने डंडा पटक कर कुत्ते को भगाया, नहीं तो कुत्ता उन्हें ज्यादा नुकसान पहुंचा सकता था।
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केस-2

- पीडीडीयू नगर के सुभाष नगर की रहने वाली प्रियंका कुमारी (36) बाजार से अपने घर लौट रही थी। रास्ते में खड़े एक कुत्ते ने अचानक उन पर हमला कर दिया। इससे उन्हें गहरा जख्म हो गया और काफी खून बह गया। इस समय उनका इलाज चल रहा है।
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रात में ज्यादा आक्रामक हो जाते हैं कुत्ते
आवारा कुत्ते दिन के मुकाबले रात में ज्यादा आक्रामक हो जाते हैं। इसलिए रात में आने-जाने वाले लोगों, बच्चों और बुजुर्गों पर हमले की घटनाएं ज्यादा हो रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम के बाद गलियों में कुत्तों का झुंड सक्रिय हो जाता है, जिससे बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।
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दुलहीपुर में सबसे ज्यादा पीड़ित
राजकीय महिला अस्पताल में नगर के अलावा आसपास के क्षेत्र के लोग एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने आते हैं। ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले पीड़ितों में दुलहीपुर के लोगों की संख्या सबसे ज्यादा है। यहां से पांच से छह लोग इंजेक्शन लगवाने आ रहे हैं।
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कोट---
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कुत्तों के काटने के मामले लगातार बढ़ रहे है। यही वजह है कि राजकीय महिला अस्पताल में एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगवाने वालों की संख्या बढ़ी है। - डॉ. एसके चतुर्वेदी, प्रभारी चिकित्साधिकारी, राजकीय महिला अस्पताल, पीडीडीयू नगर



कोट------
आवारा कुत्तों को पकड़ने और उनकी नसबंदी के लिए फिलहाल कोई इंतजाम नहीं है। हालांकि शेल्टर होम के लिए जमीन चिह्नित की गई है। शासन के निर्देश बाद निर्माण कराया जाएगा। - राजीव मोहन सक्सेना, ईओ, नगर पालिका पीडीडीयू नगर
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